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विडंबना : 12 आंगनबाड़ी केंद्रों के आंगन में नहीं शौचालय

Thu, 08 Feb 2024 03:05 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी Updated Thu, 08 Feb 2024 03:05 AM IST
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No toilets in the courtyard of 12 Anganwadi centers
रामपुरा गांव में बीसी चौपाल में चल रहा आंगनबाड़ी केंद्र। 
चरखी दादरी। सरकार प्रदेश के सभी जिलों में खोले गए आंगनबाड़ी केंद्रों को प्ले स्कूल बना रही है। दूसरी तरफ दादरी जिले के 12 आंगनबाड़ी केंद्रों के आंगन में शौचालय ही नहीं हैं। इस कारण यहां आने वाले तीन से छह साल तक के बच्चों को मूलभूत सुविधाओं से वंचित होना पड़ रहा है। महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से जिला परिषद को इसके लिए मांग दी जा चुकी है। सीडीपीओ गीता सहारण का दावा है कि इन 12 आंगनबाड़ी केंद्रों में शौचालय सुविधा जल्द मुहैया करवा दी जाएगी।
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दादरी जिले में कुल 634 आंगनबाड़ी केंद्र हैं। एक आंगनबाड़ी केंद्र में 20 से 30 विद्यार्थी पढ़ते हैं। सरकार जिले के 124 आंगनबाड़ी केंद्र को अपग्रेड कर प्ले स्कूल का दर्जा दे चुकी है। अब 116 और आंगनबाड़ी केंद्रों को प्ले स्कूल में तबदील करने की योजना है। आंगनबाड़ी केंद्र के मुकाबले प्ले स्कूल में सुविधाओं का दायरा ज्यादा है। अगर इन 116 आंगनबाड़ी केंद्रों को भी अपग्रेड कर दिया जाता है तो फिर जिले में 240 प्ले स्कूल हो जाएंगे और 394 आंगनबाड़ी केंद्र बचेंगे।
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शौचालय से वंचित 12 आंगनबाड़ी केंद्रों में से 95 प्रतिशत का खुद का भवन ही नहीं है। ये आंगनबाड़ी केंद्र वृद्धाश्रम, निजी जगह, बीसी चौपाल, सामुदायिक केंद्र और धर्मशाला में चल रहे हैं। इसलिए वहां शौचालय की सुविधा नहीं है। इस कारण करीब 350 विद्यार्थियों को परेशानियों से जूझना पड़ रहा है। सूत्रों के अनुसार इन आंगनबाड़ी केंद्रों की सूची महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से मुख्यालय और जिला परिषद और जिला प्रशासन के पास भी भेजी जा चुकी है।
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इन गांवों के आंगनबाड़ी केंद्रों में सुविधाओं का अभाव
सांजरवास, चांगरोड, दूधवा, रानीला, समसपुर, गोपालवास, रामपुरा, द्वारका, सांवड़, पैंतावास खुर्द, कलियाणा और छपार गांव में खोले गए आंगनबाड़ी केंद्रों में शौचालय की कमी है। लंबा समय बीतने के बाद भी ये कमी दूर नहीं हो पाई है।

किस गांव में कहां संचालित है आंगनबाड़ी केंद्र
गोपालवास, चांगरोड और दूधवा गांव में वृद्धाश्रम में आंगनबाड़ी केंद्र संचालित है। रानीला में निजी जगह पर, समसपुर में सामुदायिक केंद्र में, रामपुरा में बीसी चौपाल में, पैंतावास खुर्द गांव में एसपी चौपाल, द्वारका और सांवड़ गांव में चौपाल में आंगनबाड़ी केंद्र संचालित है। इसी प्रकार कलियाणा में सामुदायिक केंद्र में और छपार गांव में धर्मशाला के अंदर आंगनबाड़ी केंद्र संचालित है।



जल्द ही 12 आंगनबाड़ी केंद्रों में शौचालय की कमी दूर कर दी जाएगी। बुधवार को ही जिला परिषद सीईओ के समक्ष आंगनबाड़ी केंद्रों में शौचालय की कमी बताई गई है और जल्द ही इस कमी को दूर करने का आश्वासन मिला है। - गीता सहारण, सीडीपीओ, दादरी।
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