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रोहतक: ककराना गांव के मंदिर में प्रवेश को लेकर विवाद, पुलिस तैनात, समुदाय विशेष के लोगों ने लगाए थे आरोप
Wed, 03 Nov 2021 02:17 PM IST
प्रमोद कुमार
अमर उजाला ब्यूरो, रोहतक
अमर उजाला ब्यूरो, रोहतक
Published by: प्रमोद कुमार
Updated Wed, 03 Nov 2021 02:17 PM IST
सार
रोहतक के ककराना गांव में मंदिर में प्रवेश को लेकर विवाद हो गया है। समुदाय विशेष लोगों ने सोशल मीडिया पर पोस्ट डाल आरोप लगाया कि उन्हें मंदिर में जाने से रोका जा रहा है। वे प्रवेश करके दिखाएंगे। हालांकि सरपंच ने कहा है कि किसी को नहीं रोका मंदिर में प्रवेश करने से। बेवजह माहौल खराब किया जा रहा है। पुलिस अलर्ट पर है।
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ककराना गांव के बाहर तैनात पुलिस बल।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
रोहतक में कलानौर खंड के गांव ककराना में मंदिर में प्रवेश को लेकर विवाद के कारण प्रशासन अलर्ट पर रहा। माहौल को देखते हुए देर रात तक पुलिस बल की तीन कंपनियां तैनात रहीं। एसडीएम ड्यूटी मजिस्ट्रेट के तौर पर मौजूद रहे, जबकि डीएसपी महेश कुमार व डीएसपी डॉ. रविंद्र कुमार ने सुरक्षा व्यवस्था संभाली। गांव के सरपंच का कहना है कि किसी को भी मंदिर में प्रवेश करने से नहीं रोका जा रहा। चंद युवक बेवजह माहौल खराब कर रहे हैं। ककराना गांव में एक माह पहले समाज विशेष के कुछ युवकों ने सोशल मीडिया पर कहा था कि उनके समाज को मंदिर में प्रवेश करने से रोका जा रहा है।
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पंचायत में नहीं निकल सका हल
2 नवंबर को वे मंदिर में प्रवेश करेंगे। मामले को लेकर गांव में पंचायत हुई, लेकिन कोई रास्ता नहीं निकल सका। माहौल को देखते हुए मंगलवार सुबह ही प्रशासन अलर्ट पर हो गया। डीएसपी महेश कुमार के नेतृत्व में पुलिस की तीन कंपनियां गांव में तैनात कर दी गईं। जबकि एसडीएम को ड्यूटी मजिस्ट्रेट लगाया गया। दिनभर गांव में बातचीत का दौर चलता रहा। एक समुदाय ने धार्मिक आयोजन कर भंडारा लगाया और भोजन वितरण किया। वहीं, देर रात तक पुलिस बल गांव में तैनात रहा।
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मंदिर में किसी को भी प्रवेश करने से रोका नहीं जा रहा है। गांव में पूरा भाईचारा कायम है। मंगलवार को धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किया गया। पुलिस बल भी तैनात रहा। मंदिर में प्रवेश को लेकर किसी तरह का विवाद नहीं हुआ।
-हनुमान सिंह, सरपंच, ककराना
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कुछ युवकों ने मंगलवार को मंदिर में प्रवेश करने की बात कही थी। ऐसे में सुरक्षा के लिहाज से पुलिस बल तैनात किया गया था। किसी को माहौल खराब करने की अनुमति नहीं है।
-इंस्पेक्टर रोहताश, थाना प्रभारी, कलानौर
दो नवंबर का दिन सामाजिक भाईचारे व एकता के तौर पर मनाना तय किया था। कहा जा रहा है कि मंदिर पांच परिवारों का है, लेकिन पंचायती जमीन में बना मंदिर पूरे गांव का माना जाता है। कई बार पंचायत हो चुकी है, लेकिन उनकी आवाज नहीं सुनी जा रही है।
-रवि, निवासी, ककराना