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प्रदूषण ञ्च 370 एक्यूआई, सांस लेने लायक नहीं जिले की हवा

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 30 Nov 2021 12:15 AM IST
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Pollution  370 AQI, the air of the district is not breathable
प्रदूषण @ 370 एक्यूआई, सांस लेने लायक नहीं जिले की हवा
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नवंबर माह में शुरू से ही हवा की स्थिति बनी हुई खराब, स्मॉग छाने से बढ़ रही आंखों में जलन की शिकायत
चरखी दादरी। नवंबर की शुरुआत में बढ़ा प्रदूषण का स्तर जिले में अब तक गंभीर बना है। सोमवार को प्रदूषण का अधिकतम स्तर 370 एक्यूआई दर्ज किया गया, जिसके चलते हवा की स्थिति बेहद खराब बनी रही। सुबह नौ बजे धूप खिलने के बाद भी 11 बजे तक आसमान में स्मॉग छाया रहा और इसके चलते लोगों को परेशानियां झेलनी पड़ीं। आंखों में जलन की शिकायत बनी रही जबकि स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार प्रदूषण का बढ़ा स्तर श्वास रोगियों और बुजुर्गों के स्वास्थ्य के लिए घातक है। दोपहर बाद प्रदूषण का स्तर थोड़ा कम हुआ।
दिवाली के समीप जिले में प्रदूषण का स्तर बढ़ा था, जो अब तक बेकाबू है। दो दिन पहले जिले में प्रदूषण का स्तर 400 एक्यूआई के आंकड़े को पार कर गया था। वहीं, इसके बाद प्रदूषण के स्तर में नाममात्र ही गिरावट आई है। दादरी जिले की अगर बात करें तो सोमवार को सुबह नौ बजे प्रदूषण का स्तर 390 एक्यूआई दर्ज किया गया। वहीं, शाम चार बजे 34 एक्यूआई की गिरावट के साथ प्रदूषण का स्तर 334 एक्यूआई दर्ज किया गया। विशेषज्ञों के अनुसार प्रदूषण का स्तर 300 एक्यूआई से पार रहना स्वास्थ्य के लिए सही नहीं है। प्रदूषण की इतनी मात्रा में हवा की गुणवत्ता बेहद खराब हो जाती है। इस लिहाज से 334 एक्यूआई प्रदूषण के बीच सांस लेना लोगों के लिए खतरे से खाली नहीं है।
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प्रदूषण के बढ़े स्तर का असर लोगों की सेहत पर दिखने लगा है। नवंबर माह में सामान्य दिनों के मुकाबले दैनिक ओपीडी 15 से 30 फीसदी तक बढ़ी हुई है। अधिकतर लोगों को गले में खराश, खांसी-जुकाम, सांस लेने में तकलीफ के एलर्जी की शिकायत बनी हुई है। इस मौसम में खासकर बच्चों और बुजुर्गों को ज्यादा तकलीफ हो रही है। सांस के मरीजों के लिए प्रदूषण का यह स्तर जानलेवा साबित हो सकता है।
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प्रदूषण का स्तर यूं बिगाड़ रहा सेहत
प्रदूषण का स्तर स्थिति स्वास्थ्य पर प्रभाव
0-50 एक्यूआई अच्छा न्यूनतम प्रभाव
51-100 एक्यूआई संतोषजनक संवेदनशीन लोगों को सांस लेने में थोड़ी तकलीफ
101-200 एक्यूआई मध्यम फेफड़े, दमा, हृदय रोगियों को सांस लेने में तकलीफ
201-300 एक्यूआई खराब सामान्य को भी सांस लेने में तकलीफ, ज्यादा समय तक रहने पर सांस की बीमारी का खतरा
301-400 एक्यूआई बहुत खराब सामान्य भी सांस के मरीज, सभी को सांस लेने में तकलीफ, आंखों में जलन, गले में तकलीफ, सांस लेने, बोलने में परेशानी
401-500 एक्यूआई गंभीर सामान्य के लिए भी जानलेवा और सांस लेने के लिए ऑक्सीजन सिलिंडर की जरूरत पड़ सकती है।
यूं करें बचाव
- मुंह पर मास्क लगाए
- आंखों को बार-बार ठंडे से पानी से धोते रहे
- गर्म पानी पीये
- जहां तक संभव हो घर से बाहर न निकले
- सांस लेने में तकलीफ होने पर तुरंत चिकित्सक से संपर्क करें
- रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाले फलों का सेवन करें
- साधारण पानी को गर्म कर भांप लें
- हल्दी का दूध व शहद का सेवन करें।
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वर्जन::::
प्रदूषण का बढ़ा स्तर स्वास्थ्य के लिहाज से किसी भी तरह सही नहीं है। हवा की स्थिति खराब रहने पर लोगों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। नवंबर माह में सिविल अस्पताल की ओपीडी सामान्य दिनों के मुकाबले बढ़ी हुई है।
डॉ. संजय गुप्ता, डिप्टी सिविल सर्जन
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