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मानसून सीजन: आठ ड्रेनों की मनरेगा स्कीम के तहत हो रही सफाई
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ड्रेन की सफाई करती पोकलैंड।
- फोटो : CharkhiDadri
चरखी दादरी। मानसून सीजन को लेकर सिंचाई विभाग भी तैयारियों में जुट गया है। विभाग जिले की आठ ड्रेनों की सफाई करवा रहा है, ताकि इनके जरिये पानी की निर्बाध निकासी हो सके। कई बार ज्यादा बारिश होने पर नदियां एवं नहरें उफान पर होती हैं, जिससे ओवरफ्लो होने पर आबाद एरिया में जलभराव की समस्या बन जाती है।
विभाग की योजना है कि नहर ओवरफ्लो होने की स्थिति में जिले में पांच एकड़ जमीन में बने रिजर्व टैंक में पानी को उतारा जाएगा ताकि आसपास के गांवों व खेतों में जलभराव न होने पाए। आठ ड्रेनों की सफाई का काम मनरेगा स्कीम के किया जा रहा है। शेष ड्रेनों की काम विभाग की ओर से करवाया जाएगा। जिले में 65 से ज्यादा नहरें, माइनर व सब माइनर हैं। मानसून सीजन में इन सभी नहरों, माइनर व सब माइनरों में पानी छोड़ा जाता है ताकि पानी का समायोजन होता रहे। बारिश सीजन में किसानों को भी खरीफ की फसलों की सिंचाई के लिए नहरी पानी की जरूरत नहीं होती।
मानसून सीजन में जिला में कई बार नहर ओवरफ्लो होने से जलभराव की स्थिति बन जाती है। ऐसे में इस खतरे को कम करने के लिए विभाग ने अभी से इस पर होमवर्क शुरू कर दिया है। जिला की नहरों की क्षमता 1000 क्यूसिक पानी है, लेकिन विषम परिस्थितियों में पीछे से ज्यादा मात्रा मेें पानी छोडना पड़ जाता है। जिले में मेन लोहारू कैनाल, लोहारू फीडर के अलावा बधवाना डिस्ट्रीब्यूटरी, मैहड़ा डिस्ट्रीब्यूटरी, कितलाना डिस्ट्रीब्यूटरी सहित माइनर व सब माइनर हैं।
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रिजर्व टैंक इस समय 30 फीसदी भरा
सिंचाई विभाग का लोहारू कैनाल पर गांव रावलधी के समीप पांच एकड़ में रिजर्व टैंक बना हुआ है। नहर ओवरफ्लो होने पर पानी को रिजर्व टैंक में उतारा जाता है। इस समय इस टैंक में 30 प्रतिशत पानी भरा हुआ है। इस टैंक में मछली पालन के लिए भी सरकार की ओर सेे कई बार टेंडर अलॉट कर दिए जाते हैं।
लोहारू कैनाल पर लगे हैं 32 पंप व मोटरें
लोहारू केनाल में गांव घिकाड़ा के समीप पंप हाउस में 32 मोटर एवं पंप लगे हैं जो पानी आने पर उठान करते हैं। यह सभी पंप नए एवं आधुनिक तकनीक के है। इन मोटर एवं पंप की पानी उठान की क्षमता 10 से 25 क्यूसिक प्रति मोटर तक है। ड्रेनों की सफाई का काम 25 जून तक पूरा हो जाएगा।
कुछ ड्रेनों की सफाई करवा दी गई। शेष ड्रेनों का कार्य 25 जून से पहले कर लिया जाएगा। नहर ओवरफ्लो होने पर रिजर्व टैंक में पानी उतारे जाने की व्यवस्था है। विभाग पूरी तरह से अलर्ट है।
सतेंद्र कुुमार, एक्सईएन, सिंचाई विभाग
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विभाग की योजना है कि नहर ओवरफ्लो होने की स्थिति में जिले में पांच एकड़ जमीन में बने रिजर्व टैंक में पानी को उतारा जाएगा ताकि आसपास के गांवों व खेतों में जलभराव न होने पाए। आठ ड्रेनों की सफाई का काम मनरेगा स्कीम के किया जा रहा है। शेष ड्रेनों की काम विभाग की ओर से करवाया जाएगा। जिले में 65 से ज्यादा नहरें, माइनर व सब माइनर हैं। मानसून सीजन में इन सभी नहरों, माइनर व सब माइनरों में पानी छोड़ा जाता है ताकि पानी का समायोजन होता रहे। बारिश सीजन में किसानों को भी खरीफ की फसलों की सिंचाई के लिए नहरी पानी की जरूरत नहीं होती।
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मानसून सीजन में जिला में कई बार नहर ओवरफ्लो होने से जलभराव की स्थिति बन जाती है। ऐसे में इस खतरे को कम करने के लिए विभाग ने अभी से इस पर होमवर्क शुरू कर दिया है। जिला की नहरों की क्षमता 1000 क्यूसिक पानी है, लेकिन विषम परिस्थितियों में पीछे से ज्यादा मात्रा मेें पानी छोडना पड़ जाता है। जिले में मेन लोहारू कैनाल, लोहारू फीडर के अलावा बधवाना डिस्ट्रीब्यूटरी, मैहड़ा डिस्ट्रीब्यूटरी, कितलाना डिस्ट्रीब्यूटरी सहित माइनर व सब माइनर हैं।
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रिजर्व टैंक इस समय 30 फीसदी भरा
सिंचाई विभाग का लोहारू कैनाल पर गांव रावलधी के समीप पांच एकड़ में रिजर्व टैंक बना हुआ है। नहर ओवरफ्लो होने पर पानी को रिजर्व टैंक में उतारा जाता है। इस समय इस टैंक में 30 प्रतिशत पानी भरा हुआ है। इस टैंक में मछली पालन के लिए भी सरकार की ओर सेे कई बार टेंडर अलॉट कर दिए जाते हैं।
लोहारू कैनाल पर लगे हैं 32 पंप व मोटरें
लोहारू केनाल में गांव घिकाड़ा के समीप पंप हाउस में 32 मोटर एवं पंप लगे हैं जो पानी आने पर उठान करते हैं। यह सभी पंप नए एवं आधुनिक तकनीक के है। इन मोटर एवं पंप की पानी उठान की क्षमता 10 से 25 क्यूसिक प्रति मोटर तक है। ड्रेनों की सफाई का काम 25 जून तक पूरा हो जाएगा।
कुछ ड्रेनों की सफाई करवा दी गई। शेष ड्रेनों का कार्य 25 जून से पहले कर लिया जाएगा। नहर ओवरफ्लो होने पर रिजर्व टैंक में पानी उतारे जाने की व्यवस्था है। विभाग पूरी तरह से अलर्ट है।
सतेंद्र कुुमार, एक्सईएन, सिंचाई विभाग