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सरकार का तोहफा, अब 20 लाख रूपए तक के विकास अपने स्तर पर करवा सकेंगी पंचायतें

Sat, 17 Jun 2017 11:48 PM IST
Updated Sat, 17 Jun 2017 11:48 PM IST
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सरकार का तोहफा, अब 20 लाख रूपए तक के विकास अपने स्तर पर करवा सकेंगी पंचायतें
पंचायतें 20 लाख कर सकेंगी खर्च, पांच लाख से अधिक के प्रोजेक्ट का होगा ई-टेंडर
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अब तक 10 लाख तक के विकास कार्य कराने की थी पावर, आरटीजीएस से होगी पेमेंट

अमर उजाला ब्यूरो
फतेहाबाद।
प्रदेश की पंचायतें अब 20 लाख रुपये तक के विकास कार्य खुद अपने दम पर करवा सकेंगी। इससे पहले ग्राम पंचायतें महज 10 लाख रुपये के विकास कार्य करवा सकती थी। हालांकि जिलास्तरीय अधिकारियों की अप्रूवल इसमें अब भी जरूरी रहेगी। पंचायत विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव ने इस बाबत प्रदेश के सभी जिलों के उपायुक्तों व जिला विकास एवं पंचायत अधिकारियों को पत्र जारी कर आवश्यक गाइड लाइंस भेज दी है। फतेहाबाद के जिला पंचायत एवं विकास अधिकारी राजेश खोथ ने इसकी पुष्टि की है।

पांच लाख से ज्यादा लागत के काम की होगी ई-टेंडरिंग, आरटीजीएस से होगी पेमेंट
प्रदेश सरकार की ओर से जारी पत्र के मुताबिक, पंचायत स्तर पर पांच लाख रुपये से अधिक लागत वाले प्रत्येक काम के लिए ई-टेंडरिंग की जाएगी। इतना ही नहीं, छोटे-बड़े सभी कामों के लिए ठेकेदार को पेमेंट बैंक आरटीजीएस के माध्यम से ही की जा सकेगी। 10 लाख तक के विकास कार्यों की अप्रूवल एसडीओ पंचायती राज, 10 लाख से ज्यादा और 25 लाख तक कार्यकारी अभियंता, 25 से ज्यादा 50 लाख तक सुपरिंटेंडेंट इंजीनियर और 50 लाख से ज्यादा के विकास कार्यों की परमिशन चीफ इंजीनियर पंचायती राज से होगी। ग्राम पंचायत 20 लाख रुपये के विकास कार्य की कार्ययोजना बनाकर अधिकारियों तक पहुंचाने में सक्षम होगी।
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साइट की होगी फोटोग्राफी, जिप सदस्य कर सकेंगे निरीक्षण
सरकार की ओर से भेजे गए पत्र के मुताबिक, अब से पंचायत की ओर से किए जाने वाले किसी भी विकास कार्य के शुरू होने से पहले उस साइट की बाकायदा फोटोग्राफी कराई जाएगी। काम खत्म होने के बाद भी फोटोग्राफी की जाएगी, ताकि निर्माण सिर्फ कागजों में ना हो जाए। आर्थिक रूप से और पारदर्शिता लाने के लिए पंचायत का बैंक खाता होना अनिवार्य कर दिया गया है जिसे सरपंच, ग्राम सचिव एवं बीडीपीओ ऑपरेट कर सकेंगे। अगर ग्रांट की राशि का दुरुपयोग किया गया तो इसके लिए सीधे तौर पर सरपंच और ग्राम सचिव को जिम्मेदार माना जाएगा और उनसे ही इसकी रिकवरी कराई जाएगी। इसके अलावा एक और महत्वपूर्ण बदलाव किया गया है जिसके तहत अब जिला परिषद सदस्य व पंचायत समिति सदस्य भी ग्राम पंचायत द्वारा कराए गए कामों का निरीक्षण कर सकेंगे।
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प्रदेश सरकार ने पंचायतों की वित्तीय शक्तियां बढ़ाने का फैसला लिया है। अब पंचायतें 20 लाख रुपये तक के विकास कार्य करवा सकेंगी। पहले यह पावर महज दस लाख तक की थी। इससे पढ़ी-लिखी पंचायतों को गांवों को और बेहतर बनाने का मौका मिलेगा।’
- राजेश खोथ, जिला पंचायत एवं विकास अधिकारी, फतेहाबाद
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