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Charkhi Dadri News: सस्ते दाम में मोतियाबिंद से छुटकारा है पाना तो मरीज का तय है भिवानी जाना

Thu, 12 Jun 2025 12:59 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी Updated Thu, 12 Jun 2025 12:59 AM IST
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no fecility to operate motiyabind in civil hospital
फोटो 03
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चरखी दादरी नागरिक अस्पताल में उपचार के लिए पहुंचे मरीज। संवाद
प्रस्तावित हेडिंग-2
दादरी में सुविधा नहीं...भिवानी जाओगे तो ही मोतियाबिंद से निजात पाओगे

सब हेडिंग
- दादरी नागरिक अस्पताल में नहीं होते हैं मोतियाबिंद के ऑपरेशन, सप्ताह में दो दिन भिवानी भेजे जाते हैं मरीज

क्रॉसर
- आयुष्मयान योजना के तहत पहले शहर के तीन निजी अस्पतालों में हो जाते थे ऑपरेशन, मरीजों को अब ये सहारा भी नहीं
संवाद न्यूज एजेंसी
चरखी दादरी। मोतियाबिंद का अगर मरीज को सस्ते दाम में उपचार कराना है तो उसे भिवानी आने-जाने में 60 किलोमीटर की दूरी मापनी पड़ती है। दादरी नागरिक अस्पताल में मोतियाबिंद के ऑपरेशन की सुविधा नहीं है, जबकि आयुष्मान योजना से मोतियाबिंद को बाहर कर देने से मरीजों का शहर के निजी अस्पताल में जाकर ऑपरेशन कराने का सहारा भी छिन गया है।
दादरी नागरिक अस्पताल में आंखों के उपचार की सुविधा तो शुरू है, लेकिन, संसाधनों की कमी के चलते यहां ऑपरेशन शुरू नहीं हो पा रहे हैं। मजबूरीवश मरीजों को भिवानी जालान अस्पताल रेफर करना पड़ रहा है। हालांकि, एक सप्ताह पहले की बात करें तो मोतियाबिंद के ऑपरेशन शहर के निजी अस्पतालों में आयुष्मान कार्डधारक करवा लेते थे, लेकिन, अब सरकार ने पांच बीमारियों को आयुष्मान योजना से बाहर कर दिया है। इनमें मोतियाबिंद भी शामिल है।
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दरअसल, नेत्र विशेषज्ञ की तैनाती होने के बाद दादरी नागरिक अस्पताल के एकमात्र ऑपरेशन थिएटर में हड्डियों के साथ मोतियाबिंद के ऑपरेशन भी शुरू किए गए थे। एक ऑपरेशन होने के बाद माइक्रोस्कोप में खराबी आ गई। उसके बाद सेवा फिर से बंद हो गई। इसके बाद तकनीकी खराबी दूर करवाकर दोबारा ऑपरेशन शुरू किए गए, लेकिन, फिर से तकनीकी खराबी के कारण ऑपरेशन सुविधा बंद हो गई। इसके बाद से ही मरीजों को भिवानी रेफर किया जा रहा है।
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- यूएसबी मशीन आने का इंतजार
डिप्टी सीएमओ डॉ. राहुल अरोड़ा ने बताया कि यूएसबी मशीन की कमी के चलते दादरी नागरिक अस्पताल में मोतियाबिंद ऑपरेशन शुरू नहीं हो पा रहे। जल्द ही यह मशीन पहुंच जाएंगी और इसके तुरंत बाद दादरी नागरिक अस्पताल में सुविधा शुरू कर दी जाएगी।
- सोमवार और शुक्रवार को भेजे जाते हैं मरीज
डॉ. राहुल अरोड़ा ने बताया कि फिलहाल दादरी से ऑपरेशन के लिए मरीज भिवानी भेजे जा रहे हैं। वहां प्रत्येक सोमवार और शुक्रवार को वे अपने ऑपरेशन करवा सकते हैं। वहीं, स्वास्थ्य विभाग की वैकल्पिक व्यवस्था के तहत सस्ते दाम पर ऑपरेशन कराने के लिए मरीजों व तीमारदारों को 60 किलोमीटर से अधिक की दूरी तय करनी पड़ रही है।

- आयुष्मान के तहत निजी अस्पतालों में होते थे हर माह 200 ऑपरेशन
आयुष्मान योजना से मोतियाबिंद को बाहर करने से पहले की स्थिति देखें तो शहर के चार अस्पतालों में हर माह मोतियाबिंद के करीब 200 ऑपरेशन होते हैं। अब ऐसे मरीज अगर नागरिक अस्पताल आते हैं तो उन्हें भिवानी रेफर किया जाता है। वहीं, प्राइवेट अस्पताल में आंखों के ऑपरेशन की फीस सामान्यत: 10 से 30 हजार के बीच है। ऐसे में आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों के पास भिवानी की भाग-दौड़ के अलावा दूसरा विकल्प नहीं है।

- मरीज बोले- जिलास्तरीय तमाम स्वास्थ्य सेवाओं का दादरी में मिले लाभ
नागरिक अस्पताल पहुंचे मरीज सतीश, प्रमोद, सुहानी, मनीषा, मोनिका, दीपिका और काजल का कहना है कि दादरी नागरिक अस्पताल में तमाम जिलास्तरीय स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है। इसके चलते मरीजों को दूसरे जिलों की भाग-दौड़ करनी पड़ रही है। अब आलम यह है कि सामान्य ऑपरेशन के लिए भी भिवानी या रोहतक पीजीआई जाना पड़ता है। सरकार व विभाग को दादरी में ही तमाम जिलास्तरीय स्वास्थ्य सेवाएं शुरू करनी चाहिए।


वर्सन
दादरी नागरिक अस्पताल में जल्द ही मोतियाबिंद ऑपरेशन की सुविधा शुरू कर दी जाएगी। यूएसबी मशीन मिलते ही ऑपरेशन सुविधा शुरू कर दी जाएगी। इसके बाद मरीजों को भिवानी जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
-डॉ. राहुल अरोड़ा, डिप्टी सीएमओ, दादरी स्वास्थ्य विभाग
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