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लॉकडाउन की आशंका, पांच दिन में 500 से अधिक प्रवासी श्रमिकों ने किया पलायन

Sat, 10 Apr 2021 12:01 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Sat, 10 Apr 2021 12:01 AM IST
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More than 500 migrant workers flee in five days, fearing lockdown
बस में सवार होते प्रवासी श्रमिक। - फोटो : CharkhiDadri
कोरोना संक्रमण तेजी से बढ़ने के चलते कई राज्यों में रात्रि कर्फ्यू और लॉकडाउन लगा दिया गया है। इसे देखते हुए काम के सिलसिले में दादरी पहुंचे श्रमिकों ने फिर से पलायन शुरू कर दिया है। पांच दिनों से श्रमिकों के पलायन का दौर जारी है और प्रतिदिन 90 से 100 श्रमिक घर वापसी कर रहे हैं। कुछ श्रमिक तो ऐसे हैं, जो करीब एक माह पहले ही आए थे और अब वे बिना कमाई किए ही घर लौट रहे हैं। फिलहाल ज्यादातर बिहार और उत्तर-प्रदेश के श्रमिक जिला छोड़कर जा रहे हैं।
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जिले में तीन माह में 15 हजार से अधिक श्रमिकों ने वापसी की थी। ये श्रमिक ईंट भट्ठों, क्रशरों और खेतों में फसल कटाई और कढ़ाई के लिए दादरी आए थे। श्रमिकों को अब लॉकडाउन लगने की आशंका है और इसके चलते वे घरों को वापसी करने लगे हैं। श्रमिकों का कहना है कि अगर लॉकडाउन लग गया तो वे जिले में ही फंस जाएंगे। इससे बेहतर है कि वे समय रहते अपने घर लौट जाएं और वहां जाकर कोई और काम ढूंढ लें। श्रमिकों का कहना है कि घर पहुंचने के बाद वो लॉकडाउन में परिवार के साथ तो रह सकेंगे।
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ज्यादातर श्रमिक बिहार और यूपी से
रोडवेज अधिकारियों के अनुसार पांच दिन से प्रवासी श्रमिक जिला छोड़कर घर वापसी कर रहे हैं। हर रोज करीब 100 श्रमिक रोडवेज बसों के जरिये रोहतक और दिल्ली जा रहे हैं। वहां से ये श्रमिक ट्रेन पकड़कर अपने घर लौट रहे हैं। जिला से पलायन करने वाले श्रमिकों में से ज्यादातर बिहार और उत्तर-प्रदेश के हैं।
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- पहले लॉकडाउन में प्रशासन ने करवाई थी 35 हजार श्रमिकों की घर वापसी
मार्च 2020 में लगे लॉकडाउन के दौरान दादरी जिले में 35 हजार से अधिक प्रवासी श्रमिक फंस गए थे। जिला प्रशासन ने उस समय अपनी जिम्मेदारी को बखूबी निभाते हुए 35 हजार रमिकों को घर वासपी करवाई। इन श्रमिकों को बसों और स्पेशल ट्रेनों के जरिये उनके शहर और गांव तक छुड़वाया गया।
श्रमिक बोले- बढ़ रहा संक्रमण, लॉकडाउन लगने से पहले घर पहुंचना बेहतर
- कोरोना के मामले लगातार बढ़ रहे हैं और हमारे सुनने में आया है कि फिर से लॉकडाउन लागू होगा। इसके चलते हम वापस अपने गांव लौट रहे हैं। दादरी में दो माह पहले काम की तलाश में आए थे।
मोहम्मद तौसीन, बिहार
- हम करीब डेढ़ माह पहले दादरी जिले में काम की तलाश में आए थे। हमें खेतों में फसल कटाई का काम भी मिल गया। अब कभी भी लॉकडाउन लग सकता है और इसलिए हम समय रहते घर वापसी कर रहे हैं।
तंजीर, बिहार
- हम नौ लोग फरवरी में दादरी आए थे। पहले क्रशर और फिर खेत में काम मिल गया। अब लॉकडाउन लगने की आशंका है और इसके कारण हम बिहार वापसी कर रहे हैं। पिछली दफा कई दिन तक जिले में ही फंसे रहे थे।

रमजीन, बिहार
- कभी भी लॉकडाउन लग सकता है और इसके कारण हम दादरी जिले में ही फंस जाएंगे। समय रहते हम घर वापसी कर रहे हैं। दादरी से हम रोहतक जाएंगे और वहां से ट्रेन पकड़कर घर वापसी करेंगे।
बबलू, बिहार
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