{"_id":"6066166b8ebc3e8d17722fea","slug":"government-purchase-of-wheat-from-four-farmers-on-the-first-day-and-mustard-sold-privately-charkhidadri-news-rtk60254097","type":"story","status":"publish","title_hn":"पहले दिन चार किसानों से हुई गेहूं की सरकारी खरीद और प्राइवेट तौर पर बिकी सरसों","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पहले दिन चार किसानों से हुई गेहूं की सरकारी खरीद और प्राइवेट तौर पर बिकी सरसों
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फसल खरीद सीजन के पहले दिन जिला मुख्यालय की मंडी में केवल चार किसानों ने सरकारी रेट पर गेहूं बेचा, जबकि 27 के पास मेसेज भेजा गया था। 300 किसानों को सरसों खरीद के लिए बुलाया गया था और एक भी किसान सरकारी समर्थन मूल्य पर अपनी फसल बेचने नहीं पहुंचा। दादरी मंडी में ओपन बोली लगाकर किसानों से आढ़तियों, मिल संचालकों और बाहर माल भेजने वालों ने सरसों खरीदी। बोली में सरसों का अधिकतम भाव 5000 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंचा, जबकि सरकारी समर्थन मूल्य 4650 रुपये हैं। इसके अलावा जेडएमईओ ने गेहूं से भरा एक ट्रक भी पकड़ा है।
एक अप्रैल से प्रदेश सरकार ने सभी जिलों में सरसों, गेहूं, जौ, चना और अन्य फसलों की खरीद शुरू कर दी है। दादरी जिले में सरसों की खरीद दादरी और बाढड़ा मंडी में हो रही है। वहीं, गेहूं की खरीद इन दो मंडियों के अलावा कादमा, बेरला, छपार, बौंदकलां या किसी समीपवर्ती गांव में होनी है। पहले दिन वीरवार को गेहूं की आवक बेहद कम रही। मार्केट कमेटी की तरफ से 27 किसानों को मंडी बुलाया गया था, लेकिन महज चार किसान ही गेहूं बेचने पहुंचे। इसके अलावा जिले के किसी खरीद केंद्र पर गेहूं की सरकारी खरीद नहीं हुई।
वहीं, सरसों की आवक की बात करें तो दादरी मंडी में करीब 4000 क्विंटल सरसों की निजी तौर पर खरीद की गई। 40 लैब रिपोर्ट की सरसों पांच हजार प्रति क्विंटल तक बिकी। किसान भी प्राइवेट तौर पर सरसों बेचकर खुश नजर आए।
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लैब रिपोर्ट के आधार पर इस बार खरीदी जा रही सरसों
दादरी मंडी में इस बार प्राइवेट तौर पर सरसों बेचने में किसानों का अधिक रुझान नजर आ रहा है। हालांकि इस बार प्रत्येक ढेरी की खरीद लैब रिपोर्ट के आधार पर की जा रही है। 40 लैब रिपोर्ट की सरसों वीरवार को पांच हजार और 38 लैब रिपोर्ट की सरसों 4850 रुपये प्रति क्विंटल के भाव बिकी।
अधिकारी और स्टाफ पूरा नहीं
खरीद सीजन शुरू हो गया है और छह से अधिक फसलों को इसमें खरीद होनी है। दादरी और बाढड़ा मंडी में एक से अधिक फसलों की खरीद एकसाथ होनी है, जबकि मार्केट कमेटी के पास पर्याप्त स्टाफ तक नहीं है। सचिव मेडिकल लिव पर चल रहे हैं, जबकि सह सचिव के पास और भी जिम्मेदारियां हैं। वीरवार को पहले दिन अधिकारी खरीद में ज्यादा रुचि लेते नजर नहीं आए।
जेडएमईओ ने पकड़ा गेहूं से भरा ट्रक
बुधवार रात हिसार रेंज के जेडएमईओ निहाल सिंह गोदारा ने चिड़िया मोड़ के समीप गेहूं से भरे ट्रक को पकड़ा है। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि गेहूं से लदा ट्रक अलवर से दादरी आने के लिए चला था। निहाल सिंह गोदारा ने चिड़िया मोड़ पर ट्रक को पकड़ लिया। ट्रक चालक गेहूं का बिल या कोई अन्य दस्तावेज पेश नहीं कर पाया। इस गेहूं की एवज में मार्केट फीस भरवाने के साथ जुर्माना भी लगाया जा सकता है। अधिकारी फिलहाल मामले की जांच में जुटे हैं।
किसान बोले- मिल रहा अच्छा भाव, भुगतान भी हाथों हाथ
मैं आज 15 एकड़ की सरसों बेचने मंडी आया हूं। प्राइवेट तौर पर सरसों बेचने में फायदा है। मैंने सरसों 4850 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से बेची है, जबकि सरकारी रेट 4650 रुपये है। प्रति क्विंटल मुझे 200 रुपये का फायदा हुआ है।
जोगेंद्र, बिरही कलां
- मैं दादरी मंडी में आज चार एकड़ की सरसों बेचने पहुंचा हूं। मैंने प्राइवेट तौर पर सरसों बेची है और मुझे प्रति क्विंटल 4800 रुपये का भाव मिला है। भुगतान भी हाथोंहाथ हो गया और फसल बेचने में लंबी चौड़ी प्रक्रिया से भी नहीं गुजरना पड़ा।
पारस, बिरही खुर्द
- मैं सुबह साढ़े नौ बजे मंडी पहुंचा था और साढ़े 11 बजे तक मैंने सरसों बेचकर भुगतान भी प्राप्त कर लिया है। प्राइवेट तौर पर सरकारी से अच्छा भाव मिल रहा है। मैंने 4750 रुपये के रेट पर अपनी सरसों बेची है। मंडी में व्यवस्थाएं ठीक हैं।
अजय, भैरवी
- मैं आज तीन एकड़ की सरसों बेचने दादरी मंडी आया हूं। मैंने 4950 रुपये प्रति क्विंटल के रेट पर सरसों बेची है। सरकारी समर्थन मूल्य के मुकाबले प्रति क्विंटल मुझे 300 रुपये अधिक रेट मिला है और भुगतान भी तुरंत हो गया।
सोनू, गोठड़ा
अभी गेहूं और सरसों की आवक कम ही है। वीरवार को पहले दिन चार ही किसान गेहूं बेचने पहुंचे, जबकि सरसों बेचने के लिए 300 में से एक भी किसान नहीं पहुंचा। जल्द ही मंडी में नए सचिव की तैनाती कर दी जाएगी।
निहाल सिंह गोदारा, जेडएमईओ, हिसार रेंज
दादरी मंडी में वीरवार को गेहूं की आवक कम ही रही, जबकि सरसों करीब 4000 क्विंटल पहुंची। 40 लैब की सरसों पांच हजार रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से खरीदी गई है।
रामकुमार रिटोलिया, प्रधान, नई अनाज मंडी
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एक अप्रैल से प्रदेश सरकार ने सभी जिलों में सरसों, गेहूं, जौ, चना और अन्य फसलों की खरीद शुरू कर दी है। दादरी जिले में सरसों की खरीद दादरी और बाढड़ा मंडी में हो रही है। वहीं, गेहूं की खरीद इन दो मंडियों के अलावा कादमा, बेरला, छपार, बौंदकलां या किसी समीपवर्ती गांव में होनी है। पहले दिन वीरवार को गेहूं की आवक बेहद कम रही। मार्केट कमेटी की तरफ से 27 किसानों को मंडी बुलाया गया था, लेकिन महज चार किसान ही गेहूं बेचने पहुंचे। इसके अलावा जिले के किसी खरीद केंद्र पर गेहूं की सरकारी खरीद नहीं हुई।
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वहीं, सरसों की आवक की बात करें तो दादरी मंडी में करीब 4000 क्विंटल सरसों की निजी तौर पर खरीद की गई। 40 लैब रिपोर्ट की सरसों पांच हजार प्रति क्विंटल तक बिकी। किसान भी प्राइवेट तौर पर सरसों बेचकर खुश नजर आए।
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लैब रिपोर्ट के आधार पर इस बार खरीदी जा रही सरसों
दादरी मंडी में इस बार प्राइवेट तौर पर सरसों बेचने में किसानों का अधिक रुझान नजर आ रहा है। हालांकि इस बार प्रत्येक ढेरी की खरीद लैब रिपोर्ट के आधार पर की जा रही है। 40 लैब रिपोर्ट की सरसों वीरवार को पांच हजार और 38 लैब रिपोर्ट की सरसों 4850 रुपये प्रति क्विंटल के भाव बिकी।
अधिकारी और स्टाफ पूरा नहीं
खरीद सीजन शुरू हो गया है और छह से अधिक फसलों को इसमें खरीद होनी है। दादरी और बाढड़ा मंडी में एक से अधिक फसलों की खरीद एकसाथ होनी है, जबकि मार्केट कमेटी के पास पर्याप्त स्टाफ तक नहीं है। सचिव मेडिकल लिव पर चल रहे हैं, जबकि सह सचिव के पास और भी जिम्मेदारियां हैं। वीरवार को पहले दिन अधिकारी खरीद में ज्यादा रुचि लेते नजर नहीं आए।
जेडएमईओ ने पकड़ा गेहूं से भरा ट्रक
बुधवार रात हिसार रेंज के जेडएमईओ निहाल सिंह गोदारा ने चिड़िया मोड़ के समीप गेहूं से भरे ट्रक को पकड़ा है। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि गेहूं से लदा ट्रक अलवर से दादरी आने के लिए चला था। निहाल सिंह गोदारा ने चिड़िया मोड़ पर ट्रक को पकड़ लिया। ट्रक चालक गेहूं का बिल या कोई अन्य दस्तावेज पेश नहीं कर पाया। इस गेहूं की एवज में मार्केट फीस भरवाने के साथ जुर्माना भी लगाया जा सकता है। अधिकारी फिलहाल मामले की जांच में जुटे हैं।
किसान बोले- मिल रहा अच्छा भाव, भुगतान भी हाथों हाथ
मैं आज 15 एकड़ की सरसों बेचने मंडी आया हूं। प्राइवेट तौर पर सरसों बेचने में फायदा है। मैंने सरसों 4850 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से बेची है, जबकि सरकारी रेट 4650 रुपये है। प्रति क्विंटल मुझे 200 रुपये का फायदा हुआ है।
जोगेंद्र, बिरही कलां
- मैं दादरी मंडी में आज चार एकड़ की सरसों बेचने पहुंचा हूं। मैंने प्राइवेट तौर पर सरसों बेची है और मुझे प्रति क्विंटल 4800 रुपये का भाव मिला है। भुगतान भी हाथोंहाथ हो गया और फसल बेचने में लंबी चौड़ी प्रक्रिया से भी नहीं गुजरना पड़ा।
पारस, बिरही खुर्द
- मैं सुबह साढ़े नौ बजे मंडी पहुंचा था और साढ़े 11 बजे तक मैंने सरसों बेचकर भुगतान भी प्राप्त कर लिया है। प्राइवेट तौर पर सरकारी से अच्छा भाव मिल रहा है। मैंने 4750 रुपये के रेट पर अपनी सरसों बेची है। मंडी में व्यवस्थाएं ठीक हैं।
अजय, भैरवी
- मैं आज तीन एकड़ की सरसों बेचने दादरी मंडी आया हूं। मैंने 4950 रुपये प्रति क्विंटल के रेट पर सरसों बेची है। सरकारी समर्थन मूल्य के मुकाबले प्रति क्विंटल मुझे 300 रुपये अधिक रेट मिला है और भुगतान भी तुरंत हो गया।
सोनू, गोठड़ा
अभी गेहूं और सरसों की आवक कम ही है। वीरवार को पहले दिन चार ही किसान गेहूं बेचने पहुंचे, जबकि सरसों बेचने के लिए 300 में से एक भी किसान नहीं पहुंचा। जल्द ही मंडी में नए सचिव की तैनाती कर दी जाएगी।
निहाल सिंह गोदारा, जेडएमईओ, हिसार रेंज
दादरी मंडी में वीरवार को गेहूं की आवक कम ही रही, जबकि सरसों करीब 4000 क्विंटल पहुंची। 40 लैब की सरसों पांच हजार रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से खरीदी गई है।
रामकुमार रिटोलिया, प्रधान, नई अनाज मंडी