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15 दिन बीते, नए डीसी की इंतजार में फतेहाबाद जिला , कई प्रशासनिक काम अटके
Updated Mon, 12 Jun 2017 11:53 PM IST
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अमित रूखाया
फतेहाबाद।
प्रदेश सरकार फतेहाबाद के उपायुक्त एनके सोलंकी के सेवानिवृत्त होने के बाद नए उपायुक्त की नियुक्ति करना भूल गई है। डीसी को सेवानिवृत्त हुए 13 दिन का समय बीत गया है, लेकिन नया कौन आएगा इस पर कोई नाम सामने नहीं आया है। एडीसी डॉ. जेके अभीर बतौर कार्यकारी उपायुक्त जिम्मेदारी को संभाल रहे हैं, लेकिन कई अन्य ऐसे काम लगातार लंबित चले आ रहे हैं। जिन्हें केवल पूर्णकालिक उपायुक्त ही निबटा सकता है। कई बार तो लोगों को फरियाद लेकर आने के बाद पता चलता है कि एडीसी दूसरी जगह पर काम से गए हैं। ऐसे में लोगों को निराश होकर वापस लौटना पड़ता है। आखिरकार एडीसी भी कहां-कहां तक पहुंचे।
आर्म्स लाइसेंस का काम पिछले तीन माह से अटका
बता दें कि जिले में आर्म्स लाइसेंस का काम पिछले तीन माह से अटका हुआ है। पूर्व डीसी ने अपनी सेवानिवृत्ति से करीब दो माह पहले ही आर्म्स लाइसेंस की फाइलों को क्लियर करने पर रोक लगा दी थी। उस समय रतिया व्यापार मंडल अध्यक्ष ने तत्कालीन उपायुक्त पर आर्म्स लाइसेंस काम न करने के आरोप तक लगाए थे। आर्म्स लाइसेंस का काम अब तक पेंडिंग हैं। वहीं बतौर कार्यकारी उपायुक्त डॉ. जेके अभीर भी आर्म्स लाइसेंस की फाइलें क्लियर करने से बच रहे हैं। उन्होंने आर्म्स लाइसेंस अब तक एक भी फाइल पास नहीं किया। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार उपायुक्त कार्यालय में आर्म्स लाइसेंस से संबंधित लगभग दो दर्जन फाइलें लंबित पड़ी हैं।
कई विभागों की इंक्वायरी का काम भी अधूरा
उपायुक्त के कार्यकाल में कई विभागों में भ्रष्टाचार व अन्य कई प्रकार के मामलों की जांच प्रक्रिया जारी थी। इस बीच उपायुक्त की रिटायरमेंट हो गई, लेकिन कई मामलों की जांच अभी तक जारी है। आमतौर पर इंक्वायरी के मामले में पूर्णकालिक अधिकारी ही देखता है। कार्यकारी अधिकारी अक्सर ऐसे मामलों को हाथ तक नहीं लगाते। फतेहाबाद तहसील कार्यालय में पिछले दिनों भ्रष्टाचार के कई मामले उजागर हुए थे जिनकी शिकायत सीपीएस सीमा त्रिखा को की गई थी तो उन्होंने इसकी जांच उपायुक्त कार्यालय को सौंपी थी। लेकिन उपायुक्त सोलंकी की रिटायरमेंट के बाद वो जांच भी अधूरी ही रह गई। सीपीएस ने उपायुक्त कार्यालय को एक सप्ताह में जांच रिपोर्ट सौंपने को कहा था, लेकिन अब कोई अधिकारी मौके पर होगा तो ही जाकर जांच पूरी होगी।
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एडीसी कार्यालय पर पहले ही काम का काफी बोझ, अब नया कार्यभार भी मिला
एडीसी डॉ. जेके अभीर के दफ्तर पर पहले ही काम काफी है। उनके कार्यकाल में फतेहाबाद ओडीएफ, स्टे कैटल फ्री और स्वच्छता मिशन की ओर बढ़ा है। इसके अलावा बीपीएल, मनरेगा और पंचायतों के अलावा सीएम घोषणाओं के काम भी सीधा अतिरिक्त उपायुक्त कार्यालय ही डील करता है। ऐसे में उपायुक्त सोलंकी के बाद डीसी दफतर का काम भी उनके पास आ गया है। कई बार एडीसी के फील्ड में जाने के चलते सचिवालय में आने वाले फरियादी अपनी समस्या उन तक नहीं पहुंचा पाते और उन्हें बार-बार सचिवालय के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।
अमर उजाला खास खबर...
सरकार! 13 दिन बीत गए, कब आएंगे जिले में नए डीसी
नए डीसी की इंतजार में फतेहाबाद जिला, कई प्रशासनिक काम अटके
ना आर्म्स लाइसेंस निकल रहे, कई विभागों की इंकावायरी भी अधर में रुकी
एडीसी कार्यालय पर बढ़ा बोझ, पहले से ही ओडीएफ, कैटल फ्री और स्वच्छ भारत में उलझे हैं डा. अभीर
12एफटीबीपी10 : डीसी दफ्तर में खाली पड़ी उपायुक्त की सरकारी कुर्सी ।
12एफटीबीपी11 : एडीसी कार्यालय के बाहर फरियादियों की लगी भीड़ जबकि एडीसी अंदर अधिकारियों की बैठक ले रहे थे।
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फतेहाबाद।
प्रदेश सरकार फतेहाबाद के उपायुक्त एनके सोलंकी के सेवानिवृत्त होने के बाद नए उपायुक्त की नियुक्ति करना भूल गई है। डीसी को सेवानिवृत्त हुए 13 दिन का समय बीत गया है, लेकिन नया कौन आएगा इस पर कोई नाम सामने नहीं आया है। एडीसी डॉ. जेके अभीर बतौर कार्यकारी उपायुक्त जिम्मेदारी को संभाल रहे हैं, लेकिन कई अन्य ऐसे काम लगातार लंबित चले आ रहे हैं। जिन्हें केवल पूर्णकालिक उपायुक्त ही निबटा सकता है। कई बार तो लोगों को फरियाद लेकर आने के बाद पता चलता है कि एडीसी दूसरी जगह पर काम से गए हैं। ऐसे में लोगों को निराश होकर वापस लौटना पड़ता है। आखिरकार एडीसी भी कहां-कहां तक पहुंचे।
आर्म्स लाइसेंस का काम पिछले तीन माह से अटका
बता दें कि जिले में आर्म्स लाइसेंस का काम पिछले तीन माह से अटका हुआ है। पूर्व डीसी ने अपनी सेवानिवृत्ति से करीब दो माह पहले ही आर्म्स लाइसेंस की फाइलों को क्लियर करने पर रोक लगा दी थी। उस समय रतिया व्यापार मंडल अध्यक्ष ने तत्कालीन उपायुक्त पर आर्म्स लाइसेंस काम न करने के आरोप तक लगाए थे। आर्म्स लाइसेंस का काम अब तक पेंडिंग हैं। वहीं बतौर कार्यकारी उपायुक्त डॉ. जेके अभीर भी आर्म्स लाइसेंस की फाइलें क्लियर करने से बच रहे हैं। उन्होंने आर्म्स लाइसेंस अब तक एक भी फाइल पास नहीं किया। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार उपायुक्त कार्यालय में आर्म्स लाइसेंस से संबंधित लगभग दो दर्जन फाइलें लंबित पड़ी हैं।
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कई विभागों की इंक्वायरी का काम भी अधूरा
उपायुक्त के कार्यकाल में कई विभागों में भ्रष्टाचार व अन्य कई प्रकार के मामलों की जांच प्रक्रिया जारी थी। इस बीच उपायुक्त की रिटायरमेंट हो गई, लेकिन कई मामलों की जांच अभी तक जारी है। आमतौर पर इंक्वायरी के मामले में पूर्णकालिक अधिकारी ही देखता है। कार्यकारी अधिकारी अक्सर ऐसे मामलों को हाथ तक नहीं लगाते। फतेहाबाद तहसील कार्यालय में पिछले दिनों भ्रष्टाचार के कई मामले उजागर हुए थे जिनकी शिकायत सीपीएस सीमा त्रिखा को की गई थी तो उन्होंने इसकी जांच उपायुक्त कार्यालय को सौंपी थी। लेकिन उपायुक्त सोलंकी की रिटायरमेंट के बाद वो जांच भी अधूरी ही रह गई। सीपीएस ने उपायुक्त कार्यालय को एक सप्ताह में जांच रिपोर्ट सौंपने को कहा था, लेकिन अब कोई अधिकारी मौके पर होगा तो ही जाकर जांच पूरी होगी।
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एडीसी कार्यालय पर पहले ही काम का काफी बोझ, अब नया कार्यभार भी मिला
एडीसी डॉ. जेके अभीर के दफ्तर पर पहले ही काम काफी है। उनके कार्यकाल में फतेहाबाद ओडीएफ, स्टे कैटल फ्री और स्वच्छता मिशन की ओर बढ़ा है। इसके अलावा बीपीएल, मनरेगा और पंचायतों के अलावा सीएम घोषणाओं के काम भी सीधा अतिरिक्त उपायुक्त कार्यालय ही डील करता है। ऐसे में उपायुक्त सोलंकी के बाद डीसी दफतर का काम भी उनके पास आ गया है। कई बार एडीसी के फील्ड में जाने के चलते सचिवालय में आने वाले फरियादी अपनी समस्या उन तक नहीं पहुंचा पाते और उन्हें बार-बार सचिवालय के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।
अमर उजाला खास खबर...
सरकार! 13 दिन बीत गए, कब आएंगे जिले में नए डीसी
नए डीसी की इंतजार में फतेहाबाद जिला, कई प्रशासनिक काम अटके
ना आर्म्स लाइसेंस निकल रहे, कई विभागों की इंकावायरी भी अधर में रुकी
एडीसी कार्यालय पर बढ़ा बोझ, पहले से ही ओडीएफ, कैटल फ्री और स्वच्छ भारत में उलझे हैं डा. अभीर
12एफटीबीपी10 : डीसी दफ्तर में खाली पड़ी उपायुक्त की सरकारी कुर्सी ।
12एफटीबीपी11 : एडीसी कार्यालय के बाहर फरियादियों की लगी भीड़ जबकि एडीसी अंदर अधिकारियों की बैठक ले रहे थे।