{"_id":"62a4c04064a86071f118cd4c","slug":"six-animals-died-after-drinking-johad-water-in-kadma-charkhidadri-news-hsr6340263118","type":"story","status":"publish","title_hn":"कादमा में जोहड़ का पानी पीने से छह पशुओं की मौत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कादमा में जोहड़ का पानी पीने से छह पशुओं की मौत
विज्ञापन
गांव कादमा में जोहड़ के पास रोष प्रकट करते ग्रामीण।
- फोटो : CharkhiDadri
बाढड़ा। गांव कादमा में जोहड़ का पानी पीने से एक माह में छह पशुओं की मौत हो चुकी है। ग्रामीणों की शिकायत पर बाढड़ा पुलिस व पशु चिकित्सकों की टीम ने मृत भैंस के शरीर के नमूने लिए हैं, ताकि पोस्टमार्टम करवाकर कारणों का पता लगाया सके। जोहड़ के पानी का सैंपल भी जांच के लिए भेजा गया है। ग्रामीणों ने मामले में रोष प्रकट किया है।
गांव कादमा निवासी सोमबीर सिंह, सत्यवान सिंह, कृष्ण कुमार, गोविंदराम, अमित कुमार आदि पशुपालकों ने बताया कि गांव में मिनी जोहड़ है। इस जोहड़ में कई सालों से गांव के पशु पानी पीते रहे हैं, लेकिन पिछले एक सप्ताह से इस पानी का रंग काला पड़ गया है और पानी में दुर्गंध बनी हुई है।
जोहड़ का पानी पीने से कुछ पशु बीमार भी पड़ गए। अब तक दो गाय, दो कटड़ी, एक भेड़ व एक भैंस पानी का सेवन करने से बीमार होकर मर चुकी हैं। पशुपालकों में इस घटना के बाद चिंता बनी हुई है।
विज्ञापन
पशुपालक सज्जन कुमार की शिकायत बाढड़ा पुलिस व पशु चिकित्सकों की टीम ने गांव का दौरा किया और मृत भैंस के शरीर से जांच के लिए नमूने लिए हैं। जोहड़ के पानी का सैंपल भी जांच के लिए भेजा गया है।
समाज सेवी अशोक कादमा ने बताया कि खेती बाड़ी व पशुपालन के सहारे आजीविका चलाने वाले परिवारों के पशु मरने से आर्थिक नुकसान हुआ है। ग्रामीण इस जोहड़ की सफाई के लिए कई बार जिला प्रशासन से लिखित में शिकायत दे चुके हैं लेकिन कोई समाधान नहीं हो पाया है। इसे लेकर ग्रामीणों ने जोहड़ के समीप खड़े होकर रोष जताया।
विज्ञापन
गांव कादमा निवासी सोमबीर सिंह, सत्यवान सिंह, कृष्ण कुमार, गोविंदराम, अमित कुमार आदि पशुपालकों ने बताया कि गांव में मिनी जोहड़ है। इस जोहड़ में कई सालों से गांव के पशु पानी पीते रहे हैं, लेकिन पिछले एक सप्ताह से इस पानी का रंग काला पड़ गया है और पानी में दुर्गंध बनी हुई है।
विज्ञापन
जोहड़ का पानी पीने से कुछ पशु बीमार भी पड़ गए। अब तक दो गाय, दो कटड़ी, एक भेड़ व एक भैंस पानी का सेवन करने से बीमार होकर मर चुकी हैं। पशुपालकों में इस घटना के बाद चिंता बनी हुई है।
विज्ञापन
पशुपालक सज्जन कुमार की शिकायत बाढड़ा पुलिस व पशु चिकित्सकों की टीम ने गांव का दौरा किया और मृत भैंस के शरीर से जांच के लिए नमूने लिए हैं। जोहड़ के पानी का सैंपल भी जांच के लिए भेजा गया है।
समाज सेवी अशोक कादमा ने बताया कि खेती बाड़ी व पशुपालन के सहारे आजीविका चलाने वाले परिवारों के पशु मरने से आर्थिक नुकसान हुआ है। ग्रामीण इस जोहड़ की सफाई के लिए कई बार जिला प्रशासन से लिखित में शिकायत दे चुके हैं लेकिन कोई समाधान नहीं हो पाया है। इसे लेकर ग्रामीणों ने जोहड़ के समीप खड़े होकर रोष जताया।