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Charkhi Dadri News: दादरी सिविल अस्पताल में बैठ मेडिकल बोर्ड में नहीं सभी विशेषज्ञ

Tue, 18 Jul 2023 12:23 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी Updated Tue, 18 Jul 2023 12:23 AM IST
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Not all experts in the medical board sitting in Dadri Civil Hospital
सिविल अस्पताल के पुराने भवन में दिव्यांगों के मेडिकल बनाने के लिए बैठा बोर्ड।
चरखी दादरी। स्वास्थ्य विभाग ने दादरी सिविल अस्पताल में दिव्यांगों को डेढ़ साल पहले मेडिकल बोर्ड की सुविधा तो दे दी, लेकिन बोर्ड में पर्याप्त विशेषज्ञ तैनात नहीं किए हैं। इसका खामियाजा दिव्यांगता प्रमाणपत्र बनवाने पहुंच रहे जिले के दिव्यांगों को भुगतना पड़ रहा है। लंबा समय बीतने के बाद भी विशेषज्ञों की कमी दूर नहीं हो पाई और कुछ विशेषज्ञों की राय के लिए दिव्यांगों को भिवानी सिविल अस्पताल और रोहतक पीजीआई के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। यह भागदौड़ दिव्यांग के साथ उसके तीमारदारों के लिए काफी चुनौतीपूर्ण है।
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दरअसल दादरी सिविल अस्पताल में पहले दिव्यांगों के लिए मेडिकल बोर्ड की सुविधा नहीं थी और इसके चलते उन्हें दिव्यांगता का प्रमाण पत्र बनवाने के लिए भिवानी जाना पड़ता था। दिव्यांगों की मांग पर सरकार और स्वास्थ्य विभाग ने दादरी के जिला बनने के चार साल बाद दिव्यांग बोर्ड की सुविधा शुरू की थी। सोमवार की इसी की पड़ताल में सामने आया कि सुविधा शुरू होने के बाद से जून तक 4900 दिव्यांग मेडिकल बोर्ड के पास पहुंचे हैं। यहां मौजूद विशेषज्ञों की राय सामने आने के बाद इनमें से 1800 दिव्यांगों को अन्य विशेषज्ञों की राय लेने के लिए दूसरे जिलों में स्थित अस्पतालों की खाक छाननी पड़ी है। इससे सहज अंदाजा लगाया जा सकता है कि कुछ विशेषज्ञों की तैनाती न होने से दिव्यांगों के साथ उनके तीमारदारों को भी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में विभाग को अविलंब जिले में गठित दिव्यांगता मेडिकल बोर्ड में जल्द से जल्द विशेषज्ञों की कमी दूर करनी चाहिए। संवाद
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- बोर्ड में चाहिए ये विशेषज्ञ
दिव्यांगों का मेडिकल करने के लिए हड्डी रोग, ईएनटी, चर्म रोग, गाइनी, बालरोग, नेफ्रो या न्यूरो सर्जन, फिजिशियन, सर्जन व मनोवैज्ञानिक आदि विशेषज्ञों की जरूरत होती है। दादरी जिले की बात करें तो फिजिशियन, सर्जन, न्यूरो या नेफ्रो सर्जन और मनोवैज्ञानिक की तैनाती नहीं है। इनकी राय लेने के लिए ही दिव्यांग दूसरे जिलों में जाने को विवश हैं।
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- प्रत्येक दिन आते हैं 200 दिव्यांग, अब 5 दिन मिल रही सुविधा
सिविल अस्पताल के पुराने भवन में दिव्यांगों के मेडिकल करने के लिए बोर्ड बैठ रहा है। पहले सप्ताह में एक दिन यह सुविधा थी, जिसे बाद में दो दिन और अब पांच दिन किया गया है। प्रतिदिन मेडिकल बनवाने के लिए कैंप मेंक करीब 200 दिव्यांग पहुंचते हैं। इनमें से करीब 40 से अधिक दिव्यांग प्रतिदिन दूसरे जिलों में रेफर किए जाते हैं।


कुछ विशेषज्ञों की कमी बनी है और इसके चलते मजबूरीवश दिव्यांगों को दूसरे जिले में रेफर करना पड़ रहा है। अब दिव्यांगता मेडिकल बोर्ड सप्ताह में 5 दिन सिविल अस्पताल में बैठ रहा है जबकि पहले ये सुविधा दो दिन थी।
-डॉ. नरेंद्र, डिप्टी सीएमओ एवं नोडल अधिकारी
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