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बालश्रम रोकने के लिए मारें छापे, जिले में न हो एक भी केस : उपायुक्त
Sat, 18 Feb 2023 06:38 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Sat, 18 Feb 2023 06:38 PM IST
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बाल संरक्षण को लेकर अधिकारियों की बैठक लेतीं उपायुक्त प्रीति। संवाद
चरखी दादरी। जिला के कारखानों, ईंट-भट्ठों, होटल व दुकान आदि व्यापारिक प्रतिष्ठान में कहीं भी बाल श्रमिक मिले तो उसके नियोक्ता के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए। बच्चों के साथ किसी प्रकार का उत्पीड़न होता है तो उसमें दोषी के विरुद्ध मामला दर्ज कर दंड दिलवाने का प्रयास किया जाएगा। उपायुक्त प्रीति ने शुक्रवार को बाल संरक्षण समिति की बैठक में ये निर्देश दिए।
बैठक में उपायुक्त ने बताया कि केंद्र सरकार के महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के तत्वावधान में मिशन वात्स्लय चलाया जा रहा है, जिसकी स्कीम स्पॉसंरशिप एंड फोस्टर केयर में असहाय बच्चों की आर्थिक सहायता की जाती है।
उपायुक्त प्रीति ने बताया कि कोई अनाथ बालक हो या जिसके माता-पिता लाचार स्थिति में हो, ऐसे बच्चों की सरकार तीन साल तक चार हजार रुपये महीना आर्थिक सहायता प्रदान करती है। इसमें शर्त यह है कि बच्चा स्कूल जा रहा हो और उसकी आयु 18 साल से कम होनी चाहिए। दादरी जिला में इस प्रकार के 56 बच्चों की मदद की जा रही है। अगर बच्चा ग्रामीण क्षेत्र से है तो उसके परिवार की वार्षिक आय 72 हजार रुपये व शहर से है तो 96 हजार रुपये से अधिक इनकम न हो। इसका फार्म बाल संरक्षण कार्यालय में भरवाया जाता है।
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-ये रहे मौजूद
बैठक में महिला एवं बाल विकास कार्यक्रम अधिकारी गीता सहारण, बाल संरक्षण अधिकारी नीलकमल ने बैठक में विभाग की गतिविधियों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। इस मौके पर सीएमओ डॉ. कृष्ण कुमार, डीएसपी वीरेंद्र सिंह, जिला समाज कल्याण अधिकारी ओमप्रकाश राठौर, योजना अधिकारी दिलबाग सिंह, विजेंद्र कोच, अर्चना, एडवोकेट ममता बाई आदि उपस्थित रहे।
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बैठक में उपायुक्त ने बताया कि केंद्र सरकार के महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के तत्वावधान में मिशन वात्स्लय चलाया जा रहा है, जिसकी स्कीम स्पॉसंरशिप एंड फोस्टर केयर में असहाय बच्चों की आर्थिक सहायता की जाती है।
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उपायुक्त प्रीति ने बताया कि कोई अनाथ बालक हो या जिसके माता-पिता लाचार स्थिति में हो, ऐसे बच्चों की सरकार तीन साल तक चार हजार रुपये महीना आर्थिक सहायता प्रदान करती है। इसमें शर्त यह है कि बच्चा स्कूल जा रहा हो और उसकी आयु 18 साल से कम होनी चाहिए। दादरी जिला में इस प्रकार के 56 बच्चों की मदद की जा रही है। अगर बच्चा ग्रामीण क्षेत्र से है तो उसके परिवार की वार्षिक आय 72 हजार रुपये व शहर से है तो 96 हजार रुपये से अधिक इनकम न हो। इसका फार्म बाल संरक्षण कार्यालय में भरवाया जाता है।
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-ये रहे मौजूद
बैठक में महिला एवं बाल विकास कार्यक्रम अधिकारी गीता सहारण, बाल संरक्षण अधिकारी नीलकमल ने बैठक में विभाग की गतिविधियों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। इस मौके पर सीएमओ डॉ. कृष्ण कुमार, डीएसपी वीरेंद्र सिंह, जिला समाज कल्याण अधिकारी ओमप्रकाश राठौर, योजना अधिकारी दिलबाग सिंह, विजेंद्र कोच, अर्चना, एडवोकेट ममता बाई आदि उपस्थित रहे।