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रोहतक रोड फाटक आरओबी ड्राइंग के लिए दो एजेंसियों ने किया आवदेन, स्वीकृति के लिए निदेशालय भेजा
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बंद रोहतक फाटक के खुलने का इंतजार करते वाहन चालक।
- फोटो : CharkhiDadri
रोहतक रोड फाटक पर बनने वाले शहर के तीसरे आरओबी (रेलवे ओवरब्रिज) की ड्राइंग तैयार करवाने का रास्ता साफ हो गया है। दो टेंडर प्रक्रिया सिरे नहीं चढ़ने के बाद पीडब्ल्यूडी के तीसरे प्रयास में दो एजेंसियों ने ड्राइंग तैयार करने में दिलचस्पी दिखाई है। अगली प्रक्रिया पर काम शुरू करने के लिए अब विभाग ने फाइल हेड ऑफिस भेज दी है।
रोहतक फाटक दिन के समय हर एक घंटे के बाद करीब 15 से 20 मिनट तक बंद रहता है। इसके चलते 200 से अधिक वाहन चालक एक बार में परेशानियां झेलते हैं। फाटक से 24 घंटे में 40 से अधिक ट्रेनें गुजरती हैं और प्रतिदिन तीन से चार ट्रेन की दादरी स्टेशन पर क्रॉसिंग भी होती है यहां ओवरब्रिज का निर्माण करवाने की मांग करीब डेढ़ दशक पुरानी है। कांग्रेस सरकार में ओवरब्रिज बनाने का प्रपोजल तैयार हुआ था। इसके बाद 2014 में फिर से आरओबी निर्माण का प्रपोजल तैयार किया गया था, लेकिन उस दौरान सरकार ने इस अनुमति नहीं दी गई। 2017 में तीसरी दफा प्रपोजल तैयार कर सरकार को भेजा गया था। इस पर संज्ञान लेते हुए सरकार ने इसे स्वीकृति देते हुए 25 करोड़ रुपये का बजट पास किया था। इसके बाद छह माह में ड्राइंग तैयार करवाने के लिए पीडब्ल्यूडी अधिकारी दो बार टेंडर आमंत्रित कर चुके थे, लेकिन एक ही एजेंसी के आवेदन करने से यह प्रक्रिया सिरे नहीं चढ़ पाई। इसके बाद ड्राइंग तैयार करवाने का टेंडर तीसरी दफा लगाया गया था। इसके लिए दो एजेंसियों ने आवेदन किया है और दोनों की जानकारी निदेशालय भेज दी गई है। पीडब्ल्यूडी अधिकारियों का कहना है निदेशालय से एक एजेंसी का नाम तय होगा और इसके तुरंत बाद ड्राइंग तैयार करवाकर निर्माण के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
तीन लाख है टीवीयू, सभी मानक हो रहे पूरे
रोहतक फाटक आरओबी निर्माण के सभी मानकों को पूरा करता है। इसकी टीवीयू तीन लाख से अधिक है जबकि नियमानुसार आरओबी निर्माण के लिए एक लाख से अधिक टीवीयू होनी चाहिए। टीवीयू एक ऐसी इकाई है जिससे यह पता चलता है कि फाटक से प्रतिदिन कितनी ट्रेनें, कितने वाहन और कितने लोग गुजरते हैं। टीवीयू के आधार पर आरओबी तीन लेन बनना प्रस्तावित है।
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छह मीटर ऊंचा और 11 मीटर चौड़ा बनेगा आरओबी
रोहतक फाटक पर करीब 850 मीटर लंबा आरओबी बनाया जाएगा। फाटक के दोनों और 400-400 मीटर के टुकड़े का निर्माण पीडब्ल्यूडी और रेलवे लाइनों के 50 मीटर के टुकड़े का निर्माण रेलवे की तरफ से करवाया जाना है। आरओबी की ऊंचाई छह मीटर और चौड़ाई 11 मीटर प्रस्तावित है। रेलवे के अनुसार आरओबी निर्माण की योजना में थोड़ा फेरबदल भी संभव है।
रोहतक रोड को फोरलेन करने का प्रपोजल दोबारा होगा तैयार
रोहतक फाटक पर आरओबी निर्माण के अलावा पीडब्ल्यूडी अधिकारी दादरी-रोहतक मुख्यमार्ग को फोरलेन करने का प्रस्ताव भी सरकार को दोबारा भेजेंगे। पहले भेजे गए प्रस्ताव पर सरकार रोक लगा चुकी है। पीडब्ल्यूडी अधिकारियों के अनुसार इस मुख्यमार्ग को फोरलेन करना जरूरी है और सरकार को भेजे जाने वाले प्रस्ताव में इसका हवाला भी दिया जाएगा।
ड्राइंग तैयार करवाने के लिए तीसरे प्रयास में टेंडर प्रक्रिया सिरे चढ़ गई है। दो एजेंसियों ने ड्राइंग तैयार करने में दिलचस्पी दिखाई है। हमने दोनों के नाम समेत फाइल हेड ऑफिस भेज दी है। वहां से निर्देश मिलते ही अगली प्रक्रिया अमल में लाई जाएगी।
सोमबीर दहिया, एक्सईएन, पीडब्ल्यूडी
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रोहतक फाटक दिन के समय हर एक घंटे के बाद करीब 15 से 20 मिनट तक बंद रहता है। इसके चलते 200 से अधिक वाहन चालक एक बार में परेशानियां झेलते हैं। फाटक से 24 घंटे में 40 से अधिक ट्रेनें गुजरती हैं और प्रतिदिन तीन से चार ट्रेन की दादरी स्टेशन पर क्रॉसिंग भी होती है यहां ओवरब्रिज का निर्माण करवाने की मांग करीब डेढ़ दशक पुरानी है। कांग्रेस सरकार में ओवरब्रिज बनाने का प्रपोजल तैयार हुआ था। इसके बाद 2014 में फिर से आरओबी निर्माण का प्रपोजल तैयार किया गया था, लेकिन उस दौरान सरकार ने इस अनुमति नहीं दी गई। 2017 में तीसरी दफा प्रपोजल तैयार कर सरकार को भेजा गया था। इस पर संज्ञान लेते हुए सरकार ने इसे स्वीकृति देते हुए 25 करोड़ रुपये का बजट पास किया था। इसके बाद छह माह में ड्राइंग तैयार करवाने के लिए पीडब्ल्यूडी अधिकारी दो बार टेंडर आमंत्रित कर चुके थे, लेकिन एक ही एजेंसी के आवेदन करने से यह प्रक्रिया सिरे नहीं चढ़ पाई। इसके बाद ड्राइंग तैयार करवाने का टेंडर तीसरी दफा लगाया गया था। इसके लिए दो एजेंसियों ने आवेदन किया है और दोनों की जानकारी निदेशालय भेज दी गई है। पीडब्ल्यूडी अधिकारियों का कहना है निदेशालय से एक एजेंसी का नाम तय होगा और इसके तुरंत बाद ड्राइंग तैयार करवाकर निर्माण के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
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तीन लाख है टीवीयू, सभी मानक हो रहे पूरे
रोहतक फाटक आरओबी निर्माण के सभी मानकों को पूरा करता है। इसकी टीवीयू तीन लाख से अधिक है जबकि नियमानुसार आरओबी निर्माण के लिए एक लाख से अधिक टीवीयू होनी चाहिए। टीवीयू एक ऐसी इकाई है जिससे यह पता चलता है कि फाटक से प्रतिदिन कितनी ट्रेनें, कितने वाहन और कितने लोग गुजरते हैं। टीवीयू के आधार पर आरओबी तीन लेन बनना प्रस्तावित है।
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छह मीटर ऊंचा और 11 मीटर चौड़ा बनेगा आरओबी
रोहतक फाटक पर करीब 850 मीटर लंबा आरओबी बनाया जाएगा। फाटक के दोनों और 400-400 मीटर के टुकड़े का निर्माण पीडब्ल्यूडी और रेलवे लाइनों के 50 मीटर के टुकड़े का निर्माण रेलवे की तरफ से करवाया जाना है। आरओबी की ऊंचाई छह मीटर और चौड़ाई 11 मीटर प्रस्तावित है। रेलवे के अनुसार आरओबी निर्माण की योजना में थोड़ा फेरबदल भी संभव है।
रोहतक रोड को फोरलेन करने का प्रपोजल दोबारा होगा तैयार
रोहतक फाटक पर आरओबी निर्माण के अलावा पीडब्ल्यूडी अधिकारी दादरी-रोहतक मुख्यमार्ग को फोरलेन करने का प्रस्ताव भी सरकार को दोबारा भेजेंगे। पहले भेजे गए प्रस्ताव पर सरकार रोक लगा चुकी है। पीडब्ल्यूडी अधिकारियों के अनुसार इस मुख्यमार्ग को फोरलेन करना जरूरी है और सरकार को भेजे जाने वाले प्रस्ताव में इसका हवाला भी दिया जाएगा।
ड्राइंग तैयार करवाने के लिए तीसरे प्रयास में टेंडर प्रक्रिया सिरे चढ़ गई है। दो एजेंसियों ने ड्राइंग तैयार करने में दिलचस्पी दिखाई है। हमने दोनों के नाम समेत फाइल हेड ऑफिस भेज दी है। वहां से निर्देश मिलते ही अगली प्रक्रिया अमल में लाई जाएगी।
सोमबीर दहिया, एक्सईएन, पीडब्ल्यूडी