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प्रदर्शन: ईंधन के बढ़ते दामों के विरोध में सड़कों के किनारे डटे किसान, सरकार पर साधा निशाना

Thu, 08 Jul 2021 11:07 AM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: निवेदिता वर्मा Updated Thu, 08 Jul 2021 11:07 AM IST
सार

देश भर में पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों के विरोध में किसानों ने गुरुवार को देश भर में प्रदर्शन किया। संयुक्त किसान मोर्चा ने इस विरोध प्रदर्शन से ईंधनों की कीमत आधी करने की मांग की।
 

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Farmers Protest Against Hike in Petro Products in Haryana
फतेहाबाद में प्रदर्शन करते किसान। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर किसान गुरुवार को ईंधन की बढ़ती कीमत के विरोध में सड़क पर उतर आए। सुबह 10 से शुरू हुआ प्रदर्शन दोपहर 12 बजे तक चला। किसान अपने स्कूटर, बाइक, ट्रैक्टर, कार, बस, ट्रक व खाली गैस सिलिंडर के साथ विरोध के लिए सार्वजनिक स्थानों पर पहुंचे।

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संयुक्त किसान मोर्चा ने प्रदर्शनकारियों से अपील की थी कि इस दौरान सड़कों को जाम न किया जाए। महंगाई के खिलाफ सर्व कर्मचारी संघ और सीटू भी प्रदर्शन में शामिल हुआ। सोनीपत में इस दौरान सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी थी। पुलिस बल की छह कंपनियां तैनात की गई थी और 6 डीएसपी और 600 जवानों की ड्यूटी लगाई गई थी। कई जगह मल्टी लेयर बैरिकेडिंग भी की गई थी।
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टोहाना में संयुक्त किसान मोर्चा के बैनर तले किसान नेताओं ने गैस सिलिंडर सिर पर उठाकर प्रदर्शन करते हुए अपना रोष जाहिर किया। इस दौरान किसान नेताओं ने अपने कंधे पर गैस सिलिंडर को कंधे पर उठाकर उसका रेट कम करने की मांग की तथा हॉर्न बजा कर सरकार को जगाने का संदेश दिया। 

किसान नेता रणजीत सिंह ढिल्लों ने बताया कि देश में पेट्रोल, डीजल और गैस के दाम लगातार बढ़ रहे हैं जिससे आमजन परेशान हो चुका है। जब भी लोग सरकार से दाम घटाने की मांग करते हैं तो सरकार कंपनियों द्वारा रेट बढ़ाने की बात कहकर मुद्दे को टाल देती है। उन्होंने कहा कि वे सरकार से तीनों कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग इसलिए कर रहे है क्योंकि आगे चलकर ये खाद के रेट भी कंपनियों के हाथों में चले जाएंगे। इन कृषि कानूनों से किसान निजी कम्पनियों के हाथ की कठपुतली बन जाएगा। 


उन्होंने कहा कि सरकार इन कानूनों के माध्यम से अंबानी अडानी को खेती-बाड़ी सौंपना चाहती है ताकि वे मनमर्जी से खाद के दाम बढ़ा सकें। उन्होंने कहा कि जब हर वस्तु के रेट कंपनी तय करेगी तो सरकार को इस्तीफा देकर अडानी अंबानी को सरकार सौंप देनी चाहिए। अंबानी अडानी को ही प्रधानमंत्री बना देना चाहिए।

संयुक्त किसान मोर्चा के सदस्य बलबीर सिंह राजेवाल, युद्धवीर सिंह, जगजीत सिंह दल्लेवाल, योगेंद्र यादव, अभिमन्यु कोहाड़ ने कहा कि यह एक ऐसा मुद्दा है, जो समाज के हर वर्ग को प्रभावित करता है। मोर्चा इस विरोध प्रदर्शन से ईंधनों की कीमत आधी करने की मांग कर रहा है। 

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