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Charkhi Dadri News: स्वयंसेवकाें ने नगर में किया पथ संचलन, लोगों ने की पुष्प वर्षा
Fri, 03 Oct 2025 12:50 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Fri, 03 Oct 2025 12:50 AM IST
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पथ संचालकों पर फूल बरसाते लोग। विज्ञप्ति
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संवाद न्यूज एजेंसी
चरखी दादरी। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की ओर से संघ के 100 वर्ष पूर्ण होने पर नगर में पथ संचलन का आयोजन किया गया। इस दौरान स्वयंसेवक गणवेश में नगर के प्रमुख मार्गों से होकर गुजरे। स्वयंसेवकों ने समाज में एकता और सद्भाव का संदेश दिया।
पथ संचलन का शुभारंभ 10:30 बजे वैश्य कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय से किया गया। दिल्ली रोड, पुराना झज्जर रोड, काठमंडी, रेलवे रोड आदि मुख्य मार्गों से गुजरते हुए स्कूल में ही समापन हुआ। स्वयंसेवकों की दृढ़ चाल, अनुशासनबद्ध कदम और राष्ट्र गीतों की धुन आकर्षण का केंद्र रही।
विभिन्न आयु वर्ग के स्वयंसेवकों ने कंधे से कंधा मिलाकर संचलन में भाग लिया। राष्ट्रहित के प्रति अपने संकल्प को प्रकट किया। नगर के विभिन्न स्थानों पर पुष्प वर्षा कर स्वागत किया गया। इस दौरान संघ की ओर से उत्सव सभा भी आयोजित की गई। इसमें मुख्य वक्ता के रूप में आरएसएस के प्रांतीय मुख्य मार्ग प्रमुख जयवीर उपस्थित रहे।
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जयवीर ने संघ की विचारधारा, राष्ट्र निर्माण में स्वयंसेवकों की भूमिका व समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ कई दशकों से सेवा, संस्कार और संगठन का कार्य कर रहा है। शिक्षा, स्वास्थ्य, ग्राम विकास, पर्यावरण संरक्षण और आपदा प्रबंधन जैसे क्षेत्रों में संघ के स्वयंसेवक सदैव सक्रिय रहते हैं।
कार्यक्रम के अध्यक्ष के रूप में प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय की प्रभारी प्रेमलता उपस्थित रहीं। उन्होंने भारतीय संस्कार, संस्कृति के उत्थान, संरक्षण के प्रति आरएसएस की भूमिका की सराहना की। सह जिला संघ चालक डॉ. यशवीर सिंह ने संघ की गतिविधियों और जिले में चल रहे सेवा कार्यों के विषय में बताया।
डॉ. यशवीर सिंह ने बताया कि पथ संचलन का उद्देश्य केवल अनुशासनबद्ध प्रदर्शन नहीं है बल्कि यह जीवंत संदेश है कि संगठित समाज ही मजबूत राष्ट्र की नींव रख सकता है।
इस अवसर पर स्वयंसेवकों ने देशभक्ति के गीत गाए। विजयदशमी उत्सव में आकर्षण का केंद्र तीन साल का सार्थक गोयल रहा।
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चरखी दादरी। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की ओर से संघ के 100 वर्ष पूर्ण होने पर नगर में पथ संचलन का आयोजन किया गया। इस दौरान स्वयंसेवक गणवेश में नगर के प्रमुख मार्गों से होकर गुजरे। स्वयंसेवकों ने समाज में एकता और सद्भाव का संदेश दिया।
पथ संचलन का शुभारंभ 10:30 बजे वैश्य कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय से किया गया। दिल्ली रोड, पुराना झज्जर रोड, काठमंडी, रेलवे रोड आदि मुख्य मार्गों से गुजरते हुए स्कूल में ही समापन हुआ। स्वयंसेवकों की दृढ़ चाल, अनुशासनबद्ध कदम और राष्ट्र गीतों की धुन आकर्षण का केंद्र रही।
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विभिन्न आयु वर्ग के स्वयंसेवकों ने कंधे से कंधा मिलाकर संचलन में भाग लिया। राष्ट्रहित के प्रति अपने संकल्प को प्रकट किया। नगर के विभिन्न स्थानों पर पुष्प वर्षा कर स्वागत किया गया। इस दौरान संघ की ओर से उत्सव सभा भी आयोजित की गई। इसमें मुख्य वक्ता के रूप में आरएसएस के प्रांतीय मुख्य मार्ग प्रमुख जयवीर उपस्थित रहे।
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जयवीर ने संघ की विचारधारा, राष्ट्र निर्माण में स्वयंसेवकों की भूमिका व समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ कई दशकों से सेवा, संस्कार और संगठन का कार्य कर रहा है। शिक्षा, स्वास्थ्य, ग्राम विकास, पर्यावरण संरक्षण और आपदा प्रबंधन जैसे क्षेत्रों में संघ के स्वयंसेवक सदैव सक्रिय रहते हैं।
कार्यक्रम के अध्यक्ष के रूप में प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय की प्रभारी प्रेमलता उपस्थित रहीं। उन्होंने भारतीय संस्कार, संस्कृति के उत्थान, संरक्षण के प्रति आरएसएस की भूमिका की सराहना की। सह जिला संघ चालक डॉ. यशवीर सिंह ने संघ की गतिविधियों और जिले में चल रहे सेवा कार्यों के विषय में बताया।
डॉ. यशवीर सिंह ने बताया कि पथ संचलन का उद्देश्य केवल अनुशासनबद्ध प्रदर्शन नहीं है बल्कि यह जीवंत संदेश है कि संगठित समाज ही मजबूत राष्ट्र की नींव रख सकता है।
इस अवसर पर स्वयंसेवकों ने देशभक्ति के गीत गाए। विजयदशमी उत्सव में आकर्षण का केंद्र तीन साल का सार्थक गोयल रहा।