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मुकेश हत्याकांड: 32 घंटे बाद हुआ मुकेश का अंतिम संस्कार, पत्नी को मिलेगी पालिका में नौकरी
Sun, 18 Dec 2022 01:09 AM IST
भूपेंद्र सिंह
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद (हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद (हरियाणा)
Published by: भूपेंद्र सिंह
Updated Sun, 18 Dec 2022 01:09 AM IST
सार
भूना में बीड़ी देने से इन्कार करने पर बदमाशों ने हत्या की वारदात को अंजाम दिया था। दोनों बच्चों के लिए पालन-पोषण के लिए आठ लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। सिरसा-चंडीगढ़ रोड पर शुक्रवार रात को टेंट लगा दिए थे।
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सहमति के बारे में जानकारी देते विधायक दुड़ाराम।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
हरियाणा के फतेहाबाद के भूना में चंदन नगर में फल विक्रेता मुकेश प्रजापति की हत्या के विरोध में दूसरे दिन शनिवार को भूना शहर सर्दी के मौसम में भी आक्रोश की तपिश में तपता रहा। दोपहर तक पूरी तरह भूना शहर बंद रहा। प्रशासनिक अधिकारियों के साथ प्रदर्शनकारियों की वार्ता हुई।
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इस दौरान मृतक मुकेश की पत्नी को नगर पालिका में नौकरी और आठ लाख रुपये आर्थिक सहायता देने का प्रशासनिक अधिकारियों ने आश्वासन दिया। इस आश्वासन पर प्रदर्शनकारी और परिजन दोपहर बाद जाम को समाप्त किया। करीब 32 घंटे के बाद परिवार के सदस्यों ने सिरसा-चंडीगढ़ हाईवे से मुकेश के शव को उठाकर उसका अंतिम संस्कार किया।
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शनिवार को फतेहाबाद के विधायक दुड़ाराम, डीसी जगदीश चंद्र और एसपी आस्था मोदी ने महाराजा अग्रसेन चौक पर धरने के बीच पहुंचकर पीड़ित परिवार को आरोपियों की गिरफ्तारी और उनकी मांगों को लेकर कमेटी के साथ हुए समझौते पर खरा उतरने का आश्वासन दिया।
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हालांकि विधायक व अधिकारियों ने कमेटी के साथ हुए समझौते का प्रदर्शनकारियों के बीच सार्वजनिक रूप से खुलासा नहीं किया। प्रदर्शनकारियों की 11 सदस्यीय कमेटी के आह्वान पर शनिवार को करीब सवा तीन बजे भूना शहर की सड़कों पर लगा हुआ जाम खोल दिया गया। वहीं, बाजारों में बंद दुकानों के शटर भी खुल गए। मुकेश प्रजापति के अंतिम संस्कार के बाद प्रशासन ने राहत की सांस ली।
गुंडागर्दी के खिलाफ सभी ने दिखाई एकजुटता
शहर में करीब 300 से ज्यादा सब्जी एवं फल की रेहड़ी लगाने वाले लोगों ने हत्या के आरोपियों की गिरफ्तारी और पीड़ित परिवार को आर्थिक मदद को लेकर चले आंदोलन में अहम योगदान दिया। व्यापारियों एवं दुकानदारों ने शहर की प्रत्येक दुकानों के साथ-साथ अनाज मंडी को भी लगातार दो दिनों तक बंद रखा। अग्रसेन चौक के दुकानदारों ने पीड़ितों व प्रदर्शनकारियों के लिए लंगर व जलपान की सेवा में भाग लिया। मगर, आंदोलन के दूसरे दिन प्रशासनिक स्तर पर तीसरे दौर की वार्ता में पीड़ित पक्ष के लिए रखी गई मांगों पर सहमति बन गई।
ये रहे कमेटी में शामिल
प्रदर्शनकारियों की ओर से बनाई गई कमेटी में नगरपालिका चेयरपर्सन के प्रतिनिधि पंकज पसरीजा, बलविंदर कैरों, मास्टर सुखदेव भुक्कल, भीम सिंह झींझर, नरेंद्र बागड़ी, कुलदीप बौद्ध, जिले सिंह, रामनारायण वर्मा, बजरंग शर्मा, रोहताश गोयल, अनिल नड्डा, ईश्वर गर्ग, रामनिवास वर्मा, अजय मेहता शामिल रहे। इनमें साथ विधायक दुड़ाराम, डीसी जगदीश शर्मा, एसपी आस्था मोदी, एसडीएम राजेश कुमार व डीएसपी जुगल किशोर ने मुकेश प्रजापति हत्याकांड को लेकर करीब एक घंटे तक बातचीत करके समाधान का रास्ता निकाला। कमेटी ने अधिकारियों के सामने जो मांगें रखी, उन पर विचार-विमर्श करके कुछ आर्थिक सहायता निर्धारित करने के बाद दोनों ही पक्षों में सहमति बन गई। कमेटी ने प्रदर्शनकारियों के बीच आकर मामले पर अधिकारियों के साथ समझौता हो जाने की बात को जगजाहिर किया।
मृतक के परिवार को मिलेगा हरसंभव मदद
मृतक मुकेश प्रजापति के पीड़ित परिवार ने आर्थिक मदद को लेकर 50 लाख की मांग की गई थी। प्रशासन व कमेटी की वार्ता के बाद आठ लाख रुपये की मदद देने पर सहमति बनी। मृतक की पत्नी कमलेश को सरकारी नौकरी पर रखने की मांग थी, मगर नगरपालिका में सफाई कर्मचारी के तौर पर नौकरी देने पर सहमति बनी, जिसमें प्रतिमाह करीब दस हजार वेतन मिलेगा। पीड़ित परिवार के दो लोगों का शस्त्र लाइसेंस बनाने का आश्वासन मिला। पीड़ित परिवार की जान-माल की सुरक्षा हेतु पुलिसकर्मी लगाए जाएंगे। घटना के समय लापरवाह पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई होगी। हमले में शामिल सभी 40 से अधिक बदमाशों की तुरंत गिरफ्तारी की जाएगी।
गौरतलब है कि चंदन नगर के 32 वर्षीय मुकेश प्रजापति की हत्या से आक्रोशित लोगों ने शुक्रवार सुबह सिरसा-चंडीगढ़ रोड पर शव को रखकर जाम लगा दिया था। प्रदर्शनकारियों ने हत्यारोपियों की गिरफ्तारी के साथ-साथ पीड़ित परिवार की मदद के लिए भी गुहार लगाई थी। एसडीएम राजेश कुमार, डीएसपी जुगल किशोर तथा डीएसपी अजायब सिंह ने प्रदर्शनकारियों को समझाने की कोशिश की थी। दो दौर की वार्ता पूरी तरह से विफल हो गई थी। इसके बाद आक्रोशित प्रदर्शनकारियों ने सड़क के बीच में ही रात्रि को टेंट लगा दिए थे और लंगर सेवा शुरू कर दी थी।
विधायक दुड़ाराम को दो घंटे का दिया गया था अल्टीमेटम
शनिवार सुबह से गांवों के लोग भी प्रदर्शन में बड़ी संख्या में पहुंचने लगे। शनिवार दोपहर तक हजारों लोग जहां धरने पर बैठे थे, वहीं शहर की दुकानें बंद थी। शहर की हर सड़क पर जाम लगा हुआ था। प्रशासनिक अधिकारियों की ढुलमुल कार्रवाई के संकेत मिलने के बाद प्रदर्शनकारियों ने फतेहाबाद के विधायक को दो घंटों के अंदर धरना स्थल पर पहुंचने का अल्टीमेटम दिया। वहीं, निर्धारित समय पर न आने के लिए विधायक का बहिष्कार करने की धमकी दे दी थी। प्रदर्शनकारियों के कठोर निर्णय के बाद प्रशासनिक व राजनीतिक स्तर पर हलचल मच गई। विधायक दुड़ाराम, डीसी व एसपी दोपहर को भूना पहुंचे। विधायक व अधिकारियों ने धरना कमेटी से बात करके पूरे प्रकरण पर सहमति बना दी। उसके बाद मुकेश प्रजापति के शव का अंतिम संस्कार किया गया।
फतेहाबाद व चंडीगढ़ रूट करना पड़ा डायवर्ट
पुलिस ने फतेहाबाद से भूना आने वाले वाहनों को नाढोड़ी वाया भूथनकलां के रास्ते गुजारा। इसी तरह भूना से चंडीगढ़ जा रहे ज्यादातर वाहन खासा पठाना से वाया होते हुए भूना पहुंच रहे थे। छोटे वाहन आसपास के गांवों से निकाले गए। करीब 50 ट्रक जाम लगने से पहले उकलाना व फतेहाबाद मार्ग पर आ गए थे, वे वहीं फंस गए। काफी संख्या में ट्रक होटलों के बाहर भी खड़े किए गए।
अपराधियों के खिलाफ होगी कठोर कार्रवाई
प्रशासनिक अधिकारियों व प्रदर्शनकारी कमेटी के बीच मांगों को लेकर सहमति बन गई है। शहर में नशे व आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त लोगों पर शिकंजा कसा जाएगा। डीसी व एसपी ने इस पूरे मामले को गंभीरता से लिया है। -दुड़ाराम, विधायक, फतेहाबाद