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समापन: तीन दिवसीय गीता महोत्सव का शानदार समापन
Updated Fri, 01 Dec 2017 11:54 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
फतेहाबाद।
उपायुक्त डॉ. हरदीप सिंह ने छात्रों को आह्वान किया कि वे अपने जीवन में गीता ग्रंथ के सार को आत्मसात करते हुए अपने लक्ष्य को प्राप्त करें। गीता उम्र के हर पड़ाव पर एक नया अनुभव दिलाती है। उपायुक्त वीरवार देर सायं स्थानीय पंचायत भवन में गीता महोत्सव के अंतिम दिन सांस्कृतिक संध्या एवं पारितोषिक वितरण समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उपायुक्त ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत करने वाले छात्रों और स्कूलों को सम्मानित किया। इसके अलावा तीन दिन गीता महोत्सव के दौरान विभिन्न विभागों और संस्थाओं द्वारा लगाई गई प्रदर्शनी के विभागाध्यक्षों व पदाधिकारियों को श्रीमद् भगवत गीता भेंटकर सम्मानित किया।
डॉ. हरदीप सिंह ने कहा कि छात्र अपने जीवन में माता-पिता को प्रणाम करने की प्रवृति डालें। माता-पिता को प्रणाम करना व्यक्ति के जीवन में ऊर्जा का संचार करता है। प्रणाम करने की प्रवृति अच्छे संस्कारों की प्रतीक है और यह अनुशासन को भी बल देती है।
कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि आरएसएस के हिसार विभाग के कार्यवाह बजरंग गोदारा ने कहा कि तीन दिन चले गीता महोत्सव कार्यक्रम ने जिला के नागरिकों को एक अनूठा संदेश दिया है। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने गीता के माध्यम से जो संदेश पूरी दुनिया को दिया। उसका सार यही है कि कर्तव्य से दूर नहीं भागकर, धर्म के रास्ते को न छोड़कर आगे बढ़ना है।
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अति विशिष्ट आरएसएस के जिला कार्यवाह गुरबख्श मोंगा ने गीता ग्रंथ के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि जिसने गीता के सार को नहीं समझा उसका जीवन ही व्यर्थ है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री मनोहर लाल का धन्यवाद किया कि उन्होंने भारतीय और हरियाणवी संस्कृति के प्रचार प्रसार के लिए इस प्रकार के आयोजन करवाएं। उन्होंने कहा कि आज पूरे विश्व में गीता ग्रंथ के प्रचार प्रसार के लिए सरकार व संस्थाएं लगी हुई है। उन्होंने लोगों से आह्वान किया कि वे गीता ग्रंथ के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने में अपना अपेक्षित सहयोग दे। गीता को जीवन में स्थान देकर अपने जीवन को सफल बनाए। उन्होंने कहा कि सभी यह संकल्प लें कि गीता को आत्मसात कर एक स्वच्छ समाज और राष्ट्र का निर्माण करेंगे।
इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक दीपक सहारण, एसडीएम देवीलाल सिहाग, सीएमओ डॉ. मुनीष बंसल, जिला आयुष अधिकारी डॉ. धर्मपाल पूनिया, ईओ अमन ढांडा, रैडक्रॉस सचिव नरेश झांझड़ा, डीएसडब्ल्यूओ इंद्रा यादव, डीडब्ल्यूओ बलवान सिंह, शिक्षा विभाग से अधीक्षक वेदबाला, सुदामा शास्त्री, सुमित्रा आर्या, बहन ब्रह्मकुमारी बीके सीता, मदन गोपाल आर्य, सोम ठकराल सहित विभिन्न सामाजिक-धार्मिक संस्थाओं के प्रतिनिधि व बड़ी संख्या में स्कूली बच्चे उपस्थित थे।
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फतेहाबाद।
उपायुक्त डॉ. हरदीप सिंह ने छात्रों को आह्वान किया कि वे अपने जीवन में गीता ग्रंथ के सार को आत्मसात करते हुए अपने लक्ष्य को प्राप्त करें। गीता उम्र के हर पड़ाव पर एक नया अनुभव दिलाती है। उपायुक्त वीरवार देर सायं स्थानीय पंचायत भवन में गीता महोत्सव के अंतिम दिन सांस्कृतिक संध्या एवं पारितोषिक वितरण समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उपायुक्त ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत करने वाले छात्रों और स्कूलों को सम्मानित किया। इसके अलावा तीन दिन गीता महोत्सव के दौरान विभिन्न विभागों और संस्थाओं द्वारा लगाई गई प्रदर्शनी के विभागाध्यक्षों व पदाधिकारियों को श्रीमद् भगवत गीता भेंटकर सम्मानित किया।
डॉ. हरदीप सिंह ने कहा कि छात्र अपने जीवन में माता-पिता को प्रणाम करने की प्रवृति डालें। माता-पिता को प्रणाम करना व्यक्ति के जीवन में ऊर्जा का संचार करता है। प्रणाम करने की प्रवृति अच्छे संस्कारों की प्रतीक है और यह अनुशासन को भी बल देती है।
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कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि आरएसएस के हिसार विभाग के कार्यवाह बजरंग गोदारा ने कहा कि तीन दिन चले गीता महोत्सव कार्यक्रम ने जिला के नागरिकों को एक अनूठा संदेश दिया है। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने गीता के माध्यम से जो संदेश पूरी दुनिया को दिया। उसका सार यही है कि कर्तव्य से दूर नहीं भागकर, धर्म के रास्ते को न छोड़कर आगे बढ़ना है।
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अति विशिष्ट आरएसएस के जिला कार्यवाह गुरबख्श मोंगा ने गीता ग्रंथ के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि जिसने गीता के सार को नहीं समझा उसका जीवन ही व्यर्थ है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री मनोहर लाल का धन्यवाद किया कि उन्होंने भारतीय और हरियाणवी संस्कृति के प्रचार प्रसार के लिए इस प्रकार के आयोजन करवाएं। उन्होंने कहा कि आज पूरे विश्व में गीता ग्रंथ के प्रचार प्रसार के लिए सरकार व संस्थाएं लगी हुई है। उन्होंने लोगों से आह्वान किया कि वे गीता ग्रंथ के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने में अपना अपेक्षित सहयोग दे। गीता को जीवन में स्थान देकर अपने जीवन को सफल बनाए। उन्होंने कहा कि सभी यह संकल्प लें कि गीता को आत्मसात कर एक स्वच्छ समाज और राष्ट्र का निर्माण करेंगे।
इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक दीपक सहारण, एसडीएम देवीलाल सिहाग, सीएमओ डॉ. मुनीष बंसल, जिला आयुष अधिकारी डॉ. धर्मपाल पूनिया, ईओ अमन ढांडा, रैडक्रॉस सचिव नरेश झांझड़ा, डीएसडब्ल्यूओ इंद्रा यादव, डीडब्ल्यूओ बलवान सिंह, शिक्षा विभाग से अधीक्षक वेदबाला, सुदामा शास्त्री, सुमित्रा आर्या, बहन ब्रह्मकुमारी बीके सीता, मदन गोपाल आर्य, सोम ठकराल सहित विभिन्न सामाजिक-धार्मिक संस्थाओं के प्रतिनिधि व बड़ी संख्या में स्कूली बच्चे उपस्थित थे।