{"_id":"68b0ad1e234ded1ca20a0078","slug":"the-number-of-buses-in-the-roadways-fleet-increased-but-the-destinations-decreased-the-journey-for-passengers-became-difficult-with-only-9-booths-remaining-at-the-bus-stand-charkhi-dadri-news-c-126-1-cdr1004-143631-2025-08-29","type":"story","status":"publish","title_hn":"Charkhi Dadri News: रोडवेज बेड़े में बसें बढ़ीं, ठिकाने घटे...यात्रियों की राह हुई कठिन, बस स्टैंड पर बने सिर्फ 9 बूथ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Charkhi Dadri News: रोडवेज बेड़े में बसें बढ़ीं, ठिकाने घटे...यात्रियों की राह हुई कठिन, बस स्टैंड पर बने सिर्फ 9 बूथ
विज्ञापन
चरखी दादरी। दादरी रोडवेज डिपो के बस बेड़े में लगातार हो रही वृद्धि से अब बस स्टैंड पर बूथों की संख्या कम पड़ने लगी है। वर्तमान में डिपो के पास 128 बसें हैं, जिनमें से 15 हाल ही में मिली हैं। अगले महीने तक 20 और बसें शामिल होने वाली हैं, जिनमें 15 सामान्य और 5 एसी बसें होंगी। इसके बाद बसों की कुल संख्या 148 हो जाएगी।
वर्तमान में बस स्टैंड परिसर में सिर्फ 9 बूथ मौजूद हैं, जबकि कम से कम 16 बूथों की आवश्यकता है। ऐसे में सात रूट की बसों को बिना बूथ के ही इधर-उधर खड़ा करना पड़ता है। इससे यात्रियों को बसें ढूंढने में परेशानी होती है और उन्हें बार-बार पूछना पड़ता है।
बूथ नहीं, पेड़ के नीचे से हो रहा संचालन
बूथों की कमी को देखते हुए विभाग ने कुछ बसों के लिए अस्थायी व्यवस्था की है, जहां पेड़ के नीचे से संचालन किया जा रहा है। इस तरह के स्थानों पर न तो बोर्ड होते हैं और न ही यात्रियों को यह पता चलता है कि बस किस रूट पर जाएगी। कई बार बसें सामने खड़ी होने के बावजूद लोग उन्हें पहचान नहीं पाते।
विज्ञापन
यात्रियों संदीप, राकेश, राजेंद्र और बनवारी ने कहा कि जब तक पर्याप्त संख्या में बूथ नहीं बनाए जाएंगे, तब तक यह समस्या बनी रहेगी। उन्होंने बस स्टैंड परिसर में नए बूथों के निर्माण की मांग की है, ताकि यात्रियों को सुविधा हो और समय की बचत हो। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि बस स्टैंड परिसर में नई बसों और बूथों के लिए जगह की कमी सबसे बड़ी बाधा बन रही है। हालांकि, इस समस्या के समाधान के लिए विकल्पों पर विचार किया जा रहा है।
-- --
बस स्टैंड शिफ्टिंग के लिए मुख्यालय के अधिकारी कई स्थानों का दौरा कर चुके हैं, लेकिन उपयुक्त जगह नहीं मिल पाई है। बस स्टैंड परिसर में फिलहाल यात्रियों को बस ढूंढने में किसी प्रकार की परेशानी नहीं हो रही है। - नवीन शर्मा, महाप्रबंधक, दादरी परिवहन विभाग
विज्ञापन
वर्तमान में बस स्टैंड परिसर में सिर्फ 9 बूथ मौजूद हैं, जबकि कम से कम 16 बूथों की आवश्यकता है। ऐसे में सात रूट की बसों को बिना बूथ के ही इधर-उधर खड़ा करना पड़ता है। इससे यात्रियों को बसें ढूंढने में परेशानी होती है और उन्हें बार-बार पूछना पड़ता है।
विज्ञापन
बूथ नहीं, पेड़ के नीचे से हो रहा संचालन
बूथों की कमी को देखते हुए विभाग ने कुछ बसों के लिए अस्थायी व्यवस्था की है, जहां पेड़ के नीचे से संचालन किया जा रहा है। इस तरह के स्थानों पर न तो बोर्ड होते हैं और न ही यात्रियों को यह पता चलता है कि बस किस रूट पर जाएगी। कई बार बसें सामने खड़ी होने के बावजूद लोग उन्हें पहचान नहीं पाते।
विज्ञापन
यात्रियों संदीप, राकेश, राजेंद्र और बनवारी ने कहा कि जब तक पर्याप्त संख्या में बूथ नहीं बनाए जाएंगे, तब तक यह समस्या बनी रहेगी। उन्होंने बस स्टैंड परिसर में नए बूथों के निर्माण की मांग की है, ताकि यात्रियों को सुविधा हो और समय की बचत हो। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि बस स्टैंड परिसर में नई बसों और बूथों के लिए जगह की कमी सबसे बड़ी बाधा बन रही है। हालांकि, इस समस्या के समाधान के लिए विकल्पों पर विचार किया जा रहा है।
बस स्टैंड शिफ्टिंग के लिए मुख्यालय के अधिकारी कई स्थानों का दौरा कर चुके हैं, लेकिन उपयुक्त जगह नहीं मिल पाई है। बस स्टैंड परिसर में फिलहाल यात्रियों को बस ढूंढने में किसी प्रकार की परेशानी नहीं हो रही है। - नवीन शर्मा, महाप्रबंधक, दादरी परिवहन विभाग