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Charkhi Dadri News: डेलीगेट सूची में ही भारी पक्षपात, इसलिए 9 साल से सत्ता में नहीं हाथ
Mon, 04 Sep 2023 11:42 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Mon, 04 Sep 2023 11:42 PM IST
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पर्यवेक्षकों के सामने नारेबाजी करते कांग्रेस कार्यकर्ता।
चरखी दादरी। कांग्रेस ने संभावित लोकसभा चुनाव के मद्देनजर संगठन गठन की प्रक्रिया पर काम शुरू कर दिया है। इसके मद्देनजर सोमवार को तीन सदस्यीय पर्यवेक्षक दल चरखी दादरी पहुंचा। बंद कमरे में उन्होंने उम्मीदवारों के समर्थकों से अलग-अलग फीडबैक लिया। इस दौरान कार्यकर्ताओं की पक्षपात की टीस पर भी बाहर आई। एक कार्यकर्ता ने तो पर्यवेक्षक के सामने ही बोल दिया कि जिले की डेलीगेट सूची में भारी पक्षपात है, और यही कारण है कि हाथ (कांग्रेस) 9 साल से सत्ता से बाहर है।
दोपहर करीब 12 बजे पर्यवेक्षक अनिल यादव, लाल बहादुर खोवाल और विजय प्रकाश विश्रामगृह में पहुंचे। उनके पहुंचने से पहले ही हुड्डा गुट से जुड़े अनिरुद्ध चौधरी समर्थकों ने नारेबाजी शुरू कर दी। इसे देखते हुए वहां मौजूद किरण गुट से जुड़े समर्थक भी नारेबाजी करने लगे। यहां दोनों गुट नारेबाजी के जरिये जोर-आजमाइश करते नजर आए। हालांकि पर्यवेक्षक के पहुंचने पर वो शांत हुए। इसके बाद पर्यवेक्षक दल ने अलग-अलग डेलीगेट को अंदर बुलाया और बंद कमरे में उनसे राय-शुमारी की। करीब तीन बजे तक ये प्रक्रिया चली और इसके बाद डेलीगेट सूची में शामिल पूर्व विधायक, मंत्री व संसदीय सचिव से भी मिले। वहीं, पर्यवेक्षक दल के समक्ष अपनी बात रखते हुए पंचायती राज प्रकोष्ठ जिला अध्यक्ष रणधीर घिकाड़ा ने कहा कि आपको टीस है कि 9 साल से हरियाणा में कांग्रेस सत्ता से बाहर है, इसका कारण ये है कि जो ऊपर से डेलीगेट की लिस्ट आई है उसमें पूरा पक्षपात है। संगठन को मजबूत करने के लिए ऐसा नहीं होना चाहिए, जो मेहनती कार्यकर्ता हैं उन्हें ही आगे रखा जाए।
एससी-बीसी वर्ग को भी मिले 20 प्रतिशत आरक्षण
कांग्रेस एससी प्रकोष्ठ से सुशील धानक ने पर्यवेक्षक के समक्ष मांग उठाई गई की कांग्रेस एससी और बीसी वर्ग की उपेक्षा न करे। प्रदेश में जो जिला अध्यक्ष बनाए जाने हैं उनमें कम से कम 20 प्रतिशत आरक्षण एससी और बीसी वर्ग को भी मिले। पर्यवेक्षक अनिल यादव ने उनकी ये बात हाईकमान तक पहुंचाने का आश्वासन दिया।
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नाम के पत्ते खोलने से बचे पर्यवेक्षक
कार्यकर्ताओं से राय-शुमारी के बाद अनिल यादव पत्रकारों से भी मिले। इस दौरान उन्होंने बताया कि जिला अध्यक्ष पद के लिए उनके सामने चार-पांच नाम आए हैं। हालांकि उन्होंने नाम साझा करने से अभी इन्कार दिया। वहीं, सूत्रों के अनुसार हुड्डा गुट समर्थकों की ओर से अनिल धनखड़ का और किरण चौधरी गुट समर्थकों ने अजीत फौगाट का नाम अनुमोदित। वहीं, पूर्व जिला पार्षद सुमित डुडीवाला ने खुद का नाम भी पर्यवेक्षक को दिया है।
जोश का था माहौल, इसलिए हुई नारेबाजी : अनिरुद्ध
दिवगंत सीएम बंसीलाल के पोते और बीसीसीआई के पूर्व चेयरमैन रणबीर सिंह महेंद्रा के बेटे अनिरुद्ध चौधरी ने कहा कि माहौल जोश का था, इसलिए कार्यकर्ताओं ने अपने समर्थकों के पक्ष में नारेबाजी की। इसे गुटबाजी के नजरिये से न देखा जाए। कांग्रेस आगामी चुनाव में गठबंधन सरकार को सत्ता से बेदखल करेगी।
जल्द ही संगठन का गठन कर दिया जाएगा। इसी सिलसिले में सोमवार को दादरी आए हैं। चार-पांच नाम सामने रखे गए हैं और जल्द ही राय-शुमारी की रिपोर्ट हाईकमान को सौंप देंगे।
अनिल यादव, पर्यवेक्षक, कांग्रेस
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दोपहर करीब 12 बजे पर्यवेक्षक अनिल यादव, लाल बहादुर खोवाल और विजय प्रकाश विश्रामगृह में पहुंचे। उनके पहुंचने से पहले ही हुड्डा गुट से जुड़े अनिरुद्ध चौधरी समर्थकों ने नारेबाजी शुरू कर दी। इसे देखते हुए वहां मौजूद किरण गुट से जुड़े समर्थक भी नारेबाजी करने लगे। यहां दोनों गुट नारेबाजी के जरिये जोर-आजमाइश करते नजर आए। हालांकि पर्यवेक्षक के पहुंचने पर वो शांत हुए। इसके बाद पर्यवेक्षक दल ने अलग-अलग डेलीगेट को अंदर बुलाया और बंद कमरे में उनसे राय-शुमारी की। करीब तीन बजे तक ये प्रक्रिया चली और इसके बाद डेलीगेट सूची में शामिल पूर्व विधायक, मंत्री व संसदीय सचिव से भी मिले। वहीं, पर्यवेक्षक दल के समक्ष अपनी बात रखते हुए पंचायती राज प्रकोष्ठ जिला अध्यक्ष रणधीर घिकाड़ा ने कहा कि आपको टीस है कि 9 साल से हरियाणा में कांग्रेस सत्ता से बाहर है, इसका कारण ये है कि जो ऊपर से डेलीगेट की लिस्ट आई है उसमें पूरा पक्षपात है। संगठन को मजबूत करने के लिए ऐसा नहीं होना चाहिए, जो मेहनती कार्यकर्ता हैं उन्हें ही आगे रखा जाए।
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एससी-बीसी वर्ग को भी मिले 20 प्रतिशत आरक्षण
कांग्रेस एससी प्रकोष्ठ से सुशील धानक ने पर्यवेक्षक के समक्ष मांग उठाई गई की कांग्रेस एससी और बीसी वर्ग की उपेक्षा न करे। प्रदेश में जो जिला अध्यक्ष बनाए जाने हैं उनमें कम से कम 20 प्रतिशत आरक्षण एससी और बीसी वर्ग को भी मिले। पर्यवेक्षक अनिल यादव ने उनकी ये बात हाईकमान तक पहुंचाने का आश्वासन दिया।
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नाम के पत्ते खोलने से बचे पर्यवेक्षक
कार्यकर्ताओं से राय-शुमारी के बाद अनिल यादव पत्रकारों से भी मिले। इस दौरान उन्होंने बताया कि जिला अध्यक्ष पद के लिए उनके सामने चार-पांच नाम आए हैं। हालांकि उन्होंने नाम साझा करने से अभी इन्कार दिया। वहीं, सूत्रों के अनुसार हुड्डा गुट समर्थकों की ओर से अनिल धनखड़ का और किरण चौधरी गुट समर्थकों ने अजीत फौगाट का नाम अनुमोदित। वहीं, पूर्व जिला पार्षद सुमित डुडीवाला ने खुद का नाम भी पर्यवेक्षक को दिया है।
जोश का था माहौल, इसलिए हुई नारेबाजी : अनिरुद्ध
दिवगंत सीएम बंसीलाल के पोते और बीसीसीआई के पूर्व चेयरमैन रणबीर सिंह महेंद्रा के बेटे अनिरुद्ध चौधरी ने कहा कि माहौल जोश का था, इसलिए कार्यकर्ताओं ने अपने समर्थकों के पक्ष में नारेबाजी की। इसे गुटबाजी के नजरिये से न देखा जाए। कांग्रेस आगामी चुनाव में गठबंधन सरकार को सत्ता से बेदखल करेगी।
जल्द ही संगठन का गठन कर दिया जाएगा। इसी सिलसिले में सोमवार को दादरी आए हैं। चार-पांच नाम सामने रखे गए हैं और जल्द ही राय-शुमारी की रिपोर्ट हाईकमान को सौंप देंगे।
अनिल यादव, पर्यवेक्षक, कांग्रेस