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बायोमास उपयोग पर सेमिनार
Faridabad
Updated Sun, 19 May 2013 05:30 AM IST
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फरीदाबाद (ब्यूरो)। वाईएमसीए यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर केएस यादवा का कहना है कि ईंधन चाहे किसी भी रूप में हो, अनंत नहीं है। एक वक्त ऐसा आएगा, जब हमारे पास ईंधन खत्म होने लगेगा। इसलिए ऊर्जा के वैकल्पिक स्रोत खोजने के लिए निरंतर अनुसंधान की जरूरत है। ये विचार उन्होंने मानव रचना यूनिवर्सिटी में शनिवार को बायोमास उपयोग पर आयोजित सेमिनार में रखे। इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियर्स और मानव रचना यूनिवर्सिटी के इस आयोजन में युवा वैज्ञानिकों ने कचरे, बायो ईंधन, पर्यावरण एवं प्रदूषण से उत्पन्न ऊर्जा और अपशिष्ट प्रबंधन पर 26 शोध पत्र पेश किए। सेमीनार में बायो-इकॉनॉमी के विकास, अवसरों और चुनौतियों पर चर्चा हुई। इस दौरान मानव रचना यूनिवर्सिटी के चांसलर डॉ. ओपी भल्ला, उद्यमी जेपी मल्होत्रा, इंजीनियर आरपी देशपांडे, पीके जैन, जेसी सिंघल एवं ललित अरोड़ा सहित कई विशेषज्ञ मौजूद थे।
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