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दो अक्तूबर को दिल्ली में होगी गुर्जर महापंचायत
Faridabad
Updated Sun, 30 Sep 2012 12:00 PM IST
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फरीदाबाद। गुर्जर नेताओं ने कहा है कि राजस्थान में गुर्जरों को अनुसूचित जनजाति के तहत आरक्षण न मिलने के विरोध में देश भर के गुर्जर दिल्ली और जयपुर को घेरेंगे। उन्होंने कहा कि इससे पहले दो अक्तूबर को दिल्ली में होने वाली महापंचायत में आरपार की लड़ाई का ऐलान किया जाएगा। गुर्जर नेताओं ने कहा है कि अगर गुर्जरों को आरक्षण नहीं देना है तो फिर सभी का आरक्षण समाप्त करो और योग्यता को वरीयता दी जाए।
शनिवार को आयोजित पत्रकार वार्ता में गुर्जर आरक्षण कोर कमेटी के सदस्य विधायक अतर सिंह, पथिक सेना के अध्यक्ष मुखिया गुर्जर, राष्ट्रीय गुर्जर आरक्षण संचालन समिति के संयोजक सूरजमल, गुर्जर महासभा के अध्यक्ष ज्ञानचंद भड़ाना ने संयुक्त रूप से बताया कि आरक्षण के आंदोलन को लेकर गुर्जर समाज के 72 लोग शहीद हो चुके हैं, लेकिन आरक्षण की मांग नहीं मानी गई। राजस्थान के गुर्जरों के हक के लिए देश का गुर्जर एक है। उन्होंने कहा कि हम चाहते हैं कि आरक्षण प्रणाली ही न हो और आरक्षण या तो आर्थिक आधार पर दिया जाए या फिर योग्यता को ही वरीयता दी जाए। लेकिन अगर आरक्षण देना ही है तो गुर्जर जब अनुसूचित जन जाति के मापदंड पूरे कर रहे हैं तो उनको भी दिया जाए।
उन्होंने बताया कि दो अक्तूबर को दिल्ली में महापंचायत होगी। जिसमें आरपार की लड़ाई का ऐलान किया जाएगा। गुर्जर अब रेल नहीं रोकेंगे, बल्कि दिल्ली और जयपुर में डेरा डालेंगे। उन्होंने कहा कि आंदोलन अहिंसात्मक होगा और पीछे नहीं हटेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि गुर्जर समाज के जो राजनैतिक पार्टी के नेता ईमानदारी से साथ नहीं देंगे समाज उनका बहिष्कार करेगा और उनको राजनैतिक रूप से घर बैठा देगा।
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शनिवार को आयोजित पत्रकार वार्ता में गुर्जर आरक्षण कोर कमेटी के सदस्य विधायक अतर सिंह, पथिक सेना के अध्यक्ष मुखिया गुर्जर, राष्ट्रीय गुर्जर आरक्षण संचालन समिति के संयोजक सूरजमल, गुर्जर महासभा के अध्यक्ष ज्ञानचंद भड़ाना ने संयुक्त रूप से बताया कि आरक्षण के आंदोलन को लेकर गुर्जर समाज के 72 लोग शहीद हो चुके हैं, लेकिन आरक्षण की मांग नहीं मानी गई। राजस्थान के गुर्जरों के हक के लिए देश का गुर्जर एक है। उन्होंने कहा कि हम चाहते हैं कि आरक्षण प्रणाली ही न हो और आरक्षण या तो आर्थिक आधार पर दिया जाए या फिर योग्यता को ही वरीयता दी जाए। लेकिन अगर आरक्षण देना ही है तो गुर्जर जब अनुसूचित जन जाति के मापदंड पूरे कर रहे हैं तो उनको भी दिया जाए।
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उन्होंने बताया कि दो अक्तूबर को दिल्ली में महापंचायत होगी। जिसमें आरपार की लड़ाई का ऐलान किया जाएगा। गुर्जर अब रेल नहीं रोकेंगे, बल्कि दिल्ली और जयपुर में डेरा डालेंगे। उन्होंने कहा कि आंदोलन अहिंसात्मक होगा और पीछे नहीं हटेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि गुर्जर समाज के जो राजनैतिक पार्टी के नेता ईमानदारी से साथ नहीं देंगे समाज उनका बहिष्कार करेगा और उनको राजनैतिक रूप से घर बैठा देगा।
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