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Charkhi Dadri News: 8 साल बाद भी नहीं बनी आईसीयू, स्वास्थ्य सेवाएं वेंटिलेटर पर

Sun, 10 Nov 2024 02:11 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी Updated Sun, 10 Nov 2024 02:11 AM IST
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icu not made after 8 years
सिविल अस्पताल में रखे वेंटिलेटर। संवाद
प्रत्येक जिला अस्पताल में है आईसीयू का प्रावधान, सुस्त अफसरशाही और जनप्रतिनिधित्व के चलते जिलावासी हक से वंचित
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- हर साल आईसीयू की कमी के चलते 700 से अधिक मरीज किए जा रहे रेफर
संवाद न्यूज एजेंसी
चरखी दादरी। स्वास्थ्य सेवाओं में दादरी जिला काफी पिछड़ा है। जिला बनने के बाद 8 साल बाद भी सिविल अस्पताल में स्वास्थ्य विभाग आईसीयू तैयार नहीं कर पाया है। ऐसे में गंभीर मरीजों को यहां से रेफर करना ही एकमात्र विकल्प है। सुस्त अफसरशाही और कमजोर जनप्रतिनिधित्व इसका कारण है। जरूरतमंद मरीजों को इसका खामियाजा भुगतना पड़ रहा है।
वर्ष 2016 में दादरी को उपमंडल से जिले का दर्जा दिया गया था। जिला अस्पताल में आईसीयू (इन्टेंसिव केयर यूनिट) का प्रावधान है। इससे जिलावासियों को स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार और आईसीयू जैसी सुविधा का लाभ मिलने की उम्मीद जगी थी, लेकिन, ऐसा अब तक नहीं हो पाया है। कोरोना के समय अस्थायी आईसीयू बनाई गईं जो स्थिति सामान्य होते ही बंद कर दी गईं। इसके बाद आईसीयू की जरूरत अधिकारियों ने महसूस नहीं की। यही कारण है कि अब भी यह कमी दूर नहीं हो पाई है।
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आलम यह है कि थोड़ी सी भी गंभीर स्थिति के मरीज को प्राथमिक उपचार देकर रोहतक पीजीआई भेज दिया जाता है। वहीं, कई मरीजों की पीजीआई पहुंचने से पहले ही मौत हो जाती है। अगर समय रहते उन्हें सुविधा मिल जाए तो यकीनन कुछ मरीजों की जान बचाई जा सकती है। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग, जिला प्रशासन, विधायक और सांसद को इस ओर गौर करते हुए सिविल अस्पताल में आईसीयू की सुविधा शुरू करवानी चाहिए।
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- 35 वेंटिलेटर तो हैं, चलाने वाला कोई नहीं

कोरोना के समय आईसीयू तैयार करने के साथ ही जिला स्वास्थ्य विभाग ने अन्य संसाधन भी जुटाए थे। कोरोना से पहले जिला स्वास्थ्य विभाग के पास एक भी वेंटिलेटर नहीं था। पीएम फंड और डोनेशन के बाद 35 वेंटिलेटर मिल गए। फिजिशियन और बाल रोग विशेषज्ञ न होने के कारण इन वेंटिलेटर्स को चलाने वाला कोई नहीं है।



- खाली पद भरने के प्रयास अब तक नहीं चढ़े सिरे

विशेषज्ञों के खाली पद भरने के लिए जिला स्वास्थ्य विभाग मुख्यालय कई बार मांग भेज चुका है। इसके अलावा एनएचएम के तहत भी विशेषज्ञ भर्ती करने के प्रयास स्थानीय स्तर पर किए गए हैं। हालांकि, अब तक कोई भी प्रयास सिरे नहीं चढ़ पाया है। मेडिकल ऑफिसर व विशेषज्ञों की कमी बरकरार है।



वर्सन :

सिविल अस्पताल में आईसीयू होनी बेहद जरूरी है। आईसीयू के लिए जगह चिह्नित की जा चुकी है। प्रयास रहेगा कि जल्द से जल्द नागरिक अस्पताल में यह सुविधा शुरू करवा दी जाए।


-डॉ. राजविरेंद्र मलिक, सीएमओ, चरखी दादरी
वर्सन:
स्वास्थ्य विभाग से संसाधनों व विशेषज्ञों की कमी की अपडेट ले चुका हूं। जल्द ही स्वास्थ्य मंत्री से मुलाकात करूंगा। जिला स्तर की सभी स्वास्थ्य सेवाएं दादरी नागरिक अस्पताल में मुहैया कराई जाएंगी।
-सुनील सांगवान, विधायक, दादरी
फोटो 03
चरखी दादरी सिविल अस्पताल। संवाद
फोटो 04
सिविल अस्पताल में रखे वेंटिलेटर। संवाद
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