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प्रशासन सख्त : 24 घंटे में पता लगाना होगा पराली जलाने जगह, किसानों को मिलेगा नोटिस
Updated Mon, 13 Nov 2017 11:35 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
फतेहाबाद। लगातार वातावरण प्रदूषित होने और स्मॉग के चलते जिला प्रशासन ने अब सख्त तेवर दिखाने शुरू कर दिए। हालांकि देर से ही सही जिला प्रशासन ने पराली जलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई का मन बना लिया है। सोमवार को डीसी डॉ. हरदीप सिंह ने कार्यालय में एसडीएम, राजस्व विभाग और कृषि विभाग के अधिकारियों की बैठक की। डॉ. हरदीप सिंह ने आदेश दिए कि हरियाणा अंतरिक्ष अनुप्रयोग केंद्र (हरसेक) हिसार की ओर से जिला में धान की पराली जलाने के चिह्नित किए गए स्थानों की पड़ताल करके किसानों को अगले 24 घंटे में नोटिस जारी किया जाए।
डीसी ने कहा है कि हरसेक से मिली रिपोर्ट को फील्ड में जाकर टीम सत्यापन करे और पराली जलाने वाले किसानों को नोटिस दे। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण के आदेशों की पालना सुनिश्चित की जाए। डॉ. हरदीप सिंह ने राजस्व विभाग के पटवारियों और ग्राम सचिव से कहा है कि वे अपने-अपने क्षेत्र की रिपोर्ट पर कार्रवाई करके किसानों को नोटिस दें। उन्होंने कहा कि हरसेक ने विभिन्न तिथियों में किसानों द्वारा पराली जलाए जाने की घटनाओं का आंकड़ा दिया है।
पराली जलाने वाले किसानों को कोई रियायत नहीं
डीसी ने कहा कि पराली जलाने वाले किसानों से कोई रियायत नहीं की जाएगी और उनसे नोटिस देकर वसूली की जाए। उन्होंने कहा कि एनजीटी के द्वारा निर्धारित किए गए जुर्माने का भी किसानों से एक सप्ताह में वसूल किया जाए। डीसी ने ऐसे किसानों की सूची भी बनाने के आदेश दिए है जिन्होंने पिछले वर्ष भी पराली को जलाया है और इस वर्ष भी पराली जलाने के लिए दोषी है। उन्होंने कहा कि लगातार पराली जलाने वाले किसानों ने जानबूझकर ऐसा किया है। ऐसे में उन किसानों ने धारा 144 का उल्लंघन किया है। उन्होंने राजस्व विभाग से कहा कि ऐसे किसानों को धारा 144 के उल्लघंना का भी नोटिस जारी करके कानूनी कार्रवाई जाए। उपायुक्त ने एडीसी, डीडीपीओ और डीआरओ को यह भी निर्देश दिए कि वे धान की एकजुट की गई पराली को नंदीशालाओं और गोशालों में पहुंचाना सुनिश्चित करें। बैठक में एसडीएम सतबीर सिंह जांगू, देवीलाल सिहाग, सतजीत नैन, डीआरओ बिजेंद्र भारद्वाज, डीडीए डॉ. बलवत सहारण, तहसीलदार नवजीत कौर बराड़, नायब तहसीलदार विजय कुमार, सुरेंद्र कुमार, कृष्णकुमार, भजनदास, महाबीर सिंह, प्रदुषण नियंत्रण बोर्ड के जेई संजीव कुमार, राकेश कुंट सहित वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।
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फतेहाबाद। लगातार वातावरण प्रदूषित होने और स्मॉग के चलते जिला प्रशासन ने अब सख्त तेवर दिखाने शुरू कर दिए। हालांकि देर से ही सही जिला प्रशासन ने पराली जलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई का मन बना लिया है। सोमवार को डीसी डॉ. हरदीप सिंह ने कार्यालय में एसडीएम, राजस्व विभाग और कृषि विभाग के अधिकारियों की बैठक की। डॉ. हरदीप सिंह ने आदेश दिए कि हरियाणा अंतरिक्ष अनुप्रयोग केंद्र (हरसेक) हिसार की ओर से जिला में धान की पराली जलाने के चिह्नित किए गए स्थानों की पड़ताल करके किसानों को अगले 24 घंटे में नोटिस जारी किया जाए।
डीसी ने कहा है कि हरसेक से मिली रिपोर्ट को फील्ड में जाकर टीम सत्यापन करे और पराली जलाने वाले किसानों को नोटिस दे। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण के आदेशों की पालना सुनिश्चित की जाए। डॉ. हरदीप सिंह ने राजस्व विभाग के पटवारियों और ग्राम सचिव से कहा है कि वे अपने-अपने क्षेत्र की रिपोर्ट पर कार्रवाई करके किसानों को नोटिस दें। उन्होंने कहा कि हरसेक ने विभिन्न तिथियों में किसानों द्वारा पराली जलाए जाने की घटनाओं का आंकड़ा दिया है।
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पराली जलाने वाले किसानों को कोई रियायत नहीं
डीसी ने कहा कि पराली जलाने वाले किसानों से कोई रियायत नहीं की जाएगी और उनसे नोटिस देकर वसूली की जाए। उन्होंने कहा कि एनजीटी के द्वारा निर्धारित किए गए जुर्माने का भी किसानों से एक सप्ताह में वसूल किया जाए। डीसी ने ऐसे किसानों की सूची भी बनाने के आदेश दिए है जिन्होंने पिछले वर्ष भी पराली को जलाया है और इस वर्ष भी पराली जलाने के लिए दोषी है। उन्होंने कहा कि लगातार पराली जलाने वाले किसानों ने जानबूझकर ऐसा किया है। ऐसे में उन किसानों ने धारा 144 का उल्लंघन किया है। उन्होंने राजस्व विभाग से कहा कि ऐसे किसानों को धारा 144 के उल्लघंना का भी नोटिस जारी करके कानूनी कार्रवाई जाए। उपायुक्त ने एडीसी, डीडीपीओ और डीआरओ को यह भी निर्देश दिए कि वे धान की एकजुट की गई पराली को नंदीशालाओं और गोशालों में पहुंचाना सुनिश्चित करें। बैठक में एसडीएम सतबीर सिंह जांगू, देवीलाल सिहाग, सतजीत नैन, डीआरओ बिजेंद्र भारद्वाज, डीडीए डॉ. बलवत सहारण, तहसीलदार नवजीत कौर बराड़, नायब तहसीलदार विजय कुमार, सुरेंद्र कुमार, कृष्णकुमार, भजनदास, महाबीर सिंह, प्रदुषण नियंत्रण बोर्ड के जेई संजीव कुमार, राकेश कुंट सहित वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।
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