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तीन दिन की बरसात से घग्गर नदी में तेज रफ्तार से आया पानी, एक ही दिन में दो गुणा हुआ जलस्तर
Updated Tue, 25 Sep 2018 12:10 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
फतेहाबाद। जिले के रतिया, जाखल और टोहाना से गुजर रही घग्गर नदी में सोमवार को एकाएक जलस्तर बढ़कर दोगुणा हो गया। इससे आसपास के गांवों में खतरा मंडराने लगा है। उधर, सिंचाई विभाग का कहना है कि इन सभी गांवों में बने रिंग बांध पूरी तरह मजबूत हैं। हिमाचल की शिवालिक की पहाड़ियों में पिछले तीन दिनों से हो रही तेज बरसात से घग्गर के चांदपुरा साइफन में सोमवार को पानी 4650 क्यूसिक का बहाव दर्ज किया गया। जबकि रविवार को ये महज 2350 क्यूसिक ही दर्ज किया गया था। इसी तरह खन्नौरी में रविवार को घग्गर का जलस्तर 6200 एवं गुहला-चीका में 31668 क्यूसिक का बहाव दर्ज किया गया। जो रविवार के मुकाबले तीन गुणा बताया गया है।
जलस्तर बढ़ने से घग्गर में बह रहा प्रदूषण युक्त पानी आगे बह गया और इसमें अब साफ पानी आने से किसानों में भी खुशी की लहर देखी जा रही है। किसानों का मानना है कि ये पानी आगामी रबी की फसल की बिजाई के लिए फायदेमंद साबित होगा। उधर घग्गर नदी में जलस्तर बढ़ने के बावजूद जिला प्रशासन अभी भी निश्चिंत नजर आ रहा है। हालांकि इससे पूर्व घग्गर नदी में इस मौसम में अक्सर ठीकरी पहरे लगाए जाते थे। जिससे जाखल, टोहाना, गुहला-चीका, खन्नौरी में कंट्रोल रूम स्थापित कर 24 घंटे की पल-पल की रिपोर्ट जिला प्रशासन लेता रहा है। इस बार यहां पर अभी तक कंट्रोल रूम स्थापित नहीं किया गया है और ना ही कोई दिशा-निर्देश किसानों के लिए जारी किए गए हैं। सिंचाई विभाग के सूत्रों के अनुसार हिमाचल में हो रही बरसात के बाद अभी घग्गर नदी में पानी में और बढ़ोतरी होने की पूरी संभावना है। जिसमें जाखल से सटे एरिया में रिंग बांध कमजोर होने से तटवर्ती किनारा टूटने की स्थिति में छोटे-छोटे गांव बाढ़ से घिर सकते हैं। तटवर्ती क्षेत्रों में जाखल-टोहाना एवं रतिया के तकरीबन 60 गांव बसे हुए हैं जो प्रशासन की नजर में संवेदनशील हैं।
वर्जन
जाखल एरिया में 24 गांव तटवर्ती इलाकों में पड़ते हैं और इन सभी गांवों में बने रिंग बांध पूरी तरह मजबूत हैं। अभी पीछे से बरसात कम होने की सूचना है। इसके बाद आने वाले दिनों में घग्गर नदी का जलस्तर कम होगा।
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- ओपी बिश्नोई, अधीक्षक अभियंता, सिंचाई विभाग, फतेहाबाद
अभी बाढ़ जैसे कोई हालात नहीं हैं। चांदपुरा में 12 हजार, खनौरी में 20 हजार एवं गुहला-चीका में 35 हजार क्यूसिक पानी आने के बाद फतेहाबाद में थोड़ा खतरा मंडराता है। अभी इसकी कोई संभावना नहीं है।
- विजेंद्र भारद्वाज, जिला राजस्व अधिकारी, फतेहाबाद
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फतेहाबाद। जिले के रतिया, जाखल और टोहाना से गुजर रही घग्गर नदी में सोमवार को एकाएक जलस्तर बढ़कर दोगुणा हो गया। इससे आसपास के गांवों में खतरा मंडराने लगा है। उधर, सिंचाई विभाग का कहना है कि इन सभी गांवों में बने रिंग बांध पूरी तरह मजबूत हैं। हिमाचल की शिवालिक की पहाड़ियों में पिछले तीन दिनों से हो रही तेज बरसात से घग्गर के चांदपुरा साइफन में सोमवार को पानी 4650 क्यूसिक का बहाव दर्ज किया गया। जबकि रविवार को ये महज 2350 क्यूसिक ही दर्ज किया गया था। इसी तरह खन्नौरी में रविवार को घग्गर का जलस्तर 6200 एवं गुहला-चीका में 31668 क्यूसिक का बहाव दर्ज किया गया। जो रविवार के मुकाबले तीन गुणा बताया गया है।
जलस्तर बढ़ने से घग्गर में बह रहा प्रदूषण युक्त पानी आगे बह गया और इसमें अब साफ पानी आने से किसानों में भी खुशी की लहर देखी जा रही है। किसानों का मानना है कि ये पानी आगामी रबी की फसल की बिजाई के लिए फायदेमंद साबित होगा। उधर घग्गर नदी में जलस्तर बढ़ने के बावजूद जिला प्रशासन अभी भी निश्चिंत नजर आ रहा है। हालांकि इससे पूर्व घग्गर नदी में इस मौसम में अक्सर ठीकरी पहरे लगाए जाते थे। जिससे जाखल, टोहाना, गुहला-चीका, खन्नौरी में कंट्रोल रूम स्थापित कर 24 घंटे की पल-पल की रिपोर्ट जिला प्रशासन लेता रहा है। इस बार यहां पर अभी तक कंट्रोल रूम स्थापित नहीं किया गया है और ना ही कोई दिशा-निर्देश किसानों के लिए जारी किए गए हैं। सिंचाई विभाग के सूत्रों के अनुसार हिमाचल में हो रही बरसात के बाद अभी घग्गर नदी में पानी में और बढ़ोतरी होने की पूरी संभावना है। जिसमें जाखल से सटे एरिया में रिंग बांध कमजोर होने से तटवर्ती किनारा टूटने की स्थिति में छोटे-छोटे गांव बाढ़ से घिर सकते हैं। तटवर्ती क्षेत्रों में जाखल-टोहाना एवं रतिया के तकरीबन 60 गांव बसे हुए हैं जो प्रशासन की नजर में संवेदनशील हैं।
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जाखल एरिया में 24 गांव तटवर्ती इलाकों में पड़ते हैं और इन सभी गांवों में बने रिंग बांध पूरी तरह मजबूत हैं। अभी पीछे से बरसात कम होने की सूचना है। इसके बाद आने वाले दिनों में घग्गर नदी का जलस्तर कम होगा।
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- ओपी बिश्नोई, अधीक्षक अभियंता, सिंचाई विभाग, फतेहाबाद
अभी बाढ़ जैसे कोई हालात नहीं हैं। चांदपुरा में 12 हजार, खनौरी में 20 हजार एवं गुहला-चीका में 35 हजार क्यूसिक पानी आने के बाद फतेहाबाद में थोड़ा खतरा मंडराता है। अभी इसकी कोई संभावना नहीं है।
- विजेंद्र भारद्वाज, जिला राजस्व अधिकारी, फतेहाबाद