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Charkhi Dadri News: स्कूल छोड़ चुके बच्चों के लिए दादरी जिले में खुलेंगे तीन विशेष प्रशिक्षण केंद्र

Wed, 18 Sep 2024 06:20 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी Updated Wed, 18 Sep 2024 06:20 AM IST
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Three special training centers will be opened in Dadri district
दादरी शहर के राजकीय स्कूल में पढ़ाई करते विद्यार्थी। 
चरखी दादरी। जिले में स्कूल छोड़ चुके बच्चों के लिए अब विशेष प्रशिक्षण केंद्र खुलेंगे। इसके लिए शिक्षा निदेशालय की ओर से 2,14,200 रुपये का बजट मंजूर किया गया है। जिले में ऐसे तीन केंद्र खुलने हैं जिनमें स्कूल छोड़ चुके 14 साल तक के बच्चों को विशेष शिक्षण करवाया जाएगा। इन केंद्रों पर स्वयंसेवी शिक्षकों की तैनाती होगी।
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शिक्षा विभाग स्कूल छोड़ चुके बच्चों का सर्वे समय-समय पर करता रहा है ताकि कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न हो। शिक्षा अधिकार अधिनियम 2009 के तहत छह से 14 साल तक के बच्चों को निशुल्क एवं अनिवार्य शिक्षा मुहैया करवाने का प्रावधान है। इसके तहत स्टेशनरी का सामान और वर्दी भी निशुल्क देय है।
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इसके बावजूद हर साल कई बच्चे किसी कारणवश बीच में भी पढ़ाई छोड़ देते हैं। कक्षा में फेल होने के कारण भी कई बार बच्चा पढ़ाई बीच में छाेड़ देता है। कई बार घरेलू परिस्थितियों के कारण भी पढ़ाई छोड़ दी जाती है। कक्षा में छात्रों की श्रेणियां अलग-अलग होती हैं जिनमें प्रतिभाशाली, मंदबुद्धि, पिछड़े, दिव्यांग बालक प्रमुख रूप से शामिल होते हैं। इनका बौद्धिक स्तर भिन्न होता है। पिछड़े या मंदबुद्धि बालक ज्यादा संख्या में बीच में ही पढ़ाई छोड़ते हैं। ये कक्षा के अन्य छात्राें के साथ शिक्षण कार्य समय पर नहीं कर पाते। बाद में उन पर शिक्षक का भी मनोवैज्ञानिक दबाव बन जाता है। पढ़ाई में पिछड़ने पर वह पढ़ाई छोड़ना ही उचित समझते हैं।
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- शिक्षा निदेशालय ने जारी किए नए निर्देश
अब शिक्षा निदेशालय की ओर से इस संबंध में नए निर्देश जारी किए गए हैं। निर्देशों के तहत ऐसे बच्चों के लिए अलग से विशेष प्रशिक्षण केंद्र खोले जाएंगे। इन केंद्रों में स्वयंसेवी शिक्षक तैनात किए जाएंगे जो इन बच्चों को पढ़ाएंगे। इसके लिए जिले में तीन केंद्र स्वीकृत किए गए हैं।
- पहली की जाएगी बच्चों की पहचान
इन केंद्रों का संचालन 2.14 लाख रुपये के बजट से किया जाएगा। इसके लिए पात्र बच्चों की पहचान कर इन केंद्रों में शिक्षण करवाया जाएगा। इसके लिए शिक्षा निदेशालय की ओर से सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं।




समय-समय पर शिक्षा विभाग स्कूल छोड़ चुके बच्चों का सर्वे करवा इनकी पहचान करता है। इन बच्चों को पढ़ाई के लिए मानसिक रूप से तैयार किया जाता है। इनके अभिभावकों से भी बातचीत की जाती है। विभाग का उद्देश्य प्रत्येक बच्चे को शिक्षित करना है। - कृष्णा फौगाट, डीईओ, चरखी दादरी।
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