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Haryana Assembly Eletion: गठबंधन के फेर में फंसी कांग्रेस उम्मीदवारों की सूची, खिलाड़ियों के खाते में इतनी सीट
Thu, 05 Sep 2024 10:59 PM IST
अंकेश ठाकुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: अंकेश ठाकुर
Updated Thu, 05 Sep 2024 10:59 PM IST
सार
Haryana Assembly Eletion: हरियाणा विधानसभा चुनाव को लेकर जजपा और भाजपा उम्मीदवारों की पहली सूची जारी कर चुकी है। वहीं वीरवार से नामांकन प्रक्रिया भी शुरू हो गई है। बावजूद कांग्रेस प्रत्याशियों की पहली सूची गठबंधन की वजह से लटक गई है।
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हरियाणा विधानसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस व आप में गठबंधन।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
विधानसभा चुनाव को लेकर हरियाणा कांग्रेस के प्रत्याशियों की पहली सूची गठबंधन को लेकर कोई नतीजा न निकलने से अटक गई है। शुक्रवार को आम आदमी पार्टी और समाजवादी पार्टी के साथ हरियाणा में गठबंधन को लेकर कांग्रेस हाईकमान की बैठक होगी। इस बैठक में ही तय होगा कि गठबंधन होगा या नहीं, अगर होगा तो कितनी और कौन सी सीटों पर यह समझौता होगा।
राहुल गांधी और पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की अध्यक्षता में होने वाली इस बैठक के बाद ही सूची जारी होगी। हरियाणा कांग्रेस प्रभारी दीपक बाबरिया ने कहा कि अभी सूची आने में एक से दो दिन लग सकते हैं।
हरियाणा कांग्रेस कमेटी प्रदेश में किसी भी दल के साथ गठबंधन से इन्कार कर चुकी है। हालांकि लोकसभा चुनाव आप के साथ इंडिया गठबंधन के तहत मिलकर लड़ा था। आप उसी फार्मूले के तहत विधानसभा चुनाव में भी गठबंधन चाह रही है और 10 सीटें मांग रही है, लेकिन कांग्रेस हाईकमान 5 से 7 सीटें देने को तैयार है। इसके अलावा सपा भी हरियाणा में अपनी सियासी जमीन तलाश रही है और वह भी पांच सीटें मांग रही है।
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सहयोगी दलों की ओर से बनाए जा रहे दबाव को लेकर कांग्रेस हाईकमान ने 66 प्रत्याशियों की पहली सूची को रोक लिया है। अगर गठबंधन होता है कि इन तय प्रत्याशियों में से कुछ सीटों पर नाम बदले जाएंगे। वहीं, अगर गठबंधन नहीं होता है तो आगामी एक-दो दिन में यही सूची जारी की जाएगी। कांग्रेस हाईकमान हरियाणा में गठबंधन की राजनीति को आगे बढ़ाना चाहती है। इसके चलते गठबंधन के सहयोगी दलों के साथ सीट आवंटन को लेकर फार्मूले पर शुक्रवार को अंतिम मुहर लगने की उम्मीद है।
दावेदारों को अधिक समय नहीं देना चाहती कांग्रेस
टिकट वितरण को लेकर कांग्रेस दावेदारों को बगावत के लिए अधिक समय नहीं देना चाहती। कांग्रेस लोकसभा चुनाव की तर्ज पर देरी से टिकट वितरण की रणनीति पर काम कर रही है। भाजपा की बजाय कांग्रेस ने ऐन वक्त पर टिकटें बांटी और कांग्रेस से कोई बड़ा नेता बागी होकर दूसरे दल में नहीं जा पाया था। हरियाणा में 5 सितंबर से 12 सितंबर तक नामांकन दाखिल किए जाने हैं। इसलिए आगामी एक से दो दिन में सूची आती है तो टिकट कटने वालों के पास मात्र एक सप्ताह ही होगा। अपनी पहली सूची में कांग्रेस 28 में से 25 मौजूदा विधायकों को टिकटें देने जा रही है।
खिलाड़ियों पर दांव खेलेगी कांग्रेस
भाजपा ने अपनी सूची में इस बार केवल कबड्डी खिलाड़ी दीपक हुड्डा को टिकट दिया है, जबकि संदीप सिंह, बबीता फोगाट और योगेश्वर दत्त की टिकटें काटी हैं। ऐसे में कांग्रेस बजरंग पूनिया और वीनेश फोगाट पर दांव खेल सकती है, क्योंकि खिलाड़ी आंदोलन के दौरान कांग्रेस ने खुलकर खिलाड़ियों का समर्थन किया था और खुद राहुल गांधी और प्रियंका गांधी खिलाड़ियों से मिले थे। ऐसे में ये तय माना जा रहा है कि दो से तीन सीटें खिलाड़ियों के खाते में आएंगी।
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राहुल गांधी और पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की अध्यक्षता में होने वाली इस बैठक के बाद ही सूची जारी होगी। हरियाणा कांग्रेस प्रभारी दीपक बाबरिया ने कहा कि अभी सूची आने में एक से दो दिन लग सकते हैं।
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हरियाणा कांग्रेस कमेटी प्रदेश में किसी भी दल के साथ गठबंधन से इन्कार कर चुकी है। हालांकि लोकसभा चुनाव आप के साथ इंडिया गठबंधन के तहत मिलकर लड़ा था। आप उसी फार्मूले के तहत विधानसभा चुनाव में भी गठबंधन चाह रही है और 10 सीटें मांग रही है, लेकिन कांग्रेस हाईकमान 5 से 7 सीटें देने को तैयार है। इसके अलावा सपा भी हरियाणा में अपनी सियासी जमीन तलाश रही है और वह भी पांच सीटें मांग रही है।
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सहयोगी दलों की ओर से बनाए जा रहे दबाव को लेकर कांग्रेस हाईकमान ने 66 प्रत्याशियों की पहली सूची को रोक लिया है। अगर गठबंधन होता है कि इन तय प्रत्याशियों में से कुछ सीटों पर नाम बदले जाएंगे। वहीं, अगर गठबंधन नहीं होता है तो आगामी एक-दो दिन में यही सूची जारी की जाएगी। कांग्रेस हाईकमान हरियाणा में गठबंधन की राजनीति को आगे बढ़ाना चाहती है। इसके चलते गठबंधन के सहयोगी दलों के साथ सीट आवंटन को लेकर फार्मूले पर शुक्रवार को अंतिम मुहर लगने की उम्मीद है।
दावेदारों को अधिक समय नहीं देना चाहती कांग्रेस
टिकट वितरण को लेकर कांग्रेस दावेदारों को बगावत के लिए अधिक समय नहीं देना चाहती। कांग्रेस लोकसभा चुनाव की तर्ज पर देरी से टिकट वितरण की रणनीति पर काम कर रही है। भाजपा की बजाय कांग्रेस ने ऐन वक्त पर टिकटें बांटी और कांग्रेस से कोई बड़ा नेता बागी होकर दूसरे दल में नहीं जा पाया था। हरियाणा में 5 सितंबर से 12 सितंबर तक नामांकन दाखिल किए जाने हैं। इसलिए आगामी एक से दो दिन में सूची आती है तो टिकट कटने वालों के पास मात्र एक सप्ताह ही होगा। अपनी पहली सूची में कांग्रेस 28 में से 25 मौजूदा विधायकों को टिकटें देने जा रही है।
खिलाड़ियों पर दांव खेलेगी कांग्रेस
भाजपा ने अपनी सूची में इस बार केवल कबड्डी खिलाड़ी दीपक हुड्डा को टिकट दिया है, जबकि संदीप सिंह, बबीता फोगाट और योगेश्वर दत्त की टिकटें काटी हैं। ऐसे में कांग्रेस बजरंग पूनिया और वीनेश फोगाट पर दांव खेल सकती है, क्योंकि खिलाड़ी आंदोलन के दौरान कांग्रेस ने खुलकर खिलाड़ियों का समर्थन किया था और खुद राहुल गांधी और प्रियंका गांधी खिलाड़ियों से मिले थे। ऐसे में ये तय माना जा रहा है कि दो से तीन सीटें खिलाड़ियों के खाते में आएंगी।