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Charkhi Dadri News: 30 मार्च तक एक मुश्त समाधान योजना का लाभ उठा सकते हैं व्यापारी, उद्योगपति
Sun, 04 Feb 2024 02:41 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Sun, 04 Feb 2024 02:41 AM IST
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चरखी दादरी। आबकारी व कराधान विभाग द्वारा कर वसूली को लेकर वन टाइम सेटलमेंट योजना की शुरुआत की गई है। पंजीकृत व्यापारी और उद्योगपति आगामी 30 मार्च तक योजना का लाभ उठा सकते हैं। उपायुक्त मनदीप कौर ने ये जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जीएसटी से पहले सात कर अधिनियमों से संबंधित मामलों को निपटाने के लिए यह योजना शुरू की गई है।
मनदीप कौर के अनुसार व्यापारियों व उद्योगपतियों के बकाया टैक्स से जुड़े मामलों को निपटाने के लिए विभाग द्वारा ओटीएस योजना के तहत छूट दी है। उन्होंने बताया कि योजना के तहत जीएसटी से पहले सात कर अधिनियमों से संबंधित मामलों को निपटाने के लिए चार श्रेणियों के तहत ब्याज में छूट दी गई है। ये नामत: स्वीकृत कर, विवादित कर, निर्विवादित कर और अंतरीय कर हैं। योजना में स्वीकृत कर के तहत 100 प्रतिशत टैक्स का भुगतान करने पर ब्याज पूरी तरह से माफ हो जाएगा। इसी प्रकार से विवादित कर के तहत 50 लाख रुपये तक की कर राशि का 30 प्रतिशत व 50 लाख से ऊपर की राशि में 50 प्रतिशत कर का भुगतान करने पर ब्याज व दंड राशि शून्य हो जाएगी। निर्विवादित कर श्रेणी के तहत 50 लाख रुपये से कम या बराबर के मामले में मूल कर का 40 प्रतिशत व अन्य सभी मामलों में 60 प्रतिशत जमा करवाने पर ब्याज राशि शून्य हो जाएगी।
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मनदीप कौर के अनुसार व्यापारियों व उद्योगपतियों के बकाया टैक्स से जुड़े मामलों को निपटाने के लिए विभाग द्वारा ओटीएस योजना के तहत छूट दी है। उन्होंने बताया कि योजना के तहत जीएसटी से पहले सात कर अधिनियमों से संबंधित मामलों को निपटाने के लिए चार श्रेणियों के तहत ब्याज में छूट दी गई है। ये नामत: स्वीकृत कर, विवादित कर, निर्विवादित कर और अंतरीय कर हैं। योजना में स्वीकृत कर के तहत 100 प्रतिशत टैक्स का भुगतान करने पर ब्याज पूरी तरह से माफ हो जाएगा। इसी प्रकार से विवादित कर के तहत 50 लाख रुपये तक की कर राशि का 30 प्रतिशत व 50 लाख से ऊपर की राशि में 50 प्रतिशत कर का भुगतान करने पर ब्याज व दंड राशि शून्य हो जाएगी। निर्विवादित कर श्रेणी के तहत 50 लाख रुपये से कम या बराबर के मामले में मूल कर का 40 प्रतिशत व अन्य सभी मामलों में 60 प्रतिशत जमा करवाने पर ब्याज राशि शून्य हो जाएगी।
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