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Charkhi Dadri News: बाहर रहें या घर के अंदर, काट लेंगे बंदर
Thu, 22 Aug 2024 12:03 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Thu, 22 Aug 2024 12:03 AM IST
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शहर में घूमते बंदर। संवाद
अमर उजाला विशेष:
वार्ड-5 में बंदरों ने दो महिलाओं को किया घायल, लोगों ने पकड़वाने की लगाई गुहार
संवाद न्यूज एजेंसी
चरखी दादरी। शहरवासी बंदरों की समस्या से परेशान हैं। बाहर रहें या घर के अंदर, कहीं भी महफूज नहीं हैं। हाल ही में बंदरों के झुंड ने घर में घुसकर दो बुजुर्ग महिलाओं को बुरी तरह जख्मी कर दिया। इनका निजी अस्पतालों में इलाज चल रहा है। नगर परिषद का बंदर पकड़ो अभियान बंद है। वार्डवासियों ने उत्पाती बंदरों को पकड़वाने की मांग की है।
पिछले साल मई में नगर परिषद की ओर से बंदर पकड़ो अभियान चलाया गया था। इसमें ठेका लेने वाली एजेंसी ने 90 दिन में एक हजार बंदर पकड़ने का अनुबंध किया था। इस अभियान से शहर के कुछ इलाकों में राहत मिली। अन्य जगहों पर स्थिति जस की तस है। नागरिक बंदरों के आतंक से भयभीत हैं। महिलाएं और बच्चे घरों में कैद रहने के लिए विवश हैं।
शहरवासियों ने बताया कि प्रशासन ने इस साल बंदरों की समस्या पर कोई संज्ञान नहीं लिया है। बंदरों को भगाने के लिए वे पटाखों और डंडों का सहारा ले रहे हैं। बताया कि छह माह से बंदरों का उत्पात बढ़ गया है। प्रशासन को इस संबंध में उचित कदम उठाकर नागरिकों को राहत देनी चाहिए।
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- तीन माह से बंद है बंदर पकड़ो अभियान
नगर परिषद सूत्रों की मानें तो बंदर पकड़ो अभियान शहर में पिछले तीन माह से बंद है। इसका कारण वन्य प्राणी एवं जीव विभाग से बंदरों को जंगल में छोड़ने की अनुमति न मिलना है। अब चुनाव के बाद ही दोबारा अभियान शुरू होने की उम्मीद है।
-बंदर के काटने से अंग भंग से लेकर जान तक का खतरा
डिप्टी सीएमओ डॉ. संजय गुप्ता ने बताया कि बंदर के काटने से रेबीज की वजह से इंसान की मौत भी हो सकती है। इसके अलावा अगर हाथ या पांव पर घाव गहरा हो तो इंफेक्शन का खतरा रहता है। कई बार इंफेक्शन बढ़ने पर हाथ या पांव काटने भी पड़ सकते हैं। बंदर के काटने पर तत्काल एंटी रेबीज वैक्सीन लगवाना चाहिए।
घटना : 1- घर में घुसकर बुजुर्ग महिला पर किया हमला
वार्ड-5 निवासी 78 वर्षीय शकुंतला देवी घर में अपने बच्चों के साथ रहती हैं। गत बुधवार को बेटा व पोता दुकान पर गए थे। बहू कमरे में थी। उस दौरान घर में बंदर आ गए। वह बंदरों से बचने के लिए सीढ़ी से छत पर चढ़ने लगीं तो ऊपर से आए बंदरों के झुंड ने हमला कर दिया। वह दादरी के एक निजी अस्पताल में उपचाराधीन हैं।
घटना-2- बंदरों के झुंड ने घेरकर सुमन को काटा
वार्ड-5 निवासी 75 वर्षीय सुमन देवी भी 14 अगस्त को घर में अकेली थीं। उनका बेटा सजावट के सामान की दुकान पर गया हुआ था। दोपहर बाद करीब तीन बजे बंदरों का झुंड उनके घर में घुस गया। उन पर हमला कर दिया। चारों ओर से बंदरों ने उन्हें घेरकर नीचे गिरा दिया। इसमें उनकी कूल्हे की हड्डी टूट गई। इस समय वह हिसार के एक निजी अस्पताल में भर्ती हैं।
लोग बोले : बढ़ गई बंदरों की संख्या
- घर में अकेला रहना खतरे से खाली नहीं है। तीन माह पहले बंदरों ने मेरे हाथ की अंगुली काट ली थी। अब जाकर किसी तरह यह घाव भर पाया है। प्रशासन को बंदर पकड़वाने चाहिए।
-मगन सैनी, वार्ड-5
- बंदरों का पूरा झुंड घर में घुस जाता है। ये सामान को नुकसान पहुंचाते हैं। वे किसी से डरते भी नहीं है। पटाखे की आवाज से कुछ देर के लिए दूर चले जाते हैं।
-सोनल अग्रवाल, महिला
वर्सन :
मेरी अभी तैनाती हुई है। बंदर पकड़ो अभियान अगर शहर में बंद है तो इसकी स्टाफ से जानकारी लेकर इस पर काम शुरू कराया जाएगा।
-राजेश कुमार, सीएसआई, नगर परिषद
फोटो 15
बंदरों के काटने से घायल महिला शकुंतला अस्पताल में उपचाराधीन। संवाद
फोटो 16
शहर में घूमते बंदर। संवाद
फोटो 17
मगन सैनी।
फोटो 18
सोनल।
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वार्ड-5 में बंदरों ने दो महिलाओं को किया घायल, लोगों ने पकड़वाने की लगाई गुहार
संवाद न्यूज एजेंसी
चरखी दादरी। शहरवासी बंदरों की समस्या से परेशान हैं। बाहर रहें या घर के अंदर, कहीं भी महफूज नहीं हैं। हाल ही में बंदरों के झुंड ने घर में घुसकर दो बुजुर्ग महिलाओं को बुरी तरह जख्मी कर दिया। इनका निजी अस्पतालों में इलाज चल रहा है। नगर परिषद का बंदर पकड़ो अभियान बंद है। वार्डवासियों ने उत्पाती बंदरों को पकड़वाने की मांग की है।
पिछले साल मई में नगर परिषद की ओर से बंदर पकड़ो अभियान चलाया गया था। इसमें ठेका लेने वाली एजेंसी ने 90 दिन में एक हजार बंदर पकड़ने का अनुबंध किया था। इस अभियान से शहर के कुछ इलाकों में राहत मिली। अन्य जगहों पर स्थिति जस की तस है। नागरिक बंदरों के आतंक से भयभीत हैं। महिलाएं और बच्चे घरों में कैद रहने के लिए विवश हैं।
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शहरवासियों ने बताया कि प्रशासन ने इस साल बंदरों की समस्या पर कोई संज्ञान नहीं लिया है। बंदरों को भगाने के लिए वे पटाखों और डंडों का सहारा ले रहे हैं। बताया कि छह माह से बंदरों का उत्पात बढ़ गया है। प्रशासन को इस संबंध में उचित कदम उठाकर नागरिकों को राहत देनी चाहिए।
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- तीन माह से बंद है बंदर पकड़ो अभियान
नगर परिषद सूत्रों की मानें तो बंदर पकड़ो अभियान शहर में पिछले तीन माह से बंद है। इसका कारण वन्य प्राणी एवं जीव विभाग से बंदरों को जंगल में छोड़ने की अनुमति न मिलना है। अब चुनाव के बाद ही दोबारा अभियान शुरू होने की उम्मीद है।
-बंदर के काटने से अंग भंग से लेकर जान तक का खतरा
डिप्टी सीएमओ डॉ. संजय गुप्ता ने बताया कि बंदर के काटने से रेबीज की वजह से इंसान की मौत भी हो सकती है। इसके अलावा अगर हाथ या पांव पर घाव गहरा हो तो इंफेक्शन का खतरा रहता है। कई बार इंफेक्शन बढ़ने पर हाथ या पांव काटने भी पड़ सकते हैं। बंदर के काटने पर तत्काल एंटी रेबीज वैक्सीन लगवाना चाहिए।
घटना : 1- घर में घुसकर बुजुर्ग महिला पर किया हमला
वार्ड-5 निवासी 78 वर्षीय शकुंतला देवी घर में अपने बच्चों के साथ रहती हैं। गत बुधवार को बेटा व पोता दुकान पर गए थे। बहू कमरे में थी। उस दौरान घर में बंदर आ गए। वह बंदरों से बचने के लिए सीढ़ी से छत पर चढ़ने लगीं तो ऊपर से आए बंदरों के झुंड ने हमला कर दिया। वह दादरी के एक निजी अस्पताल में उपचाराधीन हैं।
घटना-2- बंदरों के झुंड ने घेरकर सुमन को काटा
वार्ड-5 निवासी 75 वर्षीय सुमन देवी भी 14 अगस्त को घर में अकेली थीं। उनका बेटा सजावट के सामान की दुकान पर गया हुआ था। दोपहर बाद करीब तीन बजे बंदरों का झुंड उनके घर में घुस गया। उन पर हमला कर दिया। चारों ओर से बंदरों ने उन्हें घेरकर नीचे गिरा दिया। इसमें उनकी कूल्हे की हड्डी टूट गई। इस समय वह हिसार के एक निजी अस्पताल में भर्ती हैं।
लोग बोले : बढ़ गई बंदरों की संख्या
- घर में अकेला रहना खतरे से खाली नहीं है। तीन माह पहले बंदरों ने मेरे हाथ की अंगुली काट ली थी। अब जाकर किसी तरह यह घाव भर पाया है। प्रशासन को बंदर पकड़वाने चाहिए।
-मगन सैनी, वार्ड-5
- बंदरों का पूरा झुंड घर में घुस जाता है। ये सामान को नुकसान पहुंचाते हैं। वे किसी से डरते भी नहीं है। पटाखे की आवाज से कुछ देर के लिए दूर चले जाते हैं।
-सोनल अग्रवाल, महिला
वर्सन :
मेरी अभी तैनाती हुई है। बंदर पकड़ो अभियान अगर शहर में बंद है तो इसकी स्टाफ से जानकारी लेकर इस पर काम शुरू कराया जाएगा।
-राजेश कुमार, सीएसआई, नगर परिषद
फोटो 15
बंदरों के काटने से घायल महिला शकुंतला अस्पताल में उपचाराधीन। संवाद
फोटो 16
शहर में घूमते बंदर। संवाद
फोटो 17
मगन सैनी।
फोटो 18
सोनल।