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हड़ताल : 70 पेट्रोल पंप बंद, वाहनों को लगे धक्के
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हड़ताल के चलते बंद लोहारु रोड स्थित पेट्रोल पंप।
- फोटो : CharkhiDadri
चरखी दादरी। पेट्रोल पंप एसोसिएशन के आह्वान पर सोमवार को जिले के 70 पेट्रोल पंप बंद रहे। इसके चलते करीब तीन करोड़ का कारोबार प्रभावित हुआ, जबकि 70 हजार वाहन चालकों को भी परेशानियों से दो-चार होना पड़ा। कई वाहन चालक पेट्रोल पंप पर तैनात सेल्समैन से तेल डलवाने के लिए मिन्नतें करते भी नजर आए, लेकिन इसका कोई असर नहीं हुआ। पेट्रोल न मिलने पर शहर में कई चालक दुपहिया वाहनों को पैदल ही खींचते नजर आए और उनमें महिलाएं भी शामिल हैं।
चरखी दादरी और भिवानी जिला पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन के आह्वान पर विभिन्न मांगों को सोमवार को सभी संचालकों ने अपने पंप बंद रखे। हालांकि इसकी जानकारी तीन दिन पहले से ही वाहन चालकों को पेट्रोल पंप पर अनाउसमेंट के जरिये दी जा रही है। इसके बाद भी कई वाहन चालक हड़ताल से बेखर रहे और सोमवार सुबह पेट्रोल पंप पर पहुंचने के बाद ही उन्हें इस बात का पता चला। वहीं, एसोसिएशन पदाधिकारियों ने मांगों को लेकर जिला प्रशासन को ज्ञापन भी सौंपा।
जिले में करीब 70 पेट्रोल पंप हैं और शहर के पांच किलोमीटर के दायरे की बात करें तो 15 पेट्रोल पंप है। सुबह से लेकर दोपहर तक पेट्रोल पंपों पर वाहन चालक पहुंचे, लेकिन उन्हें पेट्रोल या डीजल नहीं मिल पाया। वाहन चालक कृष्ण, योगेश, अजीत, हरिओम, सुनील, मंगेश, दीपेश, रणजीत, नितिन, मोनू, अवन, हवा सिंह, संदीप और मनोज ने बताया कि हड़ताल के चलते उन्हें परेशानियों का सामना करना पड़ा। उन्होंने कहा कि हड़ताल की उन्हें पहले से जानकारी नहीं थी। जिले की अगर बात करें तो पेट्रोल के मुकाबले डीजल की खपत छह गुना अधिक है।
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प्रतिदिन 2.80 लाख लीटर डीजल तो 50 हजार लीटर बिकता है पेट्रोल
चरखी दादरी और भिवानी जिला पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन के उप-प्रधान कुलदीप ढांडा ने बताया कि जिले में प्रतिदिन दो लाख 80 हजार लीटर डीजल और करीब 50 हजार लीटर पेट्रोल बिकता है। उन्होंने बताया कि एक पंप पर प्रतिदिन चार हजार लीटर डीजल और 700 लीटर पेट्रोल की औसतन खपत होती है। प्रतिदिन जिले में करीब तीन करोड़ रुपये का पेट्रोल और डीजल बिकता है। कुलदीप ढांडा ने बताया कि एक पेट्रोल पंप की अगर बात करें तो 600 दुपहिया वाहन चालक, 100 भारी वाहन और 300 गाड़ी चालक पेट्रोल-डीजल भरवाते हैं।
ये है एसोसिएशन की मांगें
- नकली डीजल की बिक्री को बंद करने के लिए सख्त कदम उठाए जाएं।
- डीलर कमीशन बढ़ाया जाए और पिछले चार साल का बकाया भुगतान किया जाए।
- एक्साइज व वैट घटने से हुए नुकसान की भरपाई करवाई जाए।
परेशानी: कोई भाई की नहीं ला सका, दवा तो कोई रास्ते में ही फंसा
केस-1 : भाई की दवा लेने आया दादरी, बाइक का तेल खत्म
मैं सुबह करीब 10 बजे समसपुर से अपने भाई की दवा लेने दादरी आया था। बाइक में तेल कम था लेकिन दवा लाना भी जरूरी था। रावलधी-दिल्ली बाईपास पर पहुंचते ही बाइक का तेल खत्म हो गया। दो पेट्रोल पंप पर मैं गया, लेकिन उन्होंने तेल नहीं डाला। अब बिना दवा लिए ही घर लौट रहा हूं।- कृष्ण, समसपुर
केस-2 : बहन के पास पहुंचना था जरूरी, बीच रास्ते तेल हुआ खत्म
मैं वार्ड-21 का रहने वाला हूं। सुबह मैं मकड़ानी अपनी बहन के घर जाने के लिए बाइक पर निकला था। रोहतक रोड स्थित पेट्रोल पंप पर पहुंचा तो हड़ताल का पता चला। इसके बाद जब लोहारू रोड पर आया तो यहां भी दो पेट्रोल पंप पर तैनात कर्मचारियों ने पेट्रोल डालने से मना कर दिया। जरूरी काम था, लेकिन बहन के घर नहीं पहुंच पाया। - योगेश, वार्ड-21
हड़ताल की सूचना हम पहले ही दे चुके थे। तीन रिमाइंडर देने के बाद भी सरकार और एजेंसी ने कोई आश्वासन नहीं दिया और इसके चलते ही हड़ताल करनी पड़ी। एक दिन की हड़ताल के दौरान सभी संचालकों ने पेट्रोल पंप की बेसिक सुविधाओं को दुरुस्त करवा दिया है। अगर अब भी सरकार ने मांगों को पूरा नहीं किया तो फिर एसोसिएशन और कड़े कदम उठाएगी।
कुलदीप ढांडा, उप-प्रधान, चरखी दादरी और भिवानी जिला पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन
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चरखी दादरी और भिवानी जिला पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन के आह्वान पर विभिन्न मांगों को सोमवार को सभी संचालकों ने अपने पंप बंद रखे। हालांकि इसकी जानकारी तीन दिन पहले से ही वाहन चालकों को पेट्रोल पंप पर अनाउसमेंट के जरिये दी जा रही है। इसके बाद भी कई वाहन चालक हड़ताल से बेखर रहे और सोमवार सुबह पेट्रोल पंप पर पहुंचने के बाद ही उन्हें इस बात का पता चला। वहीं, एसोसिएशन पदाधिकारियों ने मांगों को लेकर जिला प्रशासन को ज्ञापन भी सौंपा।
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जिले में करीब 70 पेट्रोल पंप हैं और शहर के पांच किलोमीटर के दायरे की बात करें तो 15 पेट्रोल पंप है। सुबह से लेकर दोपहर तक पेट्रोल पंपों पर वाहन चालक पहुंचे, लेकिन उन्हें पेट्रोल या डीजल नहीं मिल पाया। वाहन चालक कृष्ण, योगेश, अजीत, हरिओम, सुनील, मंगेश, दीपेश, रणजीत, नितिन, मोनू, अवन, हवा सिंह, संदीप और मनोज ने बताया कि हड़ताल के चलते उन्हें परेशानियों का सामना करना पड़ा। उन्होंने कहा कि हड़ताल की उन्हें पहले से जानकारी नहीं थी। जिले की अगर बात करें तो पेट्रोल के मुकाबले डीजल की खपत छह गुना अधिक है।
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प्रतिदिन 2.80 लाख लीटर डीजल तो 50 हजार लीटर बिकता है पेट्रोल
चरखी दादरी और भिवानी जिला पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन के उप-प्रधान कुलदीप ढांडा ने बताया कि जिले में प्रतिदिन दो लाख 80 हजार लीटर डीजल और करीब 50 हजार लीटर पेट्रोल बिकता है। उन्होंने बताया कि एक पंप पर प्रतिदिन चार हजार लीटर डीजल और 700 लीटर पेट्रोल की औसतन खपत होती है। प्रतिदिन जिले में करीब तीन करोड़ रुपये का पेट्रोल और डीजल बिकता है। कुलदीप ढांडा ने बताया कि एक पेट्रोल पंप की अगर बात करें तो 600 दुपहिया वाहन चालक, 100 भारी वाहन और 300 गाड़ी चालक पेट्रोल-डीजल भरवाते हैं।
ये है एसोसिएशन की मांगें
- नकली डीजल की बिक्री को बंद करने के लिए सख्त कदम उठाए जाएं।
- डीलर कमीशन बढ़ाया जाए और पिछले चार साल का बकाया भुगतान किया जाए।
- एक्साइज व वैट घटने से हुए नुकसान की भरपाई करवाई जाए।
परेशानी: कोई भाई की नहीं ला सका, दवा तो कोई रास्ते में ही फंसा
केस-1 : भाई की दवा लेने आया दादरी, बाइक का तेल खत्म
मैं सुबह करीब 10 बजे समसपुर से अपने भाई की दवा लेने दादरी आया था। बाइक में तेल कम था लेकिन दवा लाना भी जरूरी था। रावलधी-दिल्ली बाईपास पर पहुंचते ही बाइक का तेल खत्म हो गया। दो पेट्रोल पंप पर मैं गया, लेकिन उन्होंने तेल नहीं डाला। अब बिना दवा लिए ही घर लौट रहा हूं।- कृष्ण, समसपुर
केस-2 : बहन के पास पहुंचना था जरूरी, बीच रास्ते तेल हुआ खत्म
मैं वार्ड-21 का रहने वाला हूं। सुबह मैं मकड़ानी अपनी बहन के घर जाने के लिए बाइक पर निकला था। रोहतक रोड स्थित पेट्रोल पंप पर पहुंचा तो हड़ताल का पता चला। इसके बाद जब लोहारू रोड पर आया तो यहां भी दो पेट्रोल पंप पर तैनात कर्मचारियों ने पेट्रोल डालने से मना कर दिया। जरूरी काम था, लेकिन बहन के घर नहीं पहुंच पाया। - योगेश, वार्ड-21
हड़ताल की सूचना हम पहले ही दे चुके थे। तीन रिमाइंडर देने के बाद भी सरकार और एजेंसी ने कोई आश्वासन नहीं दिया और इसके चलते ही हड़ताल करनी पड़ी। एक दिन की हड़ताल के दौरान सभी संचालकों ने पेट्रोल पंप की बेसिक सुविधाओं को दुरुस्त करवा दिया है। अगर अब भी सरकार ने मांगों को पूरा नहीं किया तो फिर एसोसिएशन और कड़े कदम उठाएगी।
कुलदीप ढांडा, उप-प्रधान, चरखी दादरी और भिवानी जिला पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन