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खातीवास गांव के नसीब कुमार फौगाट बने एचसीएस
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नसीब कुमार ।
- फोटो : CharkhiDadri
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गांव खातीवास निवासी किसान राजवीर सिंह के पुत्र नसीब कुमार फौगाट का हरियाणा सिविल सर्विसेज (एचसीएस) में चयन हुआ है। नसीब साधारण किसान परिवार से हैं।
चरखी दादरी के सरकारी स्कूल से पढ़ाई के बाद उन्होंने पंजाब विश्वविद्यालय के कानून विभाग से 75 फीसदी अंकों के साथ एलएलबी की डिग्री हासिल की। भारतीय सेना में भी उन्होंने अपनी सेवाएं दीं। अंग्रेजी व राजनीतिक विज्ञान से परास्नातक करने के बाद हरियाणा पब्लिक सर्विस कमीशन के तहत 2017 में असिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर उनका चयन हुआ था। इस परीक्षा में भी वह टाप-10 में रहे। नसीब कुमार ने बताया कि परिवार और मित्रों के सहयोग एवं कड़ी मेहनत से उन्होंने यह मुकाम हासिल किया है। नसीब कुमार ने बताया कि ऐसी परीक्षाओं के लिए लगातार पूरी लगन के साथ तैयारी की जरूरत होती है। नसीब कुमार ने बताया कि उन्हें सबसे अधिक प्रेरणा दादा मास्टर राजाराम से मिली। उन्होंने अपने दादा से मिले संस्कारों के कारण ही आज यह मंजिल पाई है। उन्होंने कहा कि पिता राजबीर सिंह, माता कमला देवी, भाई अशोक, भाभी सुनीता देवी व पत्नी बबीता ने हमेशा उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। उनके एचसीएस बनने पर गांव में खुशी का माहौल है। मास्टर राजेंद्र, सुरेंद्र शास्त्री, ओमबीर लांबा, कमल सिंह, डॉ. दलीप सांगवान व एडवोकेट भीम सिंह सांगवान आदि गणमान्य व्यक्तियों ने नसीब को बधाई दी है।
पहले ही प्रयास में पाई सफलता
गांव खातीवास निवासी चयनित एचसीएस नसीब ने पहली बार ही एचसीएस की परीक्षा में सफलता प्राप्त की है। वह इससे पूर्व 15 साल इंटेलिजेंस ब्यूरो में सरकारी सेवा कर चुके हैं। इंटेलिजेंस ब्यूरो से रिटायर होने के बाद उन्होंने एलएलबी की पढ़ाई की। इस समय वे अंबाला स्थित कॉलेज में एस्सिटेंट प्रोफेसर के पद पर कार्यरत है। नसीब नेे यूजीसी की परीक्षा नेट और जेआरएफ परीक्षा भी उत्तीर्ण कर रखी है।
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चरखी दादरी के सरकारी स्कूल से पढ़ाई के बाद उन्होंने पंजाब विश्वविद्यालय के कानून विभाग से 75 फीसदी अंकों के साथ एलएलबी की डिग्री हासिल की। भारतीय सेना में भी उन्होंने अपनी सेवाएं दीं। अंग्रेजी व राजनीतिक विज्ञान से परास्नातक करने के बाद हरियाणा पब्लिक सर्विस कमीशन के तहत 2017 में असिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर उनका चयन हुआ था। इस परीक्षा में भी वह टाप-10 में रहे। नसीब कुमार ने बताया कि परिवार और मित्रों के सहयोग एवं कड़ी मेहनत से उन्होंने यह मुकाम हासिल किया है। नसीब कुमार ने बताया कि ऐसी परीक्षाओं के लिए लगातार पूरी लगन के साथ तैयारी की जरूरत होती है। नसीब कुमार ने बताया कि उन्हें सबसे अधिक प्रेरणा दादा मास्टर राजाराम से मिली। उन्होंने अपने दादा से मिले संस्कारों के कारण ही आज यह मंजिल पाई है। उन्होंने कहा कि पिता राजबीर सिंह, माता कमला देवी, भाई अशोक, भाभी सुनीता देवी व पत्नी बबीता ने हमेशा उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। उनके एचसीएस बनने पर गांव में खुशी का माहौल है। मास्टर राजेंद्र, सुरेंद्र शास्त्री, ओमबीर लांबा, कमल सिंह, डॉ. दलीप सांगवान व एडवोकेट भीम सिंह सांगवान आदि गणमान्य व्यक्तियों ने नसीब को बधाई दी है।
पहले ही प्रयास में पाई सफलता
गांव खातीवास निवासी चयनित एचसीएस नसीब ने पहली बार ही एचसीएस की परीक्षा में सफलता प्राप्त की है। वह इससे पूर्व 15 साल इंटेलिजेंस ब्यूरो में सरकारी सेवा कर चुके हैं। इंटेलिजेंस ब्यूरो से रिटायर होने के बाद उन्होंने एलएलबी की पढ़ाई की। इस समय वे अंबाला स्थित कॉलेज में एस्सिटेंट प्रोफेसर के पद पर कार्यरत है। नसीब नेे यूजीसी की परीक्षा नेट और जेआरएफ परीक्षा भी उत्तीर्ण कर रखी है।
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