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धान की पराली को जलाने की बजाय उससे मुनाफा कमाएं किसान : डीसी
Updated Wed, 27 Sep 2017 12:36 AM IST
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धान की पराली जलाने के बजाय उससे मुनाफा कमाएं किसान : डीसी
अमर उजाला ब्यूरो
फतेहाबाद।
उपायुक्त एवं जिलाधीश डॉ. हरदीप सिंह ने अधिकारियों को निर्देश दिए है कि वे धान की पराली को जलाने से रोकने के लिए ठोस कदम उठाएं। किसानों से कहा कि वे पराली को जलाने के स्थान पर उससे मुनाफा कमाएं। अधिकारियों को निर्देश दिए कि दशहरा और दीपावली को प्रदूषण रहित मनाने के लिए लोगों को प्रेरित करें।
लघु सचिवालय स्थित बैठक कक्ष में मंगलवार को अधिकारियों की एक बैठक को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि इस संबंध में जिले के सभी शिक्षण संस्थानों में विद्यार्थियों को जागरूक किया। कहा कि फसल की कटाई के बाद उसके अवशेषों को जलाने पर आगामी 19 नवंबर तक प्रतिबंध है। इन आदेशों की अवहेलना के दोषी के विरुद्ध एफआईआर दर्ज होगी और जुर्माना वसूला जाएगा।
इससे पूर्व उपायुक्त डॉ. हरदीप सिंह ने लघु सचिवालय के प्रांगण से कृषि एवं किसान कल्याण विभाग ने फसल के अवशेष न जलाने की जागरूकता वाले वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। जिला वासियों से अपील करते हुए कहा कि वे धान की पराली को जलाने की बजाय उसे गता मिल में बेचकर मुनाफा कमाएं।
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उन्होंने बताया कि इन दिनों धान की कटाई का सीजन जोरों पर है। किसान पराली और अन्य अवशेष जलाते हैं। इससे पर्यावरण प्रदूषित होता है। पराली जलाने से जहरीली गैसों का उत्सर्जन होता है। इससे मौसम में बदलाव आ रहा है और बीमारियां पनप रही हैं। पराली जलाने से मिट्टी में मौजूद मित्र कीटों की कमी हो जाती है। इन अवशेषों से पशुओं के लिए तूड़ा बनाया जा सकता है। उपायुक्त ने कहा कि राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने पराली न जलाने के लिए जिला प्रशासन के साथ मिलकर किसानों की जागरूकता के लिए विभिन्न प्रकार के पर्यावरण जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन कर रहा है। कृषि एवं किसान कल्याण विभाग ने जिले में छह जागरूकता वाहन लगाए हैं। जिले में फसलों के अवशेष न जले इस बारे जिला, खंड और ग्राम स्तर पर कमेटियों का गठन किया गया है। इस अवसर पर उपमंडलाधीश सरजीत नैन, प्रद्युम्न कुमार, सीटीएम देवीलाल सिहाग, डीआरओ बिजेंद्र भारद्वाज, डीएसपी रविंद्र तोमर, ईओ अमन ढांडा, डीडीए डॉ. बलवंत सहारण, डीडीएएच डॉ. काशी राम, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी पीकेएमके दास, एक्सईन जगबीर सिंह, सभी तहसीलदार आदि मौजूद थे।
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अमर उजाला ब्यूरो
फतेहाबाद।
उपायुक्त एवं जिलाधीश डॉ. हरदीप सिंह ने अधिकारियों को निर्देश दिए है कि वे धान की पराली को जलाने से रोकने के लिए ठोस कदम उठाएं। किसानों से कहा कि वे पराली को जलाने के स्थान पर उससे मुनाफा कमाएं। अधिकारियों को निर्देश दिए कि दशहरा और दीपावली को प्रदूषण रहित मनाने के लिए लोगों को प्रेरित करें।
लघु सचिवालय स्थित बैठक कक्ष में मंगलवार को अधिकारियों की एक बैठक को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि इस संबंध में जिले के सभी शिक्षण संस्थानों में विद्यार्थियों को जागरूक किया। कहा कि फसल की कटाई के बाद उसके अवशेषों को जलाने पर आगामी 19 नवंबर तक प्रतिबंध है। इन आदेशों की अवहेलना के दोषी के विरुद्ध एफआईआर दर्ज होगी और जुर्माना वसूला जाएगा।
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इससे पूर्व उपायुक्त डॉ. हरदीप सिंह ने लघु सचिवालय के प्रांगण से कृषि एवं किसान कल्याण विभाग ने फसल के अवशेष न जलाने की जागरूकता वाले वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। जिला वासियों से अपील करते हुए कहा कि वे धान की पराली को जलाने की बजाय उसे गता मिल में बेचकर मुनाफा कमाएं।
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उन्होंने बताया कि इन दिनों धान की कटाई का सीजन जोरों पर है। किसान पराली और अन्य अवशेष जलाते हैं। इससे पर्यावरण प्रदूषित होता है। पराली जलाने से जहरीली गैसों का उत्सर्जन होता है। इससे मौसम में बदलाव आ रहा है और बीमारियां पनप रही हैं। पराली जलाने से मिट्टी में मौजूद मित्र कीटों की कमी हो जाती है। इन अवशेषों से पशुओं के लिए तूड़ा बनाया जा सकता है। उपायुक्त ने कहा कि राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने पराली न जलाने के लिए जिला प्रशासन के साथ मिलकर किसानों की जागरूकता के लिए विभिन्न प्रकार के पर्यावरण जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन कर रहा है। कृषि एवं किसान कल्याण विभाग ने जिले में छह जागरूकता वाहन लगाए हैं। जिले में फसलों के अवशेष न जले इस बारे जिला, खंड और ग्राम स्तर पर कमेटियों का गठन किया गया है। इस अवसर पर उपमंडलाधीश सरजीत नैन, प्रद्युम्न कुमार, सीटीएम देवीलाल सिहाग, डीआरओ बिजेंद्र भारद्वाज, डीएसपी रविंद्र तोमर, ईओ अमन ढांडा, डीडीए डॉ. बलवंत सहारण, डीडीएएच डॉ. काशी राम, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी पीकेएमके दास, एक्सईन जगबीर सिंह, सभी तहसीलदार आदि मौजूद थे।