{"_id":"5c5c30babdec22739c3fe3fb","slug":"121549545658-fatehabad-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"बजट से नाराज मिड डे मील वर्कर्स 9 को करेंगी प्रदर्शन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बजट से नाराज मिड डे मील वर्कर्स 9 को करेंगी प्रदर्शन
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मिड डे मील वर्कर्स 9 को करेंगी प्रदर्शन
अमर उजाला ब्यूरो
फतेहाबाद। केंद्रीय बजट में मिड डे मील वर्कर्स के मानदेय में बढ़ोतरी न किए जाने के विरोध में मिड डे मील वर्कर्स यूनियन द्वारा राष्ट्रव्यापी आह्वान के तहत 9 फरवरी को फतेहाबाद में विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। उपायुक्त कार्यालय पर किए जाने वाले प्रदर्शन में जिलेभर से सैंकड़ों की संख्या में मिड डे मील वर्कर्स भाग लेंगी। प्रदर्शन के बाद उपायुक्त के माध्यम से केंद्रीय वित्त मंत्री पियुष गोयल को ज्ञापन भी भेजा जाएगा। मिड डे मील वर्कर्स यूनियन की जिला प्रधान गगनदीप कौर ने कहा कि केंद्र सरकार ने अपने अंतरिम बजट में मिड डे मील वर्कर्स के मानदेय में कोई बढ़ोतरी नहीं की है जबकि 19 नवंबर को दिल्ली में संसद पर प्रदर्शन के दौरान वित्तमंत्री अरुण जेटली ने मिड डे मील वर्कर्स के साथ इस बारे में वायदा किया था लेकिन बजट में कोई घोषणा न कर सरकार ने वर्कर्स के साथ विश्वासघात किया है। उन्होंने कहा कि प्रदर्शन के माध्यम से वर्कर्स को 18 हजार रुपये न्यूनतम वेतन देने, 10 महीने की बजाय 12 महीने वेतन देने, साल में वर्कर्स को दो ड्रेस दिए जाने, मिड डे मील वर्कर्स को सामाजिक सुरक्षा देने, जिलेभर में 5-6 महीने से वर्करों को मानदेय नहीं दिया गया है, उसे तुरंत दिए जाने की मांग की जाएगी।
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
फतेहाबाद। केंद्रीय बजट में मिड डे मील वर्कर्स के मानदेय में बढ़ोतरी न किए जाने के विरोध में मिड डे मील वर्कर्स यूनियन द्वारा राष्ट्रव्यापी आह्वान के तहत 9 फरवरी को फतेहाबाद में विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। उपायुक्त कार्यालय पर किए जाने वाले प्रदर्शन में जिलेभर से सैंकड़ों की संख्या में मिड डे मील वर्कर्स भाग लेंगी। प्रदर्शन के बाद उपायुक्त के माध्यम से केंद्रीय वित्त मंत्री पियुष गोयल को ज्ञापन भी भेजा जाएगा। मिड डे मील वर्कर्स यूनियन की जिला प्रधान गगनदीप कौर ने कहा कि केंद्र सरकार ने अपने अंतरिम बजट में मिड डे मील वर्कर्स के मानदेय में कोई बढ़ोतरी नहीं की है जबकि 19 नवंबर को दिल्ली में संसद पर प्रदर्शन के दौरान वित्तमंत्री अरुण जेटली ने मिड डे मील वर्कर्स के साथ इस बारे में वायदा किया था लेकिन बजट में कोई घोषणा न कर सरकार ने वर्कर्स के साथ विश्वासघात किया है। उन्होंने कहा कि प्रदर्शन के माध्यम से वर्कर्स को 18 हजार रुपये न्यूनतम वेतन देने, 10 महीने की बजाय 12 महीने वेतन देने, साल में वर्कर्स को दो ड्रेस दिए जाने, मिड डे मील वर्कर्स को सामाजिक सुरक्षा देने, जिलेभर में 5-6 महीने से वर्करों को मानदेय नहीं दिया गया है, उसे तुरंत दिए जाने की मांग की जाएगी।