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Charkhi Dadri News: भगवान परशुराम चौक मार्ग पर जाम से राहगीर और कारोबार प्रभावित
Mon, 14 Sep 2026 12:46 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Mon, 14 Sep 2026 12:46 AM IST
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परशुराम चौक से सरदार झाडू सिंह चौक की तरफ से गुजरती परिवहन समिति व रोडवेज की बसें।
चरखी दादरी। शहर के भगवान परशुराम चौक से सरदार झाड़ूसिंह चौक तक के मार्ग पर रोजाना जाम लगता है। इस जाम से राहगीरों और वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। यह मार्ग शहर के सबसे व्यस्त मार्गों में से एक है।
इस मार्ग पर रोडवेज और परिवहन समिति की बसों का लगातार आवागमन होता है। दोनों दिशाओं से एक साथ बसें आने पर यातायात व्यवस्था प्रभावित हो जाती है। देखते-ही-देखते वाहनों की लंबी कतारें लग जाती हैं। इसी मार्ग पर मातृ-शिशु अस्पताल और राजकीय मॉडल संस्कृति स्कूल भी स्थित हैं। अस्पताल के सामने जाम लगने से मरीजों और उनके परिजनों को दिक्कत होती है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, कई बार एंबुलेंस के लिए भी रास्ता निकालना मुश्किल हो जाता है। स्कूल खुलने और छुट्टी के समय विद्यार्थियों की आवाजाही बढ़ने से स्थिति और गंभीर हो जाती है। दोपहिया वाहन चालक भीड़ के बीच से निकलने का प्रयास करते हैं, जिससे हादसे की आशंका बनी रहती है।
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जाम से कारोबार पर असर
लंबे समय तक जाम लगे रहने से सड़क किनारे स्थित दुकानदारों का कारोबार भी प्रभावित हो रहा है। वाहनों की कतार लगने से दुकानों के सामने का रास्ता रुक जाता है। इसके कारण ग्राहक भी वहां पहुंचने से बचते हैं। इससे दुकानदारों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है।
स्थानीय लोगों की मांग
स्थानीय लोगों ने प्रशासन और यातायात पुलिस से इस समस्या के समाधान की मांग की है। उन्होंने बसों के आवागमन और ठहराव को व्यवस्थित करने को कहा है। साथ ही, अस्पताल और स्कूल के आसपास यातायात व्यवस्था सुधारने की अपील की है। लोगों का मानना है कि इस मार्ग पर स्थायी समाधान होना चाहिए। इससे मरीजों, विद्यार्थियों, दुकानदारों और आम राहगीरों को राहत मिलेगी।
रोडवेज बसों के रूट डायवर्ट करने की जिम्मेदारी रोडवेज महाप्रबंधक की है, वैसे हमारे कर्मचारी परशुराम चौक पर तैनात रहते हैं, वही राइडर भी लगातार गश्त करती रहती है।
- नागेश कुमार, कार्यवाहक, यातायात प्रभारी
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इस मार्ग पर रोडवेज और परिवहन समिति की बसों का लगातार आवागमन होता है। दोनों दिशाओं से एक साथ बसें आने पर यातायात व्यवस्था प्रभावित हो जाती है। देखते-ही-देखते वाहनों की लंबी कतारें लग जाती हैं। इसी मार्ग पर मातृ-शिशु अस्पताल और राजकीय मॉडल संस्कृति स्कूल भी स्थित हैं। अस्पताल के सामने जाम लगने से मरीजों और उनके परिजनों को दिक्कत होती है।
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स्थानीय लोगों के अनुसार, कई बार एंबुलेंस के लिए भी रास्ता निकालना मुश्किल हो जाता है। स्कूल खुलने और छुट्टी के समय विद्यार्थियों की आवाजाही बढ़ने से स्थिति और गंभीर हो जाती है। दोपहिया वाहन चालक भीड़ के बीच से निकलने का प्रयास करते हैं, जिससे हादसे की आशंका बनी रहती है।
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जाम से कारोबार पर असर
लंबे समय तक जाम लगे रहने से सड़क किनारे स्थित दुकानदारों का कारोबार भी प्रभावित हो रहा है। वाहनों की कतार लगने से दुकानों के सामने का रास्ता रुक जाता है। इसके कारण ग्राहक भी वहां पहुंचने से बचते हैं। इससे दुकानदारों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है।
स्थानीय लोगों की मांग
स्थानीय लोगों ने प्रशासन और यातायात पुलिस से इस समस्या के समाधान की मांग की है। उन्होंने बसों के आवागमन और ठहराव को व्यवस्थित करने को कहा है। साथ ही, अस्पताल और स्कूल के आसपास यातायात व्यवस्था सुधारने की अपील की है। लोगों का मानना है कि इस मार्ग पर स्थायी समाधान होना चाहिए। इससे मरीजों, विद्यार्थियों, दुकानदारों और आम राहगीरों को राहत मिलेगी।
रोडवेज बसों के रूट डायवर्ट करने की जिम्मेदारी रोडवेज महाप्रबंधक की है, वैसे हमारे कर्मचारी परशुराम चौक पर तैनात रहते हैं, वही राइडर भी लगातार गश्त करती रहती है।
- नागेश कुमार, कार्यवाहक, यातायात प्रभारी