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Charkhi Dadri News: जलघर न होने की ''''''''लाचारी'''''''', पंचायतों की व्यवस्था भी ''''''''खारी''''''''...

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 26 Nov 2023 10:59 PM IST
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There is "helplessness" due to lack of water house, the system of Panchayats is also "bad"
जलघर में लगा ट्यूबवेल।
चरखी दादरी। जिले के कई गांव अभी जलघर न होने से ग्रामीण पानी की कमी का दंश झेल रहे हैं। दूसरी ओर इन गांवों में पानी की आपूर्ति के लिए ग्राम पंचायतों की ओर से की गई वैकल्पिक व्यवस्था भी जमीनी पानी खारा होने की वजह से कारगर सिद्ध नहीं हो पा रही है। खास बात ये है कि ग्राम पंचायतों के प्रस्ताव सौंपने के बाद ही ज्यादातर गांवों में जलघर निर्माण की कवायद धरातल पर शुरू नहीं हुई है।
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बता दें कि कुछ ग्राम पंचायतों ने जलघर निर्माण के लिए प्रस्ताव पारित कर विभाग को भेज रखे ह्रैं। अब तक इन पर काम शुरू नहीं हो सका है। अमर उजाला ने विभिन्न गांवों में पेयजल आपूर्ति को लेकर पड़ताल की है तो कई गांवों में चौंकाने वाली स्थिति मिली। जिले के गांव मंदोला में जनस्वास्थ्य विभाग ने एक वाटर टैंक बनवा रखा है जो 10 दिन में खाली हो जाता है। यह टैंक गोठड़ा माइनर से भरा जाता है। माइनर में पानी एक माह में आता है। ऐसे में अधिकतर समय पेयजल संकट बना रहता है। ग्राम पंचायत ने काफी समय पूर्व गांव में जलघर बनवाने के लिए प्रस्ताव दिया था अब तक इसकी कोई सुध नहीं ली गई है। गांव में दो टैंक की जरूरत है तब जाकर पूर्ति संभव है। ग्रामीण सात रुपये में पीने के पानी का एक मटका खरीद रहे हैं। मंदोला की आबादी करीब 4500 है।
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इसी प्रकार मंदोली में भी खारा पानी सप्लाई हो रहा है। गांव में छोटे आकार का वाटर टैंक है। इससे पूर्ति संभव नहीं है। इस टैंक में गांव घसोला से पानी सप्लाई होता है। गांव की आबादी करीब 4000 है। पंचायत ने जोहड़ी की जमीन पर जलघर निर्माण का प्रस्ताव दे रखा है लेकिन अब तक ये ठंडे बस्ते में है। यही हाल गांव झोझूखुर्द में बना हुआ है। यहां बोरिंग ट्यूबवेल से पानी की सप्लाई की जा रही है। ट्यूबेवल का पानी खारा होने की वजह से पीने लायक नहीं है। इसी प्रकार 12 हजार की आबादी वाले गांव झोझूकलां में भी खारा पानी की आपूर्ति हो रही है। यहां लोग निजी सप्लाई से पेयजल संबंधी जरूरतों को पूरा कर रहे हैं। गांव में 7 बोरिंग ट्यूबेवल हैं, जिनका पानी खारा हो चुका है। गांव में जलघर का निर्माण तो हो गया है अभी तक इसे चालू नहीं किया गया है। यही हाल गांव महराणा, रामलवास सहित अनेक गांवों में बना हुआ है।
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-कई गांवों में 300 से 400 फुट नीचे है पानी
जिले के ज्यादातर गांवों में जमीन का पानी खारा होने की वजह से पेयजल संकट है। कई गांवों में तो पंचायत ने अपने स्तर पर ट्यूबवेल बोरिंग करवा रखे ह्रैं। अब इनका पानी भी खराब हो चुका है। वैसे भी यह जमीनी पानी 300 से 400 फुट नीचे हैं, ऐसे में उठान काफी महंगा पड़ रहा है।

- सरपंच बोले : बोरिंग ट्यूबवेल दे चुके जवाब
- गांव में पंचायत ने अपने स्तर पर पानी की व्यवस्था कर रखी है। इसके लिए बोरिंग ट्यूबवेल लगा रखा है, जिसका पानी अब खारा हो चुका है। आरओ के पानी से कब तक काम चलेगा। गांव में जलघर निर्माण का प्रस्ताव मंजूर हो चुका है। इसका निर्माण शुरू नहीं हो सका है।
-मुकेश, सरपंच, महराणा
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- बोरिंग ट्यूबवेलों का पानी खारा हो चुका है। विभाग को मीठे पानी की व्यवस्था करनी चाहिए। आरओ सप्लायर्स से पानी खरीदकर पीना पड़ रहा है। जमीन का पानी खराब होने से पेयजल संकट गहराया हुआ है। विभाग को शुद्ध पेयजल आपूर्ति की व्यवस्था करनी चाहिए।
-अशोक, सरपंच, झोझूकलां
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- गांव में अब तक जलघर नहीं बना है। जमीन का पानी खारा है। चकबंदी कार्य की वजह से इस पर अब काफी दिन काम भी नहीं होने वाला है। खारा पानी को मीठा बनाने के लिए आरओ फिल्टर सिस्टम लगवाने पड़ रहे हैं। विभाग को इस दिशा में तत्परता से काम करना चाहिए।
-पवन कुमार, सरपंच, झोझूखुर्द
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- गांव में जनस्वास्थ्य विभाग ने एक वाटर टैंक बनवा रखा है, जो 10 दिन में खाली हो जाता है। यह टैंक गोठड़ा माइनर से भरा जाता है। माइनर में पानी करीब एक माह में आता है। ग्राम पंचायत ने काफी समय पूर्व गांव में जलघर बनवाने के लिए प्रस्ताव दिया था अब तक इसकी कोई सुध नहीं ली गई है।
नरेश कुमारी, सरपंच, मंदोला
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- जमीनी बोरिंग से खारा पानी सप्लाई हो रहा है। गांव में छोटे साइज का वाटर टैंक है। इससे पूर्ति संभव नहीं है। इस टैंक में गांव घसोला से पानी सप्लाई होता है। गांव ने जोहड़ी की जमीन पर जलघर निर्माण का प्रस्ताव विभाग को दिया हुआ है लेकिन अब तक कोई सुध नहीं ली गई है।

-कविता देवी, सरपंच, मंदोली


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इन गांवों में नहरी पानी उपलब्ध करवाने की योजना पर विभाग की कागजी प्रक्रिया जारी है। जल्द ही नहरी पानी उपलब्ध करवाकर ग्रामीणों की खारा पानी संबंधी समस्या का स्थायी समाधान कर दिया जाएगा। झोझूकलां में नवनिर्मित जलघर को 10 दिन के अंदर चालू कर दिया जाएगा।
-जगदीशचंद्र, एसडीओ, जनस्वास्थ्य विभाग


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