फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Charkhi Dadri News ›   jain temple of ranila completed in 12 years

Charkhi Dadri News: 12 साल में पूरा हुआ था जैन मंदिर का निर्माण, साढ़े 34 साल से जारी है निशुल्क भोजन सेवा

Wed, 09 Apr 2025 10:56 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी Updated Wed, 09 Apr 2025 10:56 PM IST
विज्ञापन
jain temple of ranila completed in 12 years
रानीला गांव में 6 एकड़ जमीन पर बना भगवान आदिनाथ दिगंबर जैन मंदिर। संवाद
अमर उजाला खास खबर
विज्ञापन


माई सिटी टॉप बाक्स

फोटो 02
रानीला गांव में 6 एकड़ जमीन पर बना भगवान आदिनाथ दिगंबर जैन मंदिर। संवाद


-18 अक्तूबर 1991 को भगवान आदिनाथ, 24 तीर्थंकर और मां चक्रेश्वरी की 1500 साल पुरानी मूर्तियां मिलने पर रानीला को घोषित किया गया था जैन अतिशय क्षेत्र
13 एकड़ में फैला है मंदिर, 6 एकड़ में बना है मंदिर भवन
हनी सोनी
चरखी दादरी। जैन अतिशय क्षेत्र का नाम कानों में पड़ते ही जिलावासियों को गांव रानीला की याद आती है। गांव के बाहरी क्षेत्र में 13 एकड़ जमीन पर भगवान आदिनाथ दिगंबर जैन मंदिर बनाया गया है। 6 एकड़ में मंदिर बना है। सात एकड़ में धर्मशाला, भोजनालय और अन्य प्रबंध किए गए हैं। खास बात यह है कि मंदिर का निर्माण पूरा होने में 12 साल लग गए। पिछले साढ़े 34 साल से यहां निशुल्क भोजनालय चल रहा है।
दरअसल, 18 अक्तूबर 1991 को रानीला निवासी किसान को खेत की खोदाई के दौरान भगवान आदिनाथ, 24वें तीर्थंकर और मां चक्रेश्वरी की मूर्तियां मिली थीं। ये मूर्तियां करीब 1500 साल पुरानी थीं। इसके बाद इस क्षेत्र को जैन अतिशय क्षेत्र घोषित किया गया था। मूर्तियां मिलने के बाद ही मंदिर का निर्माण शुरू करवा दिया गया था। 12 साल में मंदिर बनकर तैयार हुआ। पूरा मंदिर चंदा राशि से बना है।
विज्ञापन

श्री 1008 भगवान आदिनाथ दिगंबर जैन चैरिटेबल ट्रस्ट मंदिर की देखरेख करता है। विजय जैन ट्रस्ट के चेयरमैन हैं। नवहिंद जैन सचिव, राजीव जैन प्रेस प्रवक्ता, तिलक जैन प्रबंधन समिति के अध्यक्ष, अरुण जैन प्रबंधन समिति के सचिव व मंदिर ट्रस्टी हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

ट्रस्ट के पदाधिकारियों की मानें तो यहां साल में दो बड़े आयोजन होते हैं। इनमें पांच से छह प्रदेशों के लोग भाग लेते हैं। एक बड़ा आयोजन भगवान आदिनाथ के जन्मोत्सव पर मार्च के अंत या अप्रैल की शुरुआत में होता है। दूसरा बड़ा आयोजन 2 अक्तूबर को होता है। दोनों आयोजनों में करीब आठ हजार से अधिक लोग पहुंचते हैं। संवाद

- मूर्तियां मिलने से पहले खारा था पानी, खेती लायक नहीं थी जमीन
मंदिर ट्रस्टी अरुण जैन ने बताया कि मूर्तियां मिलने से पहले यहां का पानी खारा होता था। जमीन भी खेती लायक नहीं थी। मूर्तियां निकलने और मंदिर निर्माण शुरू होने के बाद जमीन का पानी मीठा हो गया जबकि खेत भी फसलों से लहलहा गए।
- बहरे सुनने और गूंगे बोलने लगे
मंदिर ट्रस्टी अरुण जैन ने बताया कि यहां सच्चे दिल से मांगी हर मन्नत पूरी होती है। कई ऐसे मामले हैं, जिनमें बहरा व्यक्ति सुनने लगा और जो बोल नहीं पा रहा था उसकी आवाज आ गई। यहां हरियाणा व मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री समेत कई दिग्गज नेता आते हैं।


- रानीला गांव के लोग भी आते हैं मंदिर
रानीला मंदिर में जैन समाज के अलावा अन्य समुदायों के लोग भी आते हैं। मंदिर ट्रस्ट के पदाधिकारियों ने बताया कि रानीला व समीपवर्ती गांवों के लोगों की जैन मंदिर में काफी आस्था है। कोई भी शुभ कार्य करने से पहले लोग मंदिर परिसर में आते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed