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लोगों को मिलेगी पेयजल संकट से निजात, आज पहुंचेगा नहरों में पानी
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जलघर का खाली वाटर टैंक।
- फोटो : CharkhiDadri
चरखी दादरी। जिले की साढ़े पांच लाख की आबादी को जल्द पेयजल संकट से निजात मिलने वाली है। आज रात तक नहरों में पानी पहुंच जाएगा। इस बार सिंचाई विभाग ने 700 क्यूसेक पानी का इंडेंट भेजा है। सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने सभी पाउंस पर पंप और मोटरें दुरुस्त कर दिए हैं और नहरों में पानी पहुंचते ही जलघरों व तालाबों को भरने की कवायद शुरू कर दी जाएगी।
पिछले करीब एक माह से जिले के सभी 58 जलघरों के टैंक सूखे पड़े हैं और लोग सर्दियों के मौसम में भी पेयजल संकट का दंश झेल रहे हैं। पिछली टर्म में जलघरों में आधी मात्रा में ही पानी भरा जा सका था। नहरों में भी एक माह से पानी छोड़ा गया है। ऐसे में जिलावासी पेयजल किल्लत झेल रहे हैं। एक माह बाद अब जिले की नहरों में 21 जनवरी को पानी छोड़ा जाएगा। सिंचाई विभाग ने इसके लिए तैयारियां पूरी कर ली है। सिंचाई विभाग ने पंप हाउसों पर मोटर-पंप को अपडेट किया है। शहर के मुख्य जलघर को बधवाना और लोहारू नहर के जरिये भरा जाता है। बधवाना नहर से शहर का कपूरी जलघर कनेक्ट है और मुख्य चंपापुरी जलघर लोहारू नहर से कनेक्ट कर रखा है।
सिंचाई के लिए नहीं है जरूरत
इस समय रबी की फसलों में सिंचाई के लिए पानी की जरूरत नहीं है, क्योंकि गत पांच से नौ जनवरी को जिले में 59 एमएम बारिश से सिंचाई की पूर्ति हो चुकी है। जिला में गेहूं का रकबा करीब 40 हजार हेक्टेयर क्षेत्र है। सरसों की बिजाई 65 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में कर रखी है। इसी प्रकार जौ का रकबा भी करीब तीन हजार हेक्टेयर क्षेत्र है। इस बार गत मानसून सीजन में अच्छी बारिश होने पर भूमिगत जलस्तर में भी सुधार आया है। तराई एरिया में तो भूमिगत जलस्तर सेे दो से तीन मीटर पर आ गया है।
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नहरों में पानी पहुंचते ही सबसे पहले जलघरों में डाला जाएगा। बर्फबारी की वजह से पानी कम मात्रा में मिलने की उम्मीद है। इस बार सिंचाई के लिए पानी की जरूरत नहीं होने की वजह से जलघर भरने में आसानी होगी। - कपिल हुड्डा, सिंचाई विभाग, जेई
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पिछले करीब एक माह से जिले के सभी 58 जलघरों के टैंक सूखे पड़े हैं और लोग सर्दियों के मौसम में भी पेयजल संकट का दंश झेल रहे हैं। पिछली टर्म में जलघरों में आधी मात्रा में ही पानी भरा जा सका था। नहरों में भी एक माह से पानी छोड़ा गया है। ऐसे में जिलावासी पेयजल किल्लत झेल रहे हैं। एक माह बाद अब जिले की नहरों में 21 जनवरी को पानी छोड़ा जाएगा। सिंचाई विभाग ने इसके लिए तैयारियां पूरी कर ली है। सिंचाई विभाग ने पंप हाउसों पर मोटर-पंप को अपडेट किया है। शहर के मुख्य जलघर को बधवाना और लोहारू नहर के जरिये भरा जाता है। बधवाना नहर से शहर का कपूरी जलघर कनेक्ट है और मुख्य चंपापुरी जलघर लोहारू नहर से कनेक्ट कर रखा है।
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सिंचाई के लिए नहीं है जरूरत
इस समय रबी की फसलों में सिंचाई के लिए पानी की जरूरत नहीं है, क्योंकि गत पांच से नौ जनवरी को जिले में 59 एमएम बारिश से सिंचाई की पूर्ति हो चुकी है। जिला में गेहूं का रकबा करीब 40 हजार हेक्टेयर क्षेत्र है। सरसों की बिजाई 65 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में कर रखी है। इसी प्रकार जौ का रकबा भी करीब तीन हजार हेक्टेयर क्षेत्र है। इस बार गत मानसून सीजन में अच्छी बारिश होने पर भूमिगत जलस्तर में भी सुधार आया है। तराई एरिया में तो भूमिगत जलस्तर सेे दो से तीन मीटर पर आ गया है।
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नहरों में पानी पहुंचते ही सबसे पहले जलघरों में डाला जाएगा। बर्फबारी की वजह से पानी कम मात्रा में मिलने की उम्मीद है। इस बार सिंचाई के लिए पानी की जरूरत नहीं होने की वजह से जलघर भरने में आसानी होगी। - कपिल हुड्डा, सिंचाई विभाग, जेई