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यूक्रेन से अब तक 43 छात्र-छात्राएं कर चुके धर वापसी, पांच के लौटने का परिजनों को इंतजार
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चरखी दादरी। जिले के 43 विद्यार्थी अब तक यूक्रेन से वापस भारत लौट चुके हैं। जिला प्रशासन और परिजनों को अभी पांच और विद्यार्थियों के वापस आने का इंतजार है। नगराधीश नरेंद्र कुमार ने इसकी पुष्टि की है।
उन्होंने बताया कि उपायुक्त प्रदीप गोदारा की रहनुमाई में घर वापसी की यह मुहिम चलाई जा रही है। उपायुक्त की कोशिश है कि जिले का हर एक बच्चा सकुशल अपने माता-पिता के पास पहुंच जाए। उन्होंने बताया कि शनिवार को दादरी शहर की अपूर्वी, निशा व निशांत भी घर वापस आ चुके हैं। अब गांव समसपुर की साक्षी, नीरज, मोहनीश वत्स, गांव बिरही का प्रीतम व कादमा की अनीशा रह गए हैं। इनमें अनीशा तो यूक्रेन के सुमी टाऊन में रूस बॉर्डर के नजदीक है और बाकी चार यूक्रेन की सीमा पार कर हंगरी में हैं और दिल्ली की फ्लाइट आने का इंतजार कर रहे हैं। जानकारी के अनुसार रूस अपनी यूक्रेन के साथ लगतीं सीमाएं आम नागरिकों के प्रवेश के लिए खोलने जा रहा है, जिससे अनीशा की वापसी की उम्मीद है।
नगराधीश नरेंद्र कुमार ने बताया कि जिला प्रशासन सभी परिवारों से निरंतर संपर्क बनाए हुए है और हर तरह का पत्र व्यवहार बच्चों की घर वापसी के लिए चंडीगढ़ मुख्यालय व विदेश मंत्रालय के साथ किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि दादरी जिला से 48 छात्र-छात्राएं यूक्रेन पढ़ाई के लिए गए हुए थे, जिनमें से 43 की घर वापसी हो चुकी है। बाकी बचे पांच की वापसी के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।
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उन्होंने बताया कि उपायुक्त प्रदीप गोदारा की रहनुमाई में घर वापसी की यह मुहिम चलाई जा रही है। उपायुक्त की कोशिश है कि जिले का हर एक बच्चा सकुशल अपने माता-पिता के पास पहुंच जाए। उन्होंने बताया कि शनिवार को दादरी शहर की अपूर्वी, निशा व निशांत भी घर वापस आ चुके हैं। अब गांव समसपुर की साक्षी, नीरज, मोहनीश वत्स, गांव बिरही का प्रीतम व कादमा की अनीशा रह गए हैं। इनमें अनीशा तो यूक्रेन के सुमी टाऊन में रूस बॉर्डर के नजदीक है और बाकी चार यूक्रेन की सीमा पार कर हंगरी में हैं और दिल्ली की फ्लाइट आने का इंतजार कर रहे हैं। जानकारी के अनुसार रूस अपनी यूक्रेन के साथ लगतीं सीमाएं आम नागरिकों के प्रवेश के लिए खोलने जा रहा है, जिससे अनीशा की वापसी की उम्मीद है।
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नगराधीश नरेंद्र कुमार ने बताया कि जिला प्रशासन सभी परिवारों से निरंतर संपर्क बनाए हुए है और हर तरह का पत्र व्यवहार बच्चों की घर वापसी के लिए चंडीगढ़ मुख्यालय व विदेश मंत्रालय के साथ किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि दादरी जिला से 48 छात्र-छात्राएं यूक्रेन पढ़ाई के लिए गए हुए थे, जिनमें से 43 की घर वापसी हो चुकी है। बाकी बचे पांच की वापसी के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।
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