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बंदरों से परेशान वार्ड-चार के लोग, एक माह में 15 पर कर चुके हमला

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 21 Aug 2021 01:30 AM IST
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Ward-four people troubled by monkeys, attacked 15 in a month
बंदरों से परेशान वार्ड-चार के लोग, एक माह में 15 पर कर चुके हमला
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चरखी दादरी। नगर परिषद का बंदर पकड़ो अभियान फिर अधर में दम तोड़ गया है। इसके चलते शहर के कई क्षेत्रों में लोग बंदरों की समस्या से परेशान हैं। वार्ड-चार की अगर बात करें तो बंदर न केवल घरों से सामान उठाकर ले जा रहे हैं, बल्कि मौका मिलते ही लोगों पर हमला भी कर रहे हैं। वार्ड में बंदर झुंड में घूमते हैं। वार्ड वासियों ने नगर परिषद अधिकारियों से बंदरों की समस्या से निजात दिलाने की मांग की है। वार्ड के लोगों ने बताया कि पिछले करीब एक माह में बंदर 15 लोगों को घायल कर चुके हैं। वार्ड वासियों ने बंदर पकड़ो अभियान बंद होने पर रोष जताया।
वार्ड चार में बंदरों के आंतक से लोगों में भय बना हुआ है। लोगों का कहना है कि बंदरों का झुंड मौका मिलते ही घर में घुस जाता है। बंदर न केवल घरेलू सामान को तोड़ देते हैं, बल्कि फ्रिज में रखे फल और सब्जियां तक निकालकर ले जा रहे हैं। अगर लोग बंदरों को भगाने का प्रयास करते हैं तो उन पर हमला कर काट लेते हैं। बंदर बुजुर्ग और बच्चों को अधिक निशाना बनाते हैं। लोगों का कहना है कि अगर नगर परिषद जल्द ही इस समस्या का समाधान नही करती है तो वे कड़ा कदम उठाने को विवश होंगे।
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वार्ड चार के रहने वाले लोगों का कहना है कि बंदरों का आतंक बढ़ता जा रहा है। अब तक वार्ड चार में छह बच्चे, चार महिलाओं व पांच व्यक्तियों को हमला कर घायल कर चुके हैं। लोगों ने बताया कि वो नगर परिषद कार्यालय में शिकायत भी दे चुके हैं, लेकिन इसके बाद भी स्थिति जस की तस बनी हुई है। लोगों ने जिला प्रशासन से बंदरों से निजात दिलाने की गुहार भी लगाई है।
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लोग बोले: जहन में बंदरों का खौफ, अधिकारी नहीं दिला रहे समस्या से निजात
- मैं शुभम वाटिका में काम करता हूं। वीरवार सुबह काम करते समय पीछे से बंदर आया और मुझ पर हमला कर दिया। शोर मचाने पर अन्य कर्मचारियों के आने पर बंदर भाग गया। जेहन में बंदरों का भय बना हुआ है।
विजय कुमार
- बंदरों का आतंक बढ़ता जा रहा है। लोग समस्या से बेहद परेशान हैं और नप अधिकारियों से कई बार बंदरों से निजात दिलाने की मांग उठा चुके हैं, जो अब तक पूरी नहीं हुई है। बंदर हमला करने से भी नहीं चूक रहे हैं।
विकास
- बंदर बेखौफ होकर घर में घुस जाते हैं और सामान तोड़ देते हैं। रसोई में रखें समान व कमरे में रखे कपड़े को उठाकर ले जाते हैं और बाद में फाड़कर छत या घर के आसपास ही फेंक जाते हैं। लोग बंदरों से बेहद परेशान हैं।
अरुण
- स्टेडियम के समीप ही मेरा किरयाणा स्टोर है। बंदरों का आतंक इतना बढ़ गया है कि दुकान पर होने के बावजूद सामान उठा ले जाते हैं। कुछ दिन पहले समान उठाने पर बंदरों को भगाने का प्रयास किया मेरे ऊपर ही हमला कर दिया।

कृष्ण
वर्जन::
वार्ड में करीब 20 बंदरों का झुंड घूमता है। मौका पाकर यह लोगों पर हमला भी कर देता है। इस संबंध में हम नप अधिकारियों को शिकायत भी सौंप चुके हैं लेकिन अभी तक बंदर पकड़ो अभियान शुरू नहीं किया गया है।
दिनेश जांगड़ा, निवर्तमान पार्षद, वार्ड चार
वर्जन::
बंदर पकड़ो अभियान बंद होने का मामला मेरे संज्ञान में नहीं है। अगर ऐसी कोई समस्या है तो जल्द ही बंदर पकड़ो अभियान दोबारा शुरू करवा देंगे।
विरेंद्र सिंह, एसडीएम चरखी दादरी
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