फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Charkhi Dadri News ›   Only 700 cards made in 25 days, how will Ayushman be 22 thousand in four days

25 दिन में बने सिर्फ 700 कार्ड, चार दिन में 22 हजार कैसे होंगे आयुष्मान

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 12 Oct 2021 12:00 AM IST
विज्ञापन
Only 700 cards made in 25 days, how will Ayushman be 22 thousand in four days
झोझूकलां सीएससी सैंटर पर आयुषमान कार्ड बनवाने पहुंची महिला । - फोटो : CharkhiDadri
चरखी दादरी। स्वास्थ्य विभाग की टीमें किस संजीदगी से काम कर रही है, इसका अंदाजा उसकी कार्यप्रणाली देखकर सहज ही लगाया जा सकता है। जिले के प्रत्येक गांव में आयुष्मान कार्ड बनाने के लिए स्वास्थ्य विभाग की एक टीम बनाई गई है, जिसमें दो सदस्य हैं। हैरानी की बात यह है कि 15 सितंबर से शुरू हुए अभियान 2.0 के तहत इन टीमों ने 25 दिनों में सिर्फ 700 कार्ड बनाए हैं। यानी की एक स्वास्थ्य कर्मी ने करीब-करीब दो दिन में मात्र एक कार्ड बनाया है। जबकि स्वास्थ्य विभाग दावा कर रहा है कि आयुष्मान योजना से लोगों को जोड़ने के लिए वे घर-घर दस्तक दे रहे हैं। ऐसे में अब सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि अभियान के बाकी बचे चार दिन में वे कैसे 22 हजार लोगों को आयुष्मान योजना का लाभ दे सकेंगे।
विज्ञापन

विभाग को जिले में 26,272 पात्रों के आयुष्मान कार्ड बनाने का लक्ष्य मिला हैै। पिछले 25 दिन में स्वास्थ्य विभाग की टीमें सूची में शामिल पात्रों में से महज 15 फीसदी यानी चार हजार लोगों को ही कवर कर पाई हैं। इनमें से करीब तीन हजार ने योजना का लाभ लेने से इनकार कर दिया। जबकि 300 को फिंगर प्रिंट और दस्तावेजों की समस्या आ रही है। अब तक विभाग की टीम की कार्ड बनाने की गति बेहद धीमी है। इसके दो कारण सामने आए हैं। एक तरफ विभागीय टीम जहां गंभीरता से काम नहीं कर रही है तो दूसरी ओर पात्र भी आयुष्मान कार्ड बनवाने में कम रुचि ले रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग के एक कर्मचारी के अनुसार पात्र लोगों का जवाब मिल रहा है कि जब जरूरत होगी तो आयुष्मान कार्ड अपने आप बनवा लेंगे। ऐसे में टीम यहां से लौट रही है जबकि उन्हें समझाकर वहीं प्रक्रिया पूरी की जाए तो मुहिम के तहत बनने वाले आयुष्मान कार्ड का ग्राफ काफी ऊपर जा सकता है। विशेष मुहिम के तहत विभाग को 31 दिन के अंदर 26272 पात्रों के आयुष्मान कार्ड बनाने का लक्ष्य मिला था। अब विभाग के पास चार दिन बचे हैं और इस समयावधि में 22,272 लाभार्थियों के आयुष्मान कार्ड बनाए जाने हैं। योजना से आमजन भी जुड़ना चाहते है मगर विभागीय तालमेल की कमी कहें या अन्य कारण, अधिकतर पात्र लोग अभी तक लाभ से वंचित है।
विज्ञापन

3300 लोगों के कार्ड न बन पाने का ये है कारण
स्वास्थ्य विभाग के टीमों को 3300 ऐसे केस मिले हैं जिनके गोल्डन कार्ड नहीं बनेगा। इनमें से करीब 900 की मौत हो चुकी है जबकि 950 लोगों ने नौकरी का हवाला देकर कार्ड बनवाने से इनकार कर दिया है। 1150 केस ऐसे हैं जो अब गांव के पते पर नहीं रह रहे हैं। वहीं, करीब 300 केस ऐसे हैं जिनमें फिंगर प्रिंट मैच नहीं खा रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन

कुल 69 फीसदी लक्ष्य किया हासिल
आयुष्मान योजना के तहत जिले ने अब तक 69 फीसदी लक्ष्य हासिल किया है। जिले में 78151 पात्रों के गोल्डन कार्ड बनाए जाने हैं। 15 सितंबर को दूसरे चरण की शुरूआत होने से पहले विभाग जिले में 51,879 लाभार्थियों को कवर कर चुका था। अभियान के 25 दिन बाद 10 अक्तूबर के आंकड़ों पर गौर करें तो 52,600 पात्रों के कार्ड बन चुके हैं। मुहिम के तहत पात्रों को कवर करने का कार्य शुरूआत से ही धीमा चल रहा है। विभागीय सूत्रों के अनुसार कॉमन सर्विस सेंटर संचालक भी इसमें दिलचस्पी नहीं ले रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग की टीमों की लचर कार्यप्रणाली से सरकार की महत्वाकांक्षी आयुष्मान योजना का ज्यादा पात्र लोग लाभ नहीं उठा पाए हैं।
जिले में पात्र ले चुके अब तक 1.80 करोड़ का निशुल्क उपचार
आयुष्मान कार्ड बनवाने वाले पात्र योजना का लाभ भी उठा रहे हैं। इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि पिछले तीन साल में 2050 लोग पैनल में शामिल अस्पतालों में जाकर एक करोड़ 80 लाख रुपये का उपचार ले चुके हैं। इनकी उपचार राशि निजी अस्पतालों को सरकार की तरफ से भरी जानी है। फिलहाल स्वास्तिक पॉयजन केयर, कृष्ण आई अस्पताल, जयहिंद अस्पताल, प्रधान अस्पताल, लाइफ केयर अस्पताल, गीतांजलि आई अस्पताल पैनल में शामिल हैं। आयुष्मान कार्ड बनवा चुके पात्र यहां जाकर पांच लाख रुपये तक का निशुल्क उपचार ले सकते हैं।

हमारी टीमें घर-घर जाकर पात्रों को आयुष्मान कार्ड बनवाने के लिए प्रेरित कर रही हैं। ज्यादातर पात्रों का कहना है कि जब जरूरत होगी तो स्वयं आकर कार्ड बनवा लेंगे। फिर भी हम प्रयास कर रहे है कि ज्यादा से ज्यादा पात्रों को विशेष मुहिम के तहत कवर किया जा सके।
-सतीश कुमार, डीआईएम, आयुष्मान योजना
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed