{"_id":"23167","slug":"Faridabad-23167-139","type":"story","status":"publish","title_hn":"बंधन टूटे, बंधी रिश्तों की डोर ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बंधन टूटे, बंधी रिश्तों की डोर
Faridabad
Updated Mon, 27 Aug 2012 12:00 PM IST
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फरीदाबाद। 11 सौ साल से चली आ रही बंदिशें टूटने जा रही हैं। समाज में मंडराते ऑनर किलिंग के मामलों में कमी लाने के लिए गुर्जर समुदाय ने रविवार को ऐतिहासिक पहल की है। यह अनूठी पहल की है चंदीला और नागर गोत्र ने।
पिछली 11 सदी से गुर्जर समुदाय के नागर, चंदीला व अधाना गोत्र में कोई भी जोड़ा विवाह बंधन में नहीं बंधा। इन गोत्रों के बीच रिश्ते जोड़ने के लिए 12 अगस्त 2012 को जिले के सबसे बडे़ गुर्जर बाहुल्य गांव तिगांव में महापंचायत में सहमति बनी थी। इसी कड़ी में रविवार को गांव भतौला में जिला परिषद के पूर्व सदस्य बिशन सिंह जौड़ला की अध्यक्षता में गुर्जर नेता रूप सिंह नागर के आवास पर रिश्तों को जोड़ने की पहल के लिए पंचायत हुई।
इनकी मौजूदगी में बुढै़ना गांव निवासी चंदीला गोत्र के बाबू सिंह ने अपनी बेटी ज्योति का रिश्ता नवादा तिगांव निवासी नागर गोत्र के लेखराज पहलवान के बेटे जनकराज के संग जोड़ा। पंचायत ने दोनों गोत्रों के बीच जुडे़ इस रिश्ते का तालियों की गड़गड़ाहट के साथ स्वागत किया।
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गुर्जर आरक्षण संघर्ष समिति के (एनसीआर) अध्यक्ष रणवीर सिंह चंदीला ने कहा कि इस मामले में चंदीला गोत्र ने पहल कर सहमति जताई थी। इसका निर्णय नागर और अधाना गोत्र पर छोड़ दिया गया था। गुर्जर समुदाय की यह पहल समाज में मील का पत्थर साबित होगी।
गुर्जर नेता रूप सिंह नागर ने कहा कि यह बहुत ही ऐतिहासिक निर्णय है। इस निर्णय से गुर्जर समुदाय के गोत्रों के बीच सामाजिक समरसता और अधिक सृदृढ़ होगी। खास बात यह है कि पंचायत में मौजूद लोगोें ने दहेज के बढ़ते चलन पर चिंता जाहिर करते हुए इसे कम करने की अपील भी की। इस अवसर पर पूर्व सरपंच बीर सिंह जौड़ला, राजेश नागर, अशोक नागर, तिगांव के पूर्व सरपंच प्रताप नागर, रतिराम अधाना, भरत सिंह नागर, उमेद सिंह अधाना, बेगराज, भीष्म, कुलदीप सरपंच जसाना, सत्यदेव नागर, प्रवीण चंदीला, बीरपाल चेयरमैन, रविंद्र, मान सिंह, सुशील नागर, बेगराज नागर, खड़ग सिंह, जगबीर, करतार नागर, जगत आर्य, फिरे अधाना, इंद्रपाल नागर, झबरा, जेआर अधाना, कन्हैयालाल अधाना, गूर्जर सभा के कार्यकारी अध्यक्ष ज्ञानचंद भड़ाना, एमपी सिंह, रणवीर बिधूड़ी, जयपाल चंदीला, जिले सिंह नंबरदार, रोहताश नागर नवादा, योगेंद्र नागर, अमृत नागर, बेगराज, सतबीर नागर, पप्पू चेयरमैन, एवं राजेंद्र नागर आदि मौजूद थे।
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पिछली 11 सदी से गुर्जर समुदाय के नागर, चंदीला व अधाना गोत्र में कोई भी जोड़ा विवाह बंधन में नहीं बंधा। इन गोत्रों के बीच रिश्ते जोड़ने के लिए 12 अगस्त 2012 को जिले के सबसे बडे़ गुर्जर बाहुल्य गांव तिगांव में महापंचायत में सहमति बनी थी। इसी कड़ी में रविवार को गांव भतौला में जिला परिषद के पूर्व सदस्य बिशन सिंह जौड़ला की अध्यक्षता में गुर्जर नेता रूप सिंह नागर के आवास पर रिश्तों को जोड़ने की पहल के लिए पंचायत हुई।
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इनकी मौजूदगी में बुढै़ना गांव निवासी चंदीला गोत्र के बाबू सिंह ने अपनी बेटी ज्योति का रिश्ता नवादा तिगांव निवासी नागर गोत्र के लेखराज पहलवान के बेटे जनकराज के संग जोड़ा। पंचायत ने दोनों गोत्रों के बीच जुडे़ इस रिश्ते का तालियों की गड़गड़ाहट के साथ स्वागत किया।
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गुर्जर आरक्षण संघर्ष समिति के (एनसीआर) अध्यक्ष रणवीर सिंह चंदीला ने कहा कि इस मामले में चंदीला गोत्र ने पहल कर सहमति जताई थी। इसका निर्णय नागर और अधाना गोत्र पर छोड़ दिया गया था। गुर्जर समुदाय की यह पहल समाज में मील का पत्थर साबित होगी।
गुर्जर नेता रूप सिंह नागर ने कहा कि यह बहुत ही ऐतिहासिक निर्णय है। इस निर्णय से गुर्जर समुदाय के गोत्रों के बीच सामाजिक समरसता और अधिक सृदृढ़ होगी। खास बात यह है कि पंचायत में मौजूद लोगोें ने दहेज के बढ़ते चलन पर चिंता जाहिर करते हुए इसे कम करने की अपील भी की। इस अवसर पर पूर्व सरपंच बीर सिंह जौड़ला, राजेश नागर, अशोक नागर, तिगांव के पूर्व सरपंच प्रताप नागर, रतिराम अधाना, भरत सिंह नागर, उमेद सिंह अधाना, बेगराज, भीष्म, कुलदीप सरपंच जसाना, सत्यदेव नागर, प्रवीण चंदीला, बीरपाल चेयरमैन, रविंद्र, मान सिंह, सुशील नागर, बेगराज नागर, खड़ग सिंह, जगबीर, करतार नागर, जगत आर्य, फिरे अधाना, इंद्रपाल नागर, झबरा, जेआर अधाना, कन्हैयालाल अधाना, गूर्जर सभा के कार्यकारी अध्यक्ष ज्ञानचंद भड़ाना, एमपी सिंह, रणवीर बिधूड़ी, जयपाल चंदीला, जिले सिंह नंबरदार, रोहताश नागर नवादा, योगेंद्र नागर, अमृत नागर, बेगराज, सतबीर नागर, पप्पू चेयरमैन, एवं राजेंद्र नागर आदि मौजूद थे।