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रास्ता बंद करने के मामले में चुप नहीं बैठेगे किसान
Updated Sat, 04 Nov 2017 01:04 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
जाखल (फतेहाबाद)।
हरियाणा के साधनवास व पंजाब के चूड़लकलां को रेलवे ट्रैक के नीचे से गुजरने वाले मार्ग को बंद करने के मामले में अब किसान विभाग के उच्च अधिकारियों से मिलेंगे। किसानों के मुताबिक इस मामले में अगर उनकी कोई सुनवाई नहीं हुई तो उन्हें मजबूरन संघर्ष का रास्ता अपनाना पड़ेगा।
जाखल बठिंडा रेलवे ट्रैक पर बुर्जी नंबर 264ए के नीचे से बने मार्ग को बंद करने का मामला भले ही एक बार टल गया है लेकिन अधिकारियों द्वारा इस मार्ग को हर हालत में बंद करने के दिए गए संकेत के बाद दोनों ओर के किसान सकते में है। इसे लेकर अब किसानों ने रेल निर्माण विभाग के दिल्ली मंडल सहायक अभियंता (जींद) से मिलकर समस्या का हल कराने का निर्णय लिया है। साधनवास के किसान लखविंद्र सिंह, राकेश मखीजा, जरनैल सिंह, मंजीत सिंह ने कहा कि सोमवार को वह इस मामले बारे जींद एईएन से मिलेंगे व रास्ते को खुला रखने की मांग करेंगे।
उच्चाधिकारियों से मिलकर रख सकते हैं मांग
जाखल निर्माण विभाग निरीक्षक शैलेंद्र मिश्रा ने कहा कि रास्ता बंद करने के लिए उच्च अधिकारियों ने ही आदेश दिए हैं। किसानों की अपनी समस्या है। वह अगर उच्चाधिकारियों से मिलकर इसका हल निकालना चाहते हैं तो कोई बुराई नहीं है।
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क्या है मामला
दरअसल रेलवे का निर्माण विभाग जाखल-बठिंडा रेलवे ट्रैक पर बनी बुर्जी के नीचे से बने अस्थाई मार्ग पर हो रहे आवागमन को बंद करना चाहता है। रेलवे का कथन है कि रेलवे की सुरक्षा के लिए यह मार्ग सुरक्षित नहीं है। जबकि दूसरी ओर रेलवे ट्रैक के दोनों ओर बसे हरियाणा व पंजाब के विभिन्न गांवों के किसानों का यहां से आवागमन होता है। दोनों ओर से किसान व आम लोग अपने वाहनों सहित यहां से गुजरते हैं। गुरुवार को रेलवे विभाग ने जैसे ही इस मार्ग को बंद करने की कार्रवाई शुरू की तो किसानों ने मौके पर पहुंच कर इसका विरोध जताया व इसे बंद करवा दिया। किसानों के विरोध को देखते हुए रेलवे ने एक बारगी काम को टाल दिया। लेकिन विभाग के उच्च अधिकारियों की ओर से मार्ग को बंद करने के दिए गए आदेशों के बाद मामला गरमा गया है।
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जाखल (फतेहाबाद)।
हरियाणा के साधनवास व पंजाब के चूड़लकलां को रेलवे ट्रैक के नीचे से गुजरने वाले मार्ग को बंद करने के मामले में अब किसान विभाग के उच्च अधिकारियों से मिलेंगे। किसानों के मुताबिक इस मामले में अगर उनकी कोई सुनवाई नहीं हुई तो उन्हें मजबूरन संघर्ष का रास्ता अपनाना पड़ेगा।
जाखल बठिंडा रेलवे ट्रैक पर बुर्जी नंबर 264ए के नीचे से बने मार्ग को बंद करने का मामला भले ही एक बार टल गया है लेकिन अधिकारियों द्वारा इस मार्ग को हर हालत में बंद करने के दिए गए संकेत के बाद दोनों ओर के किसान सकते में है। इसे लेकर अब किसानों ने रेल निर्माण विभाग के दिल्ली मंडल सहायक अभियंता (जींद) से मिलकर समस्या का हल कराने का निर्णय लिया है। साधनवास के किसान लखविंद्र सिंह, राकेश मखीजा, जरनैल सिंह, मंजीत सिंह ने कहा कि सोमवार को वह इस मामले बारे जींद एईएन से मिलेंगे व रास्ते को खुला रखने की मांग करेंगे।
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उच्चाधिकारियों से मिलकर रख सकते हैं मांग
जाखल निर्माण विभाग निरीक्षक शैलेंद्र मिश्रा ने कहा कि रास्ता बंद करने के लिए उच्च अधिकारियों ने ही आदेश दिए हैं। किसानों की अपनी समस्या है। वह अगर उच्चाधिकारियों से मिलकर इसका हल निकालना चाहते हैं तो कोई बुराई नहीं है।
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क्या है मामला
दरअसल रेलवे का निर्माण विभाग जाखल-बठिंडा रेलवे ट्रैक पर बनी बुर्जी के नीचे से बने अस्थाई मार्ग पर हो रहे आवागमन को बंद करना चाहता है। रेलवे का कथन है कि रेलवे की सुरक्षा के लिए यह मार्ग सुरक्षित नहीं है। जबकि दूसरी ओर रेलवे ट्रैक के दोनों ओर बसे हरियाणा व पंजाब के विभिन्न गांवों के किसानों का यहां से आवागमन होता है। दोनों ओर से किसान व आम लोग अपने वाहनों सहित यहां से गुजरते हैं। गुरुवार को रेलवे विभाग ने जैसे ही इस मार्ग को बंद करने की कार्रवाई शुरू की तो किसानों ने मौके पर पहुंच कर इसका विरोध जताया व इसे बंद करवा दिया। किसानों के विरोध को देखते हुए रेलवे ने एक बारगी काम को टाल दिया। लेकिन विभाग के उच्च अधिकारियों की ओर से मार्ग को बंद करने के दिए गए आदेशों के बाद मामला गरमा गया है।