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पुलिस सुरक्षा में जेसीबी लेकर गए नप अधिकारियों की किसानों से तूं-तड़ाक, सेनेटरी इंस्पेक्टर पर धमकी देने का आरोप
Updated Thu, 19 Jul 2018 12:26 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
फतेहाबाद। बीघड़ रोड पर बना नगर परिषद का डंपिंग जोन साथ लगती जमीनों के किसानों व नगर परिषद के अधिकारियों के बीच जंग का मैदान बनता जा रहा है। मंगलवार को हुई तल्खी के बाद बुधवार सुबह नगर परिषद के अधिकारी पुलिस सुरक्षा में जेसीबी लेकर कचरा डंपिंग जोन में डालने के लिए पहुंचे लेकिन किसानों ने फिर नगर परिषद के अधिकारियों का रास्ता रोक लिया। इस दौरान पुलिसकर्मियों के सामने ही नप अफसरों और किसानों के बीच जमकर बहस हुई। गुस्साए किसानों ने जेसीबी के सामने खड़े होकर डंपिंग जोन की ओर जाने का रास्ता ब्लॉक कर दिया। किसानों का आरोप है कि नप टीम में शामिल रहे सेनेटरी इंस्पेक्टर शिव कुमार ने किसानों पर जेसीबी चढ़ाने की धमकी भी दी। बाद में नप ईओ अमन ढांडा के साथ फोन पर हुई बातचीत के बाद जाकर किसान माने और उन्होंने जेसीबी को डंपिंग जोन में जाने दिया। लेकिन साथ ही ये चेतावनी भी दे डाली कि अगर जल्द ही डंपिंग जोन की चहारदीवारी न करवाई गई वे अधिकारियों व ट्रालियों को यहां आने ही नहीं देेंगे।
पुलिस बुलाने पर भड़के किसान
बुधवार अलसुबह नगर परिषद के सेनेटरी इंस्पेक्टर शिव कुमार सफाई निरीक्षक ईश्वरचंद्र व अन्य कर्मचारी डंपिंग जोन पर पहुंचे और जेसीबी की मदद से कचरा अंदर डालने लगे। इसी दौरान आसपास की जमीनों के किसान राज कुमार, विक्रम मताना, डा. नरसी राम, मताना गांव के सरपंच संजय रूखाया आदि पहुंच गए और जेसीबी लगाने का विरोध शुरू कर दिया। किसानों का कहना था कि जब तक नगर परिषद के अधिकारी डम्पिंग जोन की चहारदीवारी नहीं करते, तब तक डंपिंग जोन में कचरा डालने नहीं दिया जाएगा। इस पर सेनेटरी इंस्पेक्टर शिव कुमार भी ताव में आ गए और किसानों को चेतावनी दी कि अगर सरकारी काम में बाधा पहुंचाई तो वे उनके खिलाफ कानूनी कार्यवाही करेंगे। इस पर भी किसान नहीं माने तो नगर परिषद अधिकारियों ने पुलिस को सूचित कर दिया। पुलिस टीम के वहां पहुंचने पर हालात और बिगड़ गए। बाद में पुलिसकर्मियों ने ही किसानों को शांत करवाया।
ईओ ने फोन पर दिया आश्वासन तो शांत हुए किसान
नगर परिषद सेनेटरी इंस्पेक्टर शिवकुमार व किसानों के बीच माहौल गर्माते देखकर पुलिसकर्मियों ने किसानों की बात ईओ अमन ढांडा से करवाई। किसानों ने साफ कहा कि जब तक डंपिंग जोन की चहार दीवारी नहीं करवाई जाती तो वे कचरा नहीं डालने देंगे। इस पर ईओ ने उन्हें आश्वासन दिया कि बहुत जल्द डंपिंग जोन की चहारदीवारी करवा दी जाएगी और इसके लिए किसानों को दोबारा संघर्ष का रास्ता अख्तियार नहीं करना पड़ेगा तो जाकर किसान शांत हुए और उन्होंने जेसीबी को डंपिंग जोन में जाने की इजाजत दी।
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ये है सारा मामला
शहर से तकरीबन 4 किलोमीटर दूर बीघड़ रोड़ पर डीएवी स्कूल के पीछे नगर परिषद का डम्पिंग यार्ड है जहां पर सारे शहर का कचरा लाकर डाला जाता है। पिछले कुछ समय से यहां पर कचरा डालने की जगह नहीं बची। इसके चलते कई बार नगर परिषद के कर्मचारी ट्रालियों में भरा कचरा डम्पिंग यार्ड के मुहाने पर फेंक जाते हैं। जिसके चलते कचरा उड़कर आसपास के खेतों में चला जाता है। किसानों का आरोप है कि इस कारण उनकी जमीन बंजर होती जा रही है और मजदूर भी काम करने नहीं आते। राजकुमार का तो यहां तक आरोप है कि सितंबर 2017 में उन्हें लिखित में दिया गया था कि दो माह में टेंडर लगवाकर इस चारदीवारी का काम पूरा कर दिया जाएगा। लेकिन अभी तक काम शुरू नहीं हुआ। इसी के चलते मंगलवार को भी आसपास के किसानों ने नगर परिषद की कचरे वाली ट्रालियों को वापस लौटा दिया था।
वर्जन
नगर परिषद के अधिकारी जबरदस्ती पुलिस सुरक्षा में कचरा डालना चाहते थे, हमने विरोध किया तो हमें भी धमकी दी। फिलहाल ईओ साहब ने फोन पर आश्वासन दिया है तो जेसीबी को कचरा अंदर डालने को तैयार हुए हैं, अगर चहारदीवारी का काम जल्द शुरू नहीं किया तो बड़ा आंदोलन छेड़ेंगे।
- राजकुमार, किसान ।
हम तो किसानों की मदद करने के लिए ही गए थे। डंपिंग यार्ड के गेट पर पड़े कचरे को जेसीबी की मदद से अंदर करने व ट्रालियों के अंदर जाने के लिए रास्ता बनाना था, लेकिन इसके बावजूद किसान गुस्सा हो गए और मुझे देख लेने की धमकी भी दी। बाद में ईओ साहब के आश्वासन पर जेसीबी की मदद से कचरा अंदर किया गया।
- शिव कुमार, सेनेटरी इंस्पेक्टर, नगर परिषद फतेहाबाद।
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फतेहाबाद। बीघड़ रोड पर बना नगर परिषद का डंपिंग जोन साथ लगती जमीनों के किसानों व नगर परिषद के अधिकारियों के बीच जंग का मैदान बनता जा रहा है। मंगलवार को हुई तल्खी के बाद बुधवार सुबह नगर परिषद के अधिकारी पुलिस सुरक्षा में जेसीबी लेकर कचरा डंपिंग जोन में डालने के लिए पहुंचे लेकिन किसानों ने फिर नगर परिषद के अधिकारियों का रास्ता रोक लिया। इस दौरान पुलिसकर्मियों के सामने ही नप अफसरों और किसानों के बीच जमकर बहस हुई। गुस्साए किसानों ने जेसीबी के सामने खड़े होकर डंपिंग जोन की ओर जाने का रास्ता ब्लॉक कर दिया। किसानों का आरोप है कि नप टीम में शामिल रहे सेनेटरी इंस्पेक्टर शिव कुमार ने किसानों पर जेसीबी चढ़ाने की धमकी भी दी। बाद में नप ईओ अमन ढांडा के साथ फोन पर हुई बातचीत के बाद जाकर किसान माने और उन्होंने जेसीबी को डंपिंग जोन में जाने दिया। लेकिन साथ ही ये चेतावनी भी दे डाली कि अगर जल्द ही डंपिंग जोन की चहारदीवारी न करवाई गई वे अधिकारियों व ट्रालियों को यहां आने ही नहीं देेंगे।
पुलिस बुलाने पर भड़के किसान
बुधवार अलसुबह नगर परिषद के सेनेटरी इंस्पेक्टर शिव कुमार सफाई निरीक्षक ईश्वरचंद्र व अन्य कर्मचारी डंपिंग जोन पर पहुंचे और जेसीबी की मदद से कचरा अंदर डालने लगे। इसी दौरान आसपास की जमीनों के किसान राज कुमार, विक्रम मताना, डा. नरसी राम, मताना गांव के सरपंच संजय रूखाया आदि पहुंच गए और जेसीबी लगाने का विरोध शुरू कर दिया। किसानों का कहना था कि जब तक नगर परिषद के अधिकारी डम्पिंग जोन की चहारदीवारी नहीं करते, तब तक डंपिंग जोन में कचरा डालने नहीं दिया जाएगा। इस पर सेनेटरी इंस्पेक्टर शिव कुमार भी ताव में आ गए और किसानों को चेतावनी दी कि अगर सरकारी काम में बाधा पहुंचाई तो वे उनके खिलाफ कानूनी कार्यवाही करेंगे। इस पर भी किसान नहीं माने तो नगर परिषद अधिकारियों ने पुलिस को सूचित कर दिया। पुलिस टीम के वहां पहुंचने पर हालात और बिगड़ गए। बाद में पुलिसकर्मियों ने ही किसानों को शांत करवाया।
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ईओ ने फोन पर दिया आश्वासन तो शांत हुए किसान
नगर परिषद सेनेटरी इंस्पेक्टर शिवकुमार व किसानों के बीच माहौल गर्माते देखकर पुलिसकर्मियों ने किसानों की बात ईओ अमन ढांडा से करवाई। किसानों ने साफ कहा कि जब तक डंपिंग जोन की चहार दीवारी नहीं करवाई जाती तो वे कचरा नहीं डालने देंगे। इस पर ईओ ने उन्हें आश्वासन दिया कि बहुत जल्द डंपिंग जोन की चहारदीवारी करवा दी जाएगी और इसके लिए किसानों को दोबारा संघर्ष का रास्ता अख्तियार नहीं करना पड़ेगा तो जाकर किसान शांत हुए और उन्होंने जेसीबी को डंपिंग जोन में जाने की इजाजत दी।
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ये है सारा मामला
शहर से तकरीबन 4 किलोमीटर दूर बीघड़ रोड़ पर डीएवी स्कूल के पीछे नगर परिषद का डम्पिंग यार्ड है जहां पर सारे शहर का कचरा लाकर डाला जाता है। पिछले कुछ समय से यहां पर कचरा डालने की जगह नहीं बची। इसके चलते कई बार नगर परिषद के कर्मचारी ट्रालियों में भरा कचरा डम्पिंग यार्ड के मुहाने पर फेंक जाते हैं। जिसके चलते कचरा उड़कर आसपास के खेतों में चला जाता है। किसानों का आरोप है कि इस कारण उनकी जमीन बंजर होती जा रही है और मजदूर भी काम करने नहीं आते। राजकुमार का तो यहां तक आरोप है कि सितंबर 2017 में उन्हें लिखित में दिया गया था कि दो माह में टेंडर लगवाकर इस चारदीवारी का काम पूरा कर दिया जाएगा। लेकिन अभी तक काम शुरू नहीं हुआ। इसी के चलते मंगलवार को भी आसपास के किसानों ने नगर परिषद की कचरे वाली ट्रालियों को वापस लौटा दिया था।
वर्जन
नगर परिषद के अधिकारी जबरदस्ती पुलिस सुरक्षा में कचरा डालना चाहते थे, हमने विरोध किया तो हमें भी धमकी दी। फिलहाल ईओ साहब ने फोन पर आश्वासन दिया है तो जेसीबी को कचरा अंदर डालने को तैयार हुए हैं, अगर चहारदीवारी का काम जल्द शुरू नहीं किया तो बड़ा आंदोलन छेड़ेंगे।
- राजकुमार, किसान ।
हम तो किसानों की मदद करने के लिए ही गए थे। डंपिंग यार्ड के गेट पर पड़े कचरे को जेसीबी की मदद से अंदर करने व ट्रालियों के अंदर जाने के लिए रास्ता बनाना था, लेकिन इसके बावजूद किसान गुस्सा हो गए और मुझे देख लेने की धमकी भी दी। बाद में ईओ साहब के आश्वासन पर जेसीबी की मदद से कचरा अंदर किया गया।
- शिव कुमार, सेनेटरी इंस्पेक्टर, नगर परिषद फतेहाबाद।