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Charkhi Dadri News: महावीर जयंती पर किया अखंड महामंत्र नवकार जाप
Sat, 20 Apr 2024 04:33 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Sat, 20 Apr 2024 04:33 AM IST
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चरखी दादरी में गायों को चारा देने पहुंचे जैन समाज के लोग।
चरखी दादरी। भगवान महावीर स्वामी की जयंती के उपलक्ष्य में एसएस जैन सभा की ओर से धार्मिक कार्यक्रम किए जा रहे हैं। जैन श्वेतांबर मूर्ति पूजक संघ और जैन महिला मंडल के सहयोग से तीन दिवसीय धार्मिक आयोजन शुरू हुआ।
पहले दिन नगर में पधारीं जैन साध्वी ज्योति मुक्ताश्री, मंगलश्री, मणिश्री और मैत्रीश्री के सानिध्य में 24 घंटे का अखंड महामंत्र नवकार जाप किया गया। गोशाला में जाकर गायों को हरा चारा और गुड़ खिलाया गया।
सभा के वरिष्ठ सदस्य एवं उपप्रधान अभय जैन ने बताया कि गोवंश का संरक्षण कर उसके प्रति स्नेह, सम्मान का भाव रखना प्राचीन काल से भारतीय सभ्यता और संस्कृति का अंग रहा है। गाय को भारत में कृषि, स्वास्थ्य, पवित्रता और ममतामयी प्रेम का प्रतीक माना गया है। हजारों वर्षों से गाय धर्म, संस्कृति एवं आस्था का प्रमुख केंद्र रही है।
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भगवान ने गाय को लोक कल्याण के लिए ही बनाया है। गाय सेवा और प्रेम को पहचानती है। गाय प्रेम, त्याग, करुणा, उदारता, धैर्य, गंभीरता एवं संतोष की साक्षात मूर्ति है। इस अवसर पर एसएस जैन सभा के प्रधान इंद्र जैन, जैन मंदिर के उपप्रधान सुरेंद्र मोहन जैन, अभय जैन, धीरज जैन, मुकेश जैन, टीनू जैन, मुकेश, राजीव जैन समेत कई लोगों का सहयोग रहा।
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पहले दिन नगर में पधारीं जैन साध्वी ज्योति मुक्ताश्री, मंगलश्री, मणिश्री और मैत्रीश्री के सानिध्य में 24 घंटे का अखंड महामंत्र नवकार जाप किया गया। गोशाला में जाकर गायों को हरा चारा और गुड़ खिलाया गया।
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सभा के वरिष्ठ सदस्य एवं उपप्रधान अभय जैन ने बताया कि गोवंश का संरक्षण कर उसके प्रति स्नेह, सम्मान का भाव रखना प्राचीन काल से भारतीय सभ्यता और संस्कृति का अंग रहा है। गाय को भारत में कृषि, स्वास्थ्य, पवित्रता और ममतामयी प्रेम का प्रतीक माना गया है। हजारों वर्षों से गाय धर्म, संस्कृति एवं आस्था का प्रमुख केंद्र रही है।
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भगवान ने गाय को लोक कल्याण के लिए ही बनाया है। गाय सेवा और प्रेम को पहचानती है। गाय प्रेम, त्याग, करुणा, उदारता, धैर्य, गंभीरता एवं संतोष की साक्षात मूर्ति है। इस अवसर पर एसएस जैन सभा के प्रधान इंद्र जैन, जैन मंदिर के उपप्रधान सुरेंद्र मोहन जैन, अभय जैन, धीरज जैन, मुकेश जैन, टीनू जैन, मुकेश, राजीव जैन समेत कई लोगों का सहयोग रहा।