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राहत : चिकित्सक की हुई तैनाती, नई बुढ़ापा पेंशन बनाने का काम शुरू
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चरखी दादरी। नई बुढापा पेंशन में उम्र प्रमाण पत्र बनवाने की बाधा को समाज कल्याण विभाग ने दूर कर दिया है। स्वास्थ्य विभाग ने बुजुर्गों की जांच के लिए मेडिकल ऑफिसर विभाग को मुहैया करवा दिया है। अब बुजुर्ग चिकित्सक से मेडिकल परीक्षण करवाकर अपना उम्र प्रमाण पत्र बनवा कर पेंशन बना सकते हैं। चिकित्सक की तैनाती न होने के कारण यह सेवा पांच माह से बंद थी और बुजुर्गों को कभी कार्यालय तो कभी सिविल अस्पताल के चक्कर लगाने पड़ रहे थे।
कई माह के इंतजार के बाद आखिरकार समाज कल्याण विभाग ने बुुजुर्ग पेंशन बनवाने काम शुरू कर दिया है। इससे पहले बुजुर्ग पेेंशन बनवाने के लिए विभाग कार्यालय के चक्कर काटने को विवश थे। क्योंकि जिन बुजुर्गों के पास आयु का प्रमाण पत्र नहीं होता उनके निर्धारित आयु पूरी करने की पुष्टि चिकित्सक की ओर से की जाती है, लेकिन चिकित्सक तैनात न होने के चलते इन आवेदक बुजुर्गों की जांच नहीं हो पा रही थी। बुजुर्गों को समस्या को देखते हुए अमर उजाला ने गत दस अगस्त के संस्करण में ‘नई बुढ़ापा पेंशन बनवाने में उम्र के प्रमाण का रोड़ा’ नामक शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी। इस पर संज्ञान लेते हुए जिला समाज कल्याण विभाग की मांग पर स्वास्थ्य विभाग ने बुजुर्ग आवेदकों की जांच के लिए चिकित्सक की तैनाती कर दी है। इससे अब आवेदक बुजुर्गों को परेशानियों का सामना नहीं करना पड़ेगा और उन्हें सरकार की पेंशन सेवा का लाभ आसानी से मिल जाएगा। जिले में सैकड़ों बुजुर्ग सरकार की ओर से पेंशन पात्रता के लिए निर्धारित आयु को पूरी कर चुके हैं। अब वे अपनी पेंशन बनवाने की प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं। सरकार की ओर से विधवा, बुजुर्ग, दिव्यांग व अन्य कई प्रकार की कैटेगरी में पात्र लोगों को प्रतिमाह 2500 रुपये पेंशन दी जाती है।
बुजुर्ग आवेदक बोले- प्रक्रिया शुरू होने के बाद अब दूर हुई बेचैनी
पेंशन बनवाने के लिए आवेदन करने वाले धनपति, रामरती, संतोष, सावित्री देवी व हवासिंह का कहना है कि नई पेंशन बनवाने के लिए प्रक्रिया शुरू न होने से पात्र लोगों में दुविधा एवं बेचैनी बनी हुई थी। उनकी पेंशन के लिए निर्धारित आयु पूरी हो चुकी है। अब पेंशन बनवाने का काम शुरू होने से उन्हें काफी राहत मिली है और उनकी बेचैनी भी दूर हो गई है।
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आयु के लिए ये प्रमाण पत्र हो
बुजुर्ग की आयु को प्रमाणित करने के लिए या तो उसके पास स्कूल का सर्टिफिकेट या फिर जन्म प्रमाण पत्र हो। इसके अलावा 2005 से पहले के मतदाता पहचान पत्र में उसकी जन्म तिथि प्रमाण के तौर पर उपलब्ध हो। ये सभी सुबूत न होने पर पात्र बुजुर्ग को सिविल अस्पताल से एनओसी लेनी पड़ेगी। एनओसी लेने के बाद समाज कल्याण विभाग उक्त बुजुर्ग का चिकित्सक से मेडिकल परीक्षण करवाता है, ताकि उसकी आयु की प्रमाणिकता हो सके। चिकित्सक से आयु की पुष्टि होनेे पर समाज कल्याण विभाग पेंशन शुरू कर देता है।
विभाग ने पेंशन बनवाने का कार्य शुरू कर दिया है। प्रत्येक माह की सात तारीख तक फार्म जमा किए जाएंगे। इसके बाद इन आवेदनों की जांच की जाएगी। जांच में सही एवं योग्य पाए बुजुर्गों का मेडिकल परीक्षण करवाया जाएगा।
सरफराज खान, समाज कल्याण अधिकारी
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कई माह के इंतजार के बाद आखिरकार समाज कल्याण विभाग ने बुुजुर्ग पेंशन बनवाने काम शुरू कर दिया है। इससे पहले बुजुर्ग पेेंशन बनवाने के लिए विभाग कार्यालय के चक्कर काटने को विवश थे। क्योंकि जिन बुजुर्गों के पास आयु का प्रमाण पत्र नहीं होता उनके निर्धारित आयु पूरी करने की पुष्टि चिकित्सक की ओर से की जाती है, लेकिन चिकित्सक तैनात न होने के चलते इन आवेदक बुजुर्गों की जांच नहीं हो पा रही थी। बुजुर्गों को समस्या को देखते हुए अमर उजाला ने गत दस अगस्त के संस्करण में ‘नई बुढ़ापा पेंशन बनवाने में उम्र के प्रमाण का रोड़ा’ नामक शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी। इस पर संज्ञान लेते हुए जिला समाज कल्याण विभाग की मांग पर स्वास्थ्य विभाग ने बुजुर्ग आवेदकों की जांच के लिए चिकित्सक की तैनाती कर दी है। इससे अब आवेदक बुजुर्गों को परेशानियों का सामना नहीं करना पड़ेगा और उन्हें सरकार की पेंशन सेवा का लाभ आसानी से मिल जाएगा। जिले में सैकड़ों बुजुर्ग सरकार की ओर से पेंशन पात्रता के लिए निर्धारित आयु को पूरी कर चुके हैं। अब वे अपनी पेंशन बनवाने की प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं। सरकार की ओर से विधवा, बुजुर्ग, दिव्यांग व अन्य कई प्रकार की कैटेगरी में पात्र लोगों को प्रतिमाह 2500 रुपये पेंशन दी जाती है।
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बुजुर्ग आवेदक बोले- प्रक्रिया शुरू होने के बाद अब दूर हुई बेचैनी
पेंशन बनवाने के लिए आवेदन करने वाले धनपति, रामरती, संतोष, सावित्री देवी व हवासिंह का कहना है कि नई पेंशन बनवाने के लिए प्रक्रिया शुरू न होने से पात्र लोगों में दुविधा एवं बेचैनी बनी हुई थी। उनकी पेंशन के लिए निर्धारित आयु पूरी हो चुकी है। अब पेंशन बनवाने का काम शुरू होने से उन्हें काफी राहत मिली है और उनकी बेचैनी भी दूर हो गई है।
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आयु के लिए ये प्रमाण पत्र हो
बुजुर्ग की आयु को प्रमाणित करने के लिए या तो उसके पास स्कूल का सर्टिफिकेट या फिर जन्म प्रमाण पत्र हो। इसके अलावा 2005 से पहले के मतदाता पहचान पत्र में उसकी जन्म तिथि प्रमाण के तौर पर उपलब्ध हो। ये सभी सुबूत न होने पर पात्र बुजुर्ग को सिविल अस्पताल से एनओसी लेनी पड़ेगी। एनओसी लेने के बाद समाज कल्याण विभाग उक्त बुजुर्ग का चिकित्सक से मेडिकल परीक्षण करवाता है, ताकि उसकी आयु की प्रमाणिकता हो सके। चिकित्सक से आयु की पुष्टि होनेे पर समाज कल्याण विभाग पेंशन शुरू कर देता है।
विभाग ने पेंशन बनवाने का कार्य शुरू कर दिया है। प्रत्येक माह की सात तारीख तक फार्म जमा किए जाएंगे। इसके बाद इन आवेदनों की जांच की जाएगी। जांच में सही एवं योग्य पाए बुजुर्गों का मेडिकल परीक्षण करवाया जाएगा।
सरफराज खान, समाज कल्याण अधिकारी