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Charkhi Dadri News: 37 दिन की लंबी हड़ताल के बाद सफाई व्यवस्था ने पकड़ी रफ्तार
Mon, 14 Sep 2026 12:36 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Mon, 14 Sep 2026 12:36 AM IST
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नगर परिषद के पीछे स्थित लगे कचरे के ढेर को उठाती जेसीबी।
चरखी दादरी। 37 दिनों की लंबी हड़ताल समाप्त होने के बाद शहर की सफाई व्यवस्था ने रविवार को गति पकड़ ली। काम पर लौटे 187 सफाई कर्मचारियों ने दूसरे दिन व्यापक सफाई अभियान चलाया। उन्होंने मुख्य सड़कों के साथ विभिन्न वार्डों की गलियों और अंदरुनी हिस्सों को साफ किया।
लंबे समय से कचरे के ढेर और गंदगी से परेशान शहरवासियों को कई क्षेत्रों में राहत मिली। कर्मचारियों ने डंपिंग पॉइंटों से कचरा उठाने पर विशेष ध्यान दिया। उन्होंने नालियों की सफाई का काम भी किया। नगर परिषद की सफाई व्यवस्था को तेज करने के लिए 22 ऑटो टिपर और चार ट्रैक्टर-ट्रॉलियां लगाई गईं।
इनके माध्यम से रविवार को शहर से करीब 50 टन कचरा उठाया गया। हड़ताल के दौरान जमा हुए कचरे को अब चरणबद्ध तरीके से हटाया जा रहा है। परिषद की टीमें उन स्थानों को प्राथमिकता दे रही हैं, जहां सबसे अधिक कचरा जमा है।
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रविवार को शहर के कई वार्डों में नालियों की सफाई की गई। नालियों में लंबे समय से जमा कचरे और गंदगी को बाहर निकाला गया। यह कार्य बारिश के दौरान पानी की निकासी को सुचारु रखने के लिए किया गया। इसका उद्देश्य जलभराव की समस्या को बढ़ने से रोकना है। इसके अतिरिक्त, डंपिंग पॉइंटों और सार्वजनिक स्थानों पर पड़े कचरे को उठाकर निर्धारित स्थानों तक पहुंचाया गया।
नगर परिषद के सामने बड़ी चुनौती : नगर परिषद के सामने सबसे बड़ी चुनौती शहर को पुराने कचरे से पूरी तरह मुक्त करना है।
इसके साथ ही नियमित सफाई व्यवस्था को बहाल करना भी एक अहम कार्य है। सफाई कर्मचारियों के दोबारा काम संभालने से शहरवासियों को उम्मीद जगी है। उन्हें लगता है कि आने वाले दिनों में गलियों, बाजारों और सार्वजनिक स्थानों की स्थिति सामान्य होगी।
नालियों की नियमित सफाई पर जोर देना भी आवश्यक होगा। इससे बरसात में जलभराव और गंदगी की समस्या दोबारा नहीं बढ़ेगी।
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लंबे समय से कचरे के ढेर और गंदगी से परेशान शहरवासियों को कई क्षेत्रों में राहत मिली। कर्मचारियों ने डंपिंग पॉइंटों से कचरा उठाने पर विशेष ध्यान दिया। उन्होंने नालियों की सफाई का काम भी किया। नगर परिषद की सफाई व्यवस्था को तेज करने के लिए 22 ऑटो टिपर और चार ट्रैक्टर-ट्रॉलियां लगाई गईं।
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इनके माध्यम से रविवार को शहर से करीब 50 टन कचरा उठाया गया। हड़ताल के दौरान जमा हुए कचरे को अब चरणबद्ध तरीके से हटाया जा रहा है। परिषद की टीमें उन स्थानों को प्राथमिकता दे रही हैं, जहां सबसे अधिक कचरा जमा है।
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रविवार को शहर के कई वार्डों में नालियों की सफाई की गई। नालियों में लंबे समय से जमा कचरे और गंदगी को बाहर निकाला गया। यह कार्य बारिश के दौरान पानी की निकासी को सुचारु रखने के लिए किया गया। इसका उद्देश्य जलभराव की समस्या को बढ़ने से रोकना है। इसके अतिरिक्त, डंपिंग पॉइंटों और सार्वजनिक स्थानों पर पड़े कचरे को उठाकर निर्धारित स्थानों तक पहुंचाया गया।
नगर परिषद के सामने बड़ी चुनौती : नगर परिषद के सामने सबसे बड़ी चुनौती शहर को पुराने कचरे से पूरी तरह मुक्त करना है।
इसके साथ ही नियमित सफाई व्यवस्था को बहाल करना भी एक अहम कार्य है। सफाई कर्मचारियों के दोबारा काम संभालने से शहरवासियों को उम्मीद जगी है। उन्हें लगता है कि आने वाले दिनों में गलियों, बाजारों और सार्वजनिक स्थानों की स्थिति सामान्य होगी।
नालियों की नियमित सफाई पर जोर देना भी आवश्यक होगा। इससे बरसात में जलभराव और गंदगी की समस्या दोबारा नहीं बढ़ेगी।