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Charkhi Dadri News: बीता पूरा साल, योजनाएं फाइलों से नहीं आईं बाहर
Thu, 26 Dec 2024 10:56 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Thu, 26 Dec 2024 10:56 PM IST
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शहर का रोहतक फाटक जहां आरओबी बनना है। संवाद
ईयर एंडर:
वर्ष 2024 में दादरी शहर में धीमी रही विकास की रफ्तार, विभागों में आपसी तालमेल की कमी सबसे बड़ा कारण
संवाद न्यूज एजेंसी
चरखी दादरी। वर्ष 2024 बीतने में अब चार दिन शेष हैं। कई ऐसी विकासपरक परियोजनाएं हैं जो सालभर फाइलों में ही सीमित रहीं। अगर ये योजनाएं धरातल पर परवान चढ़तीं तो आमजन को इनका लाभ मिलता और शहर की सूरत भी बदली नजर आती। कुछ विकास परियोजनाएं मुख्यालय की स्वीकृति के इंतजार में फाइलों में ही बंद हैं तो कुछ विभागों के आपसी तालमेल की कमी के चलते धरातल पर परवान नहीं चढ़ पाई हैं। अब नववर्ष पर जिला और शहरवासियों को विकास का पहिया तेजी से घूमने की उम्मीद है।
- ये योजनाएं विकास को पंख लगाने के साथ लोगों को देंगी राहत
1- शहर में बनने हैं 5 स्वागत द्वार
शहर के सभी एंट्री पॉइंट्स पर प्रवेश एवं स्वागत द्वार बनने प्रस्तावित हैं। शहर को जिला मुख्यालय का लुक देने के लिए 5 स्वागत द्वार बनाए जाएंगे। प्रति द्वार करीब साढ़े 9 लाख रुपये का बजट खर्च होगा। नगर परिषद के अधिकारी स्वीकृति के लिए फाइल मुख्यालय भेज चुके हैं। औपचारिकताएं पूरी होते ही धरातल पर काम शुरू करवा दिया जाएगा। स्वागत द्वार रावलधी चौक, समसपुर चौक, लोहारू चौक, कनीना टी-पॉइंट्स व महेंद्रगढ़ चौक पर बनने हैं।
2- रोहतक रोड फाटक ओवरब्रिज का इंतजार हुआ लंबा
शहर के रोहतक रोड फाटक पर बनने वाले रेलवे ओवरब्रिज का इंतजार लंबा होता चला जा रहा है। 77 करोड़ की यह परियोजना अब तक फाइलों से बाहर नहीं निकल पाई है। लोक निर्माण विभाग कई दफा जल्द धरातल पर काम शुरू कराने का दावा कर चुका है, लेकिन, अब तक निर्माण कार्य शुरू होने का इंतजार है। लेटलतीफी का आलम यह है कि अब तक विभाग को वन विभाग से एनओसी (अनापत्ति प्रमाणपत्र) नहीं मिला है।
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3- पार्काें के जीर्णोद्धार की योजना ठंडे बस्ते में
नगर परिषद की ओर से करीब एक साल पहले शहर के तीन पार्काें का जीर्णोद्धार कराने की योजना तैयार की गई थी। मुख्यालय के निर्देशों पर दो बार इसमें फेरबदल हो चुके हैं। अब तक यह योजना धरातल पर परवान नहीं चढ़ी है। नगर परिषद अधिकारियों की ओर से तैयार की गई योजना अनुसार रोजगार्डन और स्वर्ण जयंती शताब्दी पार्क की दशा सुधारी जानी है। इस पर करीब पौने दो करोड़ रुपये का बजट खर्च होना है। फिलहाल, मुख्यालय से स्वीकृति नहीं मिली है।
4- बाल भवन का होगा निर्माण
जिला बनने के आठ साल बाद दादरी को बाल भवन की सौगात मिलेगी। इसके निर्माण का रास्ता साफ हो चुका है। सरकार से छह करोड़ रुपये की पहली किस्त जारी होने पर लोक निर्माण विभाग (लोनिवि) ने निविदा प्रक्रिया पूरी कर ली है। भवन निर्माण पर करीब 12.5 करोड़ रुपये लागत आएगी। बाल भवन बनने से जिले की प्रतिभाओं को बचपन से ही निखारा जा सकेगा। अधिकारियों का दावा है कि जल्द परियोजना पूरी कराने का प्रयास रहेगा।
5- पेयजल परियोजना पर चल रहा काम
शहर के लिए 115 करोड़ की पेयजल परियोजना पर काम चल रहा है। इसके तहत शहर के दोनों जलघरों के अलावा घिकाड़ा जलघर को अपग्रेड किया जाना है। जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का दावा है कि नए टैंक का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। इसके अलावा एक नए बूस्टिंग स्टेशन का निर्माण भी लगभग पूरा हो चुका है। जल्द ही शहर की गलियों व सड़कों को उखाड़कर नई पेयजल लाइनें डालने का काम भी शुरू कर दिया जाएगा।
- ये योजनाएं चढ़ीं सिरे
1- स्ट्रॉम वाटर परियोजना
दादरी शहर की स्ट्रॉम वाटर परियोजना सिरे चढ़ चुकी है। इससे पहले हर मानसून सीजन में शहर के मुख्य बाजार समेत विभिन्न कॉलोनियों में जलभराव होता था। जनस्वास्थ्य विभाग का दावा है कि स्ट्रॉम वाटर परियोजना के तहत पाइपलाइन डाली गई है। अब बारिश के समय आसानी से पानी की निकासी हो जाएगी।
2- बंदर व गोवंश पकड़ो अभियान
करीब 11 माह का इंतजार करने के बाद साल के अंत में शहरवासियों को बंदरों व गोवंशों से निजात दिलाने की मांग पूरी हुई है। नगर परिषद ने टेंडर प्रक्रिया के जरिये एजेंसी हायर कर बंदर व गोवंशों को पकड़ने का काम शुरू करवा दिया है। हालांकि, दोनों मुहिम की रफ्तार धीमी है। इसमें तेजी लाने की जरूरत है।
3- 4 बस क्यू शेल्टर हुए तैयार
विद्यार्थियों और शहरवासियों की सुविधा के लिए नगर परिषद ने चार नए बस क्यू शेल्टर तैयार करवाए हैं। इनके निर्माण पर करीब 52 लाख रुपये लागत आई है। बस क्यू शेल्टर चंपापुरी क्षेत्र, एपीजे कॉलेज के सामने, चिड़िया रोड स्थित नई अनाज मंडी के पास व महेंद्रगढ़ रोड बाईपास पर बनाए गए हैं। यात्रियों को इनका लाभ मिल रहा है।
4- नई वैध कॉलोनी में बनी पक्की गली
करीब एक साल पहले सरकार की ओर से शहर के बाहरी क्षेत्रों की चार कॉलोनियों को वैध किया था। लंबे इंतजार के बाद इन कॉलोनियों के लोगों को नगर परिषद अधिकारियों ने पक्की गली की सुविधा दे दी है। चारों कॉलोनियों की एक-एक मुख्य गली पक्की करवाई गई है। इस पर 50 लाख रुपये से अधिक लागत आई है।
फोटो 03
रावलधी चौक, जहां स्वागत द्वार बनना है। संवाद
फोटो 04
शहर का रोहतक फाटक, जहां आरओबी बनना है। संवाद
फोटो 05
बदहाल पड़ा दादरी रोजगार्डन। संवाद
फोटो 06
बाल भवन की कमी से स्कूल में प्रस्तुति देतीं प्रतिभागी। फाइल फोटो
फोटो 07
चंपापुरी जलघर में निर्माणाधीन पानी भंडारण टैंक। संवाद
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वर्ष 2024 में दादरी शहर में धीमी रही विकास की रफ्तार, विभागों में आपसी तालमेल की कमी सबसे बड़ा कारण
संवाद न्यूज एजेंसी
चरखी दादरी। वर्ष 2024 बीतने में अब चार दिन शेष हैं। कई ऐसी विकासपरक परियोजनाएं हैं जो सालभर फाइलों में ही सीमित रहीं। अगर ये योजनाएं धरातल पर परवान चढ़तीं तो आमजन को इनका लाभ मिलता और शहर की सूरत भी बदली नजर आती। कुछ विकास परियोजनाएं मुख्यालय की स्वीकृति के इंतजार में फाइलों में ही बंद हैं तो कुछ विभागों के आपसी तालमेल की कमी के चलते धरातल पर परवान नहीं चढ़ पाई हैं। अब नववर्ष पर जिला और शहरवासियों को विकास का पहिया तेजी से घूमने की उम्मीद है।
- ये योजनाएं विकास को पंख लगाने के साथ लोगों को देंगी राहत
1- शहर में बनने हैं 5 स्वागत द्वार
शहर के सभी एंट्री पॉइंट्स पर प्रवेश एवं स्वागत द्वार बनने प्रस्तावित हैं। शहर को जिला मुख्यालय का लुक देने के लिए 5 स्वागत द्वार बनाए जाएंगे। प्रति द्वार करीब साढ़े 9 लाख रुपये का बजट खर्च होगा। नगर परिषद के अधिकारी स्वीकृति के लिए फाइल मुख्यालय भेज चुके हैं। औपचारिकताएं पूरी होते ही धरातल पर काम शुरू करवा दिया जाएगा। स्वागत द्वार रावलधी चौक, समसपुर चौक, लोहारू चौक, कनीना टी-पॉइंट्स व महेंद्रगढ़ चौक पर बनने हैं।
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2- रोहतक रोड फाटक ओवरब्रिज का इंतजार हुआ लंबा
शहर के रोहतक रोड फाटक पर बनने वाले रेलवे ओवरब्रिज का इंतजार लंबा होता चला जा रहा है। 77 करोड़ की यह परियोजना अब तक फाइलों से बाहर नहीं निकल पाई है। लोक निर्माण विभाग कई दफा जल्द धरातल पर काम शुरू कराने का दावा कर चुका है, लेकिन, अब तक निर्माण कार्य शुरू होने का इंतजार है। लेटलतीफी का आलम यह है कि अब तक विभाग को वन विभाग से एनओसी (अनापत्ति प्रमाणपत्र) नहीं मिला है।
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3- पार्काें के जीर्णोद्धार की योजना ठंडे बस्ते में
नगर परिषद की ओर से करीब एक साल पहले शहर के तीन पार्काें का जीर्णोद्धार कराने की योजना तैयार की गई थी। मुख्यालय के निर्देशों पर दो बार इसमें फेरबदल हो चुके हैं। अब तक यह योजना धरातल पर परवान नहीं चढ़ी है। नगर परिषद अधिकारियों की ओर से तैयार की गई योजना अनुसार रोजगार्डन और स्वर्ण जयंती शताब्दी पार्क की दशा सुधारी जानी है। इस पर करीब पौने दो करोड़ रुपये का बजट खर्च होना है। फिलहाल, मुख्यालय से स्वीकृति नहीं मिली है।
4- बाल भवन का होगा निर्माण
जिला बनने के आठ साल बाद दादरी को बाल भवन की सौगात मिलेगी। इसके निर्माण का रास्ता साफ हो चुका है। सरकार से छह करोड़ रुपये की पहली किस्त जारी होने पर लोक निर्माण विभाग (लोनिवि) ने निविदा प्रक्रिया पूरी कर ली है। भवन निर्माण पर करीब 12.5 करोड़ रुपये लागत आएगी। बाल भवन बनने से जिले की प्रतिभाओं को बचपन से ही निखारा जा सकेगा। अधिकारियों का दावा है कि जल्द परियोजना पूरी कराने का प्रयास रहेगा।
5- पेयजल परियोजना पर चल रहा काम
शहर के लिए 115 करोड़ की पेयजल परियोजना पर काम चल रहा है। इसके तहत शहर के दोनों जलघरों के अलावा घिकाड़ा जलघर को अपग्रेड किया जाना है। जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का दावा है कि नए टैंक का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। इसके अलावा एक नए बूस्टिंग स्टेशन का निर्माण भी लगभग पूरा हो चुका है। जल्द ही शहर की गलियों व सड़कों को उखाड़कर नई पेयजल लाइनें डालने का काम भी शुरू कर दिया जाएगा।
- ये योजनाएं चढ़ीं सिरे
1- स्ट्रॉम वाटर परियोजना
दादरी शहर की स्ट्रॉम वाटर परियोजना सिरे चढ़ चुकी है। इससे पहले हर मानसून सीजन में शहर के मुख्य बाजार समेत विभिन्न कॉलोनियों में जलभराव होता था। जनस्वास्थ्य विभाग का दावा है कि स्ट्रॉम वाटर परियोजना के तहत पाइपलाइन डाली गई है। अब बारिश के समय आसानी से पानी की निकासी हो जाएगी।
2- बंदर व गोवंश पकड़ो अभियान
करीब 11 माह का इंतजार करने के बाद साल के अंत में शहरवासियों को बंदरों व गोवंशों से निजात दिलाने की मांग पूरी हुई है। नगर परिषद ने टेंडर प्रक्रिया के जरिये एजेंसी हायर कर बंदर व गोवंशों को पकड़ने का काम शुरू करवा दिया है। हालांकि, दोनों मुहिम की रफ्तार धीमी है। इसमें तेजी लाने की जरूरत है।
3- 4 बस क्यू शेल्टर हुए तैयार
विद्यार्थियों और शहरवासियों की सुविधा के लिए नगर परिषद ने चार नए बस क्यू शेल्टर तैयार करवाए हैं। इनके निर्माण पर करीब 52 लाख रुपये लागत आई है। बस क्यू शेल्टर चंपापुरी क्षेत्र, एपीजे कॉलेज के सामने, चिड़िया रोड स्थित नई अनाज मंडी के पास व महेंद्रगढ़ रोड बाईपास पर बनाए गए हैं। यात्रियों को इनका लाभ मिल रहा है।
4- नई वैध कॉलोनी में बनी पक्की गली
करीब एक साल पहले सरकार की ओर से शहर के बाहरी क्षेत्रों की चार कॉलोनियों को वैध किया था। लंबे इंतजार के बाद इन कॉलोनियों के लोगों को नगर परिषद अधिकारियों ने पक्की गली की सुविधा दे दी है। चारों कॉलोनियों की एक-एक मुख्य गली पक्की करवाई गई है। इस पर 50 लाख रुपये से अधिक लागत आई है।
फोटो 03
रावलधी चौक, जहां स्वागत द्वार बनना है। संवाद
फोटो 04
शहर का रोहतक फाटक, जहां आरओबी बनना है। संवाद
फोटो 05
बदहाल पड़ा दादरी रोजगार्डन। संवाद
फोटो 06
बाल भवन की कमी से स्कूल में प्रस्तुति देतीं प्रतिभागी। फाइल फोटो
फोटो 07
चंपापुरी जलघर में निर्माणाधीन पानी भंडारण टैंक। संवाद