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Charkhi Dadri News: प्रतिदिन खराब हो रहे 15 ट्रांसफाॅर्मर, बिजली आपूर्ति पर असर

Sat, 14 Sep 2024 06:19 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी Updated Sat, 14 Sep 2024 06:19 AM IST
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transformer problem
- बारिश में ट्रांसफाॅर्मर जलने से प्रतिदिन बिजली निगम को हो रहा करीब साढ़े 22 लाख का नुकसान, उपभोक्ता भी झेल रहे परेशानी
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संवाद न्यूज एजेंसी
चरखी दादरी। जिले में प्रतिदिन 15 बिजली ट्रांसफाॅर्मर खराब हो रहे हैं। इससे बिजली निगम को हर रोज साढ़े 22 लाख का नुकसान उठाना पड़ रहा है। इसके साथ ही उपभोक्ताओं को भी परेशानियों से दो-चार होना पड़ रहा है। ट्रांसफाॅर्मर में खराबी के चलते बिजली आपूर्ति घंटों बाधित रहती है। बारिश के मौसम में एपी यानी कृषि फीडरों के ट्रांसफाॅर्मर लंबे समय तक प्रयोग में नहीं होने की वजह से खराब हो जाते हैं। हाल ही में बाढड़ा डिविजन में बिजली गिरने से पांच ट्रांसफाॅर्मर खराब हो गए।
जिले भर में 11,170 ट्रांसफाॅर्मर लगे हुए हैं। बिजली निगम 132 केवीए पाॅवर सब स्टेशनों से 33 केवीए को बिजली आपूर्ति करता है। 33 केवीए सब स्टेशन से बिजली 11 हजार वोल्टेज की लाइनों में आपूर्ति होती है। कई जगह 132 पाॅवर स्टेशन में 11 हजार वोल्टेज के भी पाॅवर ट्रांसफाॅर्मर लगे हैं। इससे 33 केवीए के बजाय बिजली सीधे 11 हजार वोल्टेज की लाइनों में आपूर्ति होती है। 11 हजार वोल्टेज से आपूर्ति आवासीय बस्तियों लगे ट्रांसफाॅर्मरों के जरिये घरों में की जाती है। नए ट्रांसफाॅर्मरों की बाइंडिंग मजबूत व पुरानों से अलग है। इस समय जिले भर में प्रतिदिन करीब 15 ट्रांसफाॅर्मर जल रहे हैं या उनमें अन्य तकनीकी खराबी आ रही है। इससे निगम को नुकसान उठाना पड़ता है।
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- 1.25 से 1.75 लाख है ट्रांसफाॅर्मर की कीमत
63 केवीए ट्रांसफाॅर्मर की 1.25 लाख व 100 केवीए क्षमता की कीमत एक लाख 75 हजार रुपये तक है। गर्मी व बारिश के मौसम में ट्रांसफाॅर्मर ज्यादा संख्या में खराब होते हैं। बारिश के मौसम में कृषि फीडरों से बिजली का इस्तेमाल नहीं होने पर ट्रांसफाॅर्मर लंबे समय तक बंद रहते हैं। जब इनको अचानक चालू करना पड़ता है तो ये जवाब दे देते हैं। इसी प्रकार, गर्मी के मौसम में लोड का बढ़ना ट्रांसफाॅर्मर जलने का प्रमुख कारण बनता है।
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- ट्रांसफाॅर्मर जलने के मामले ग्रामीण इलाकों में ज्यादा
ट्रांसफाॅर्मर जलने का आंकड़ा ग्रामीण क्षेत्र में ज्यादा रहता है। ग्रामीण क्षेत्र में बिजली की चोरी भी ज्यादा होती है। इससे लाइनलॉस भी 50 से 55 प्रतिशत तक बना रहता है। निगम अब गांवों में भी मीटरों को घरों से बाहर पोल पर लगा रहा है। मोटा केबल भी लगाया जा रहा है।



वर्सन:
सब अर्बन क्षेत्र में प्रतिदिन करीब 15 ट्रांसफॉर्मर जलने या डैमेज होने की औसत आ रही है। बारिश व गर्मी के मौसम में ज्यादा संख्या में ट्रांसफाॅर्मर जलते या खराब होते हैं। किसानों को चाहिए कि वे बारिश के मौसम में लंबे समय से बंद पड़े बिजली टयूबवेल को बीच-बीच में चलाते रहें। ताकि, इनमें खराबी न आए।

-श्रीभगवान, कनिष्ठ अभियंता, बिजली निगम



फोटो-= 01
बिजली लोड के चलते एक पोल पर रखे दो ट्रांसफाॅर्मर। संवाद
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