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1.43 करोड़ का अटका भुगतान, वाटर सप्लाई कर्मचारी और सीवर मैन ने की हड़ताल
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चरखी दादरी। सात माह का वेतनमान न मिलने से खफा सीवरमैन और पेयजल आपूर्ति करने वाले कर्मचारियों ने जनस्वास्थ्य विभाग के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। मंगलवार दोपहर को इन कर्मचारियों ने एक्सईएन कार्यालय के समक्ष धरना शुरू कर दिया और वीरवार तक बकाया वेतनमान का भुगतान न होने पर अनिश्चिकालीन हड़ताल करने की चेतावनी दी है। वहीं, दूसरी ओर 302 कर्मचारियों के काम न करने से मंगलवार को जिले में सीवर समस्याओं का समाधान नहीं हो पाया, जबकि हड़ताल का असर पेयजल आपूर्ति पर भी पड़ा है।
जन स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत 302 सीवर मैन और मोटर ऑपरेटरों को पिछले सात माह से वेतन नहीं मिला है। सीवर मैन की संख्या 52 और पेयजल आपूर्ति करने वाले कर्मचारियों की संख्या 250 है। वेतनमान न मिलने पर मंगलवार को इन कर्मचारी ने हड़ताल कर दी और एक्सईएन कार्यालय के सामने धरने पर बैठ गए। धरने पर बैठे कर्मचारियों ने नारेबाजी कर रोष जाहिर किया। वहीं, 52 सीवर मैन के हड़ताल पर जाने से मंगलवार को सीवर संबंधी समस्याओं का समाधान नहीं हो पाया और शहरवासियों को परेशानियों से दो-चार होना पड़ा। इन कर्मचारियों के हड़ताल पर जाने से सीवर लाइनों की ब्लॉकेज खोलने का काम भी प्रभावित रहा।
धरने पर बैठे कर्मचारियों ने एक्सईएन एसके त्यागी से मुलाकात की और उन्हें अपनी समस्याओं से अवगत करवाया। वेतनमान का भुगतान न होने को लेकर विभागीय अधिकारियों का कहना है कि वीरवार तक इन कर्मचारियों के खातों में पांच माह का बकाया वेतनमान डाल दिया जाएगा। इसके लिए फाइल ट्रेजरी में भेजी जा चुकी है। अधिकारियों के आश्वासन पर कर्मचारियों का कहना है कि अगर 17 फरवरी तक उनका भुगतान नहीं किया गया तो फिर वो अनिश्चिकालीन हड़ताल शुरू कर देंगे।
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- 1.43 करोड़ का भुगतान है बकाया -
धरना देने वाले कर्मचारियों ने बताया कि सीवर मैन को प्रतिमाह 12 हजार और वाटर सप्लाई करने वाले कर्मचारियों को प्रतिमाह 5700 रुपये वेतनमान दिया जाता है। इस लिहाज से जिले के 52 सीवर मैन का 43 लाख 68 हजार और वाटर सप्लाई करने वाले 250 कर्मचारियों का 99 लाख 75 हजार रुपये का भुगतान बकाया है। इस लिहाज से इनकी भुगतान राशि एक करोड़ 43 लाख रुपये बनती है।
- ये है कर्मचारियों की मांगें -
बकाया वेतनमान का भुगतान किया जाएगा। कर्मचारियों की एसीआर पूरी की जाए। साबुन भत्ते का भुगतान जल्द किया जाए और जूतों की भत्ता राशि भी कर्मचारियों को दी जाए। मेडिकल बिलों का रुका भुगतान किया जाए और जलघरों की अव्यवस्थाओं और संसाधनों की कमी को दूर किया जाए।
- कर्मचारी बोले : लाइनों की गंदगी साफ करने के बाद भी नहीं जला पा रहे घर का चूल्हा -
धरनास्थल पर मौजूद कर्मचारियों ने कहा कि वेतनमान अटकने से उन्हें आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। पूरे माह सीवर लाइनों की गंदगी साफ करने के बाद भी उन्हें समय से मेहनताना नहीं मिल रहा और इसके चलते वो अपने घर का चूल्हा भी ढंग से नहीं जला पा रहे हैं। कर्मचारियों का कहना है कि वो परिचितों से रुपये उधार लेकर अपना घर चला रहे हैं।
वर्जन ::
पांच माह का वेतन कर्मचारियों के खाते में डालने के लिए हम फाइल ट्रेजरी कार्यालय भेज चुके हैं। 17 तक कर्मचारियों के खाते में राशि पहुंच जाएगी। दो माह के वेतन के भुगतान की प्रक्रिया को भी हम जल्द पूरी कर देंगे।
- एसके त्यागी, एक्सईएन, जनस्वास्थ्य विभाग।
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जन स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत 302 सीवर मैन और मोटर ऑपरेटरों को पिछले सात माह से वेतन नहीं मिला है। सीवर मैन की संख्या 52 और पेयजल आपूर्ति करने वाले कर्मचारियों की संख्या 250 है। वेतनमान न मिलने पर मंगलवार को इन कर्मचारी ने हड़ताल कर दी और एक्सईएन कार्यालय के सामने धरने पर बैठ गए। धरने पर बैठे कर्मचारियों ने नारेबाजी कर रोष जाहिर किया। वहीं, 52 सीवर मैन के हड़ताल पर जाने से मंगलवार को सीवर संबंधी समस्याओं का समाधान नहीं हो पाया और शहरवासियों को परेशानियों से दो-चार होना पड़ा। इन कर्मचारियों के हड़ताल पर जाने से सीवर लाइनों की ब्लॉकेज खोलने का काम भी प्रभावित रहा।
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धरने पर बैठे कर्मचारियों ने एक्सईएन एसके त्यागी से मुलाकात की और उन्हें अपनी समस्याओं से अवगत करवाया। वेतनमान का भुगतान न होने को लेकर विभागीय अधिकारियों का कहना है कि वीरवार तक इन कर्मचारियों के खातों में पांच माह का बकाया वेतनमान डाल दिया जाएगा। इसके लिए फाइल ट्रेजरी में भेजी जा चुकी है। अधिकारियों के आश्वासन पर कर्मचारियों का कहना है कि अगर 17 फरवरी तक उनका भुगतान नहीं किया गया तो फिर वो अनिश्चिकालीन हड़ताल शुरू कर देंगे।
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- 1.43 करोड़ का भुगतान है बकाया -
धरना देने वाले कर्मचारियों ने बताया कि सीवर मैन को प्रतिमाह 12 हजार और वाटर सप्लाई करने वाले कर्मचारियों को प्रतिमाह 5700 रुपये वेतनमान दिया जाता है। इस लिहाज से जिले के 52 सीवर मैन का 43 लाख 68 हजार और वाटर सप्लाई करने वाले 250 कर्मचारियों का 99 लाख 75 हजार रुपये का भुगतान बकाया है। इस लिहाज से इनकी भुगतान राशि एक करोड़ 43 लाख रुपये बनती है।
- ये है कर्मचारियों की मांगें -
बकाया वेतनमान का भुगतान किया जाएगा। कर्मचारियों की एसीआर पूरी की जाए। साबुन भत्ते का भुगतान जल्द किया जाए और जूतों की भत्ता राशि भी कर्मचारियों को दी जाए। मेडिकल बिलों का रुका भुगतान किया जाए और जलघरों की अव्यवस्थाओं और संसाधनों की कमी को दूर किया जाए।
- कर्मचारी बोले : लाइनों की गंदगी साफ करने के बाद भी नहीं जला पा रहे घर का चूल्हा -
धरनास्थल पर मौजूद कर्मचारियों ने कहा कि वेतनमान अटकने से उन्हें आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। पूरे माह सीवर लाइनों की गंदगी साफ करने के बाद भी उन्हें समय से मेहनताना नहीं मिल रहा और इसके चलते वो अपने घर का चूल्हा भी ढंग से नहीं जला पा रहे हैं। कर्मचारियों का कहना है कि वो परिचितों से रुपये उधार लेकर अपना घर चला रहे हैं।
वर्जन ::
पांच माह का वेतन कर्मचारियों के खाते में डालने के लिए हम फाइल ट्रेजरी कार्यालय भेज चुके हैं। 17 तक कर्मचारियों के खाते में राशि पहुंच जाएगी। दो माह के वेतन के भुगतान की प्रक्रिया को भी हम जल्द पूरी कर देंगे।
- एसके त्यागी, एक्सईएन, जनस्वास्थ्य विभाग।
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