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Charkhi Dadri News: जैन समाज ने मनाया भगवान पार्श्वनाथ जन्म और दीक्षा कल्याणक महोत्सव
Mon, 30 Dec 2024 11:14 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Mon, 30 Dec 2024 11:14 PM IST
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शहर स्थित जैन मंदिर में आयोजित कार्यक्रम में मौजूद जैन समाज के गण्यमान्य लोग। स्रोत: आयोजक
जैन मंदिर में आयोजित कार्यक्रम में समाज के लोगों ने विभिन्न गतिविधियों में की सहभागिता
संवाद न्यूज एजेंसी
चरखी दादरी। जैन मंदिर में भगवान पार्श्वनाथ जन्म एवं दीक्षा कल्याणक महोत्सव मनाया गया। इसके तहत जैन समाज के लोगों ने महामंत्र नवकार जाप और अष्ट प्रकारी महास्नान पूजा की। आयोजन में मौजूद सभी ने सत्य और अहिंसा के मार्ग पर चलकर मोक्ष का मार्ग प्रशस्त करने का संकल्प लिया।
श्री जैन श्वेतांबर मूर्ति पूजक संघ के प्रधान सुरेंद्र मोहन जैन ने बताया कि भगवान श्री पार्श्वनाथ जैन धर्म के 23वें तीर्थंकर थे। वह करुणा, त्याग और अहिंसा के प्रतीक हैं। भगवान पार्श्वनाथ का जन्म वाराणसी में हुआ था। उनके जन्म से ही उनकी दिव्यता प्रकट हो गई थी। उनकी तपस्या, ध्यान और उपदेशों ने असंख्य जीवों को मोक्ष मार्ग पर अग्रसर किया। उन्होंने चार मूल सिद्धांतों सत्य, अहिंसा, अपरिग्रह व अचौर्य का प्रतिपादन किया।
भगवान पार्श्वनाथ का जीवन हमें सिखाता है कि हर परिस्थिति में सत्य और धर्म के मार्ग पर चलना चाहिए। उनके जन्मकल्याणक के शुभ अवसर पर हमें यह प्रण लेना चाहिए कि हम उनके दिखाए मार्ग का अनुसरण करेंगे और अपने जीवन को भी धर्ममय बनाएंगे। कैशियर अतुल जैन ने खीर के प्रसाद का भोग लगाया।
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मोतीलाल जैन व रामगोपाल शर्मा ने प्रभावना वितरित की। महाआरती का लाभ नवनीत जैन परिवार ने लिया। समाज के सभी लोगों के सहयोग से स्वामी वात्सल्य सामूहिक भोज का आयोजन भी किया गया। एसएस जैन सभा प्रधान इंद्र जैन व महिला मंडल का भी आयोजन में सहयोग रहा।
कार्यक्रम में संरक्षक आईसी जैन, रणजीत जैन, मुकेश ओसवाल, मुकेश , अरुण, लक्की, संजय, संदीप, विनोद जैन व पिंकी जैन आदि भी मौजूद रहीं।
फोटो 10
शहर स्थित जैन मंदिर में आयोजित कार्यक्रम में मौजूद जैन समाज के गणमान्य लोग। स्रोत : आयोजक
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संवाद न्यूज एजेंसी
चरखी दादरी। जैन मंदिर में भगवान पार्श्वनाथ जन्म एवं दीक्षा कल्याणक महोत्सव मनाया गया। इसके तहत जैन समाज के लोगों ने महामंत्र नवकार जाप और अष्ट प्रकारी महास्नान पूजा की। आयोजन में मौजूद सभी ने सत्य और अहिंसा के मार्ग पर चलकर मोक्ष का मार्ग प्रशस्त करने का संकल्प लिया।
श्री जैन श्वेतांबर मूर्ति पूजक संघ के प्रधान सुरेंद्र मोहन जैन ने बताया कि भगवान श्री पार्श्वनाथ जैन धर्म के 23वें तीर्थंकर थे। वह करुणा, त्याग और अहिंसा के प्रतीक हैं। भगवान पार्श्वनाथ का जन्म वाराणसी में हुआ था। उनके जन्म से ही उनकी दिव्यता प्रकट हो गई थी। उनकी तपस्या, ध्यान और उपदेशों ने असंख्य जीवों को मोक्ष मार्ग पर अग्रसर किया। उन्होंने चार मूल सिद्धांतों सत्य, अहिंसा, अपरिग्रह व अचौर्य का प्रतिपादन किया।
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भगवान पार्श्वनाथ का जीवन हमें सिखाता है कि हर परिस्थिति में सत्य और धर्म के मार्ग पर चलना चाहिए। उनके जन्मकल्याणक के शुभ अवसर पर हमें यह प्रण लेना चाहिए कि हम उनके दिखाए मार्ग का अनुसरण करेंगे और अपने जीवन को भी धर्ममय बनाएंगे। कैशियर अतुल जैन ने खीर के प्रसाद का भोग लगाया।
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मोतीलाल जैन व रामगोपाल शर्मा ने प्रभावना वितरित की। महाआरती का लाभ नवनीत जैन परिवार ने लिया। समाज के सभी लोगों के सहयोग से स्वामी वात्सल्य सामूहिक भोज का आयोजन भी किया गया। एसएस जैन सभा प्रधान इंद्र जैन व महिला मंडल का भी आयोजन में सहयोग रहा।
कार्यक्रम में संरक्षक आईसी जैन, रणजीत जैन, मुकेश ओसवाल, मुकेश , अरुण, लक्की, संजय, संदीप, विनोद जैन व पिंकी जैन आदि भी मौजूद रहीं।
फोटो 10
शहर स्थित जैन मंदिर में आयोजित कार्यक्रम में मौजूद जैन समाज के गणमान्य लोग। स्रोत : आयोजक