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इंस्पायर योजना के चेक की मियाद बीती
अमर उजाला, पानीपत
Updated Sat, 14 Sep 2013 11:08 PM IST
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पानीपत में केंद्र की इंस्पायर योजना के तहत विद्यार्थियों को मिले अधिकतर चेक एक्सपायर हो गए हैं। अधिकारियों की अनदेखी के कारण बाल वैज्ञानिक मुश्किलों में हैं।
शिक्षा विभाग ने चेक एक्सपायर होने के बाद अपने हाथ खड़े कर लिए हैं। बाल वैज्ञानिक को राशि नहीं मिलने पर वे अधिकारियों के चक्कर काट रहे हैं। लेकिन कहीं से भी संतोषजनक जवाब नहीं मिल रहा।
केंद्र की इंस्पायर योजना के तहत शिक्षा विभाग ने जिले के 295 स्कूली विद्यार्थियों को पांच-पांच हजार रुपये के चेक दिए थे। विद्यार्थियों को इस राशि से साइंस के मॉडल और नई खोज पर आधारित मॉडल तैयार करने थे। इस लेकर तीन और चार सितंबर को जिला और दस और 11 सितंबर को प्रदेश स्तर पर बाल वैज्ञानिक प्रदर्शनी लगाई थी।
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सौ बाल वैज्ञानिक नहीं हुए शामिल
इंस्पायर योजना के तहत राशि समय पर नहीं मिलने पर अधिकतर बाल वैज्ञानिकों का उत्साह धरा रह गया। शिक्षा विभाग की माने तो इस साल जिले के 295 विद्यार्थियों को इंस्पायर योजना के तहत चेक दिए थे। जिला स्तर की बाल विज्ञान प्रदर्शनी के पहले दिन 195 विद्यार्थी ही शामिल हो पाए। बाकी सौ विद्यार्थी हाथ में राशि नहीं होने पर पीछे हट गए।
ऐसे हुए एक्सपायर
बैंक अधिकारियों की माने तो कोई भी चेक जारी क्लीयर होने की तिथि के तीन माह तक मान्य होता है। इससे अधिक समय होने पर चेक एक्सपायर हो जाता है और इसको फिर से बनवाना पड़ता है। इस चेक को जारीकर्ता ही बनवा सकता है। स्कूली विद्यार्थियों को मिले चेक के साथ भी यहीं हुआ। इनको मिले अधिकतर चेक उनके हाथ में आने से पहले ही एक्सपायर हो चुके थे।
योजना का उद्देश्य
इंस्पायर योजना का उद्देश्य विद्यार्थियों की साइंस प्रतिभा निखारने के साथ उनमें खोज की भावना जागृत करना है। इसके लिए जिलास्तर से लेकर प्रदेश और राष्ट्रीय स्तर पर विज्ञान प्रदर्शनी आयोजित होती है। इसके लिए केंद्र की योजना के तहत विद्यार्थी के नाम पांच हजार राशि चेक के माध्यम मिलती है।
ये आ रही है दिक्कत
इंस्पायर योजना के तहत जिला और प्रदेश स्तर पर विज्ञान प्रदर्शनी लग चुकी है। जिला स्तर पर करीब 195 विद्यार्थियों के माडल शामिल किए थे। इसके बाद जिले में उत्कृष्ट 20 मॉडल प्रदेश स्तरीय प्रदर्शनी में शामिल किए। इनमें से जिले के दो मॉडल उत्कृष्ट रहे और इनको राष्ट्रीय स्तर की प्रदर्शनी में शामिल किया था। योजना के तहत राशि नहीं मिलने पर विद्यार्थियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। नाम नहीं छापने की शर्त पर एक विद्यार्थी ने बताया कि उसने घर से पैसे लेकर माडल तैयार किया था। उसका मॉडल लगातार उत्कृष्ट आ रहा है। अब तक उसका चेक क्लीयर नहीं हुआ है।
आगे का भी भरोसा नहीं
विद्यार्थियों को चेक राशि भविष्य में भी मिलने का भरोसा नहीं। विद्यार्थी अभी से परेशान हैं और अधिकारियों के चक्कर काट रहे हैं। शिक्षा अधिकारियों की भी माने तो उन्होंने भी चेक केंद्र को वापस कर दिए हैं, लेकिन चेक वापस आने का कोई दायरा नहीं है।
वर्जन
शिक्षा विभाग के माध्यम से स्कूली बच्चों के चेक आए थे। इनमें से कुछ चेक की डेट निकल गई है और कुछ के नाम गलत हैं। बैंक के नियमानुसार ऐसे चेक को क्लीयर नहीं किया जा सकता। शिक्षा विभाग को इस विषय में अवगत करा दिया है। वे अपने स्तर पर बच्चों का हर संभव सहयोग करने को तैयार हैं।
नथुनी झा, चीफ मैनेजर, एसबीआई पानीपत
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शिक्षा विभाग ने चेक एक्सपायर होने के बाद अपने हाथ खड़े कर लिए हैं। बाल वैज्ञानिक को राशि नहीं मिलने पर वे अधिकारियों के चक्कर काट रहे हैं। लेकिन कहीं से भी संतोषजनक जवाब नहीं मिल रहा।
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केंद्र की इंस्पायर योजना के तहत शिक्षा विभाग ने जिले के 295 स्कूली विद्यार्थियों को पांच-पांच हजार रुपये के चेक दिए थे। विद्यार्थियों को इस राशि से साइंस के मॉडल और नई खोज पर आधारित मॉडल तैयार करने थे। इस लेकर तीन और चार सितंबर को जिला और दस और 11 सितंबर को प्रदेश स्तर पर बाल वैज्ञानिक प्रदर्शनी लगाई थी।
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सौ बाल वैज्ञानिक नहीं हुए शामिल
इंस्पायर योजना के तहत राशि समय पर नहीं मिलने पर अधिकतर बाल वैज्ञानिकों का उत्साह धरा रह गया। शिक्षा विभाग की माने तो इस साल जिले के 295 विद्यार्थियों को इंस्पायर योजना के तहत चेक दिए थे। जिला स्तर की बाल विज्ञान प्रदर्शनी के पहले दिन 195 विद्यार्थी ही शामिल हो पाए। बाकी सौ विद्यार्थी हाथ में राशि नहीं होने पर पीछे हट गए।
ऐसे हुए एक्सपायर
बैंक अधिकारियों की माने तो कोई भी चेक जारी क्लीयर होने की तिथि के तीन माह तक मान्य होता है। इससे अधिक समय होने पर चेक एक्सपायर हो जाता है और इसको फिर से बनवाना पड़ता है। इस चेक को जारीकर्ता ही बनवा सकता है। स्कूली विद्यार्थियों को मिले चेक के साथ भी यहीं हुआ। इनको मिले अधिकतर चेक उनके हाथ में आने से पहले ही एक्सपायर हो चुके थे।
योजना का उद्देश्य
इंस्पायर योजना का उद्देश्य विद्यार्थियों की साइंस प्रतिभा निखारने के साथ उनमें खोज की भावना जागृत करना है। इसके लिए जिलास्तर से लेकर प्रदेश और राष्ट्रीय स्तर पर विज्ञान प्रदर्शनी आयोजित होती है। इसके लिए केंद्र की योजना के तहत विद्यार्थी के नाम पांच हजार राशि चेक के माध्यम मिलती है।
ये आ रही है दिक्कत
इंस्पायर योजना के तहत जिला और प्रदेश स्तर पर विज्ञान प्रदर्शनी लग चुकी है। जिला स्तर पर करीब 195 विद्यार्थियों के माडल शामिल किए थे। इसके बाद जिले में उत्कृष्ट 20 मॉडल प्रदेश स्तरीय प्रदर्शनी में शामिल किए। इनमें से जिले के दो मॉडल उत्कृष्ट रहे और इनको राष्ट्रीय स्तर की प्रदर्शनी में शामिल किया था। योजना के तहत राशि नहीं मिलने पर विद्यार्थियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। नाम नहीं छापने की शर्त पर एक विद्यार्थी ने बताया कि उसने घर से पैसे लेकर माडल तैयार किया था। उसका मॉडल लगातार उत्कृष्ट आ रहा है। अब तक उसका चेक क्लीयर नहीं हुआ है।
आगे का भी भरोसा नहीं
विद्यार्थियों को चेक राशि भविष्य में भी मिलने का भरोसा नहीं। विद्यार्थी अभी से परेशान हैं और अधिकारियों के चक्कर काट रहे हैं। शिक्षा अधिकारियों की भी माने तो उन्होंने भी चेक केंद्र को वापस कर दिए हैं, लेकिन चेक वापस आने का कोई दायरा नहीं है।
वर्जन
शिक्षा विभाग के माध्यम से स्कूली बच्चों के चेक आए थे। इनमें से कुछ चेक की डेट निकल गई है और कुछ के नाम गलत हैं। बैंक के नियमानुसार ऐसे चेक को क्लीयर नहीं किया जा सकता। शिक्षा विभाग को इस विषय में अवगत करा दिया है। वे अपने स्तर पर बच्चों का हर संभव सहयोग करने को तैयार हैं।
नथुनी झा, चीफ मैनेजर, एसबीआई पानीपत